नौकरी लगते ही मन में आया कार खरीदने का लालच, दो सिपाहियों ने बेचा अपना ईमान, परिवार भी शर्मिंदा
मेरठ के भावनपुर थाने के दो सिपाही, कार खरीदने के लालच में, हिस्ट्रीशीटर साजिद पिस्टल के संपर्क में आ गए और आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गए।

सिपाही आशीष कुमार और प्रसन्नचित्त
HighLights
सिपाहियों ने कार खरीदने के लालच में ईमान बेचा।
हिस्ट्रीशीटर साजिद पिस्टल से मिलीभगत कर रहे थे।
हर घटना पर साजिद से आठ हजार रुपये लेते थे।
नौकरी लगते ही मन में आया कार खरीदने का लालच, दो सिपाहियों ने बेचा अपना ईमान, परिवार भी शर्मिंदा
जागरण संवाददाता, मेरठ। 2025 बैच के सिपाही आशीष और प्रश्नचित्त आनंद की मई में भावनपुर थाने में पहली तैनाती हुई। थाना मिलने के बाद पुराने पुलिसकर्मियों को देखकर उनके मन में कार खरीदने का लालच आ गया, जिसके चलते दोनों ने अपना ईमान ही बेच दिया।
दरअसल, पांच माह की नौकरी में दोनों सिपाही हिस्ट्रीशीटर साजिद पिस्टल के संपर्क में आ गए। साजिद हर घटना के बाद दोनों को आठ-आठ हजार रुपये देता था। इससे पहले भी तीन घटनाओं में वह आठ-आठ हजार की रकम वसूली कर चुके थे। यह रकम सिपाही कार खरीदने के लिए जमा कर रहे थे।
दोनों पुलिसकर्मियों की कॉल डिटेल से यह भी सामने आया कि हर रोज वह साजिद पिस्टल और उनके साथियों के संग बातचीत करते थे। सोमवार को घटना के बाद भी आरोपितों की मदद कर रहे थे, इसीलिए उनको भी मुकदमे में आरोपित बनाया गया है।
आशीष और प्रश्नचित्त के इस कृत्य की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग भी हाथरस से मौके पर पहुंच गए। दोनों की करतूत पर वह शर्मिंदगी महसूस कर रहे थे।
भावनपुर थाना प्रभारी प्रताप सिंह का कहना है कि उन्होंने अपनी पहली मीटिंग में सभी पुलिसकर्मियों को स्पष्ट कर दिया था कि पुलिसिंग के अलावा अन्य कार्य छोड़ दें, लेकिन इन दोनों सिपाहियों ने संदेश को गंभीरता से नहीं लिया।
साजिद पिस्टल के साथ पार्टी भी कर चुके
साजिद पिस्टल को जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने जेल भेजा था, तभी से आशीष और प्रश्नचित्त उसके संपर्क में आ गए थे। जेल से छूटने के बाद साजिद ने दोनों पुलिसकर्मियों को हथियार बनाकर लूटपाट शुरू कर दी। इन सिपाहियों को अपने गिरोह में शामिल करने से पहले साजिद निजी लोगों को वर्दी पहनाकर साथ रखता था।
