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नकली नोटों के सौदागर के साथ पुलिसवाला भी गिरफ्तार, मेरठ में 50 हजार के बदले 37 गड्डियाें का हुआ था सौदा

Published: Wed, 07 Oct 2026 08:08 PM (GMT+05:30)

मेरठ में मोबाइल व्यापारी से असली नोटों के बदले नकली नोट देने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले ...और पढ़ें

आरोपितों के कब्जे से बरामद हुई गड्डियां

आरोपितों के कब्जे से बरामद हुई गड्डियां

HighLights

  1. मोबाइल व्यापारी से नकली नोटों का सौदा किया गया।

  2. दो पुलिसकर्मी भी नकली नोट गिरोह में शामिल पाए गए।

  3. पांच आरोपी गिरफ्तार, लूट के आरोप में जेल भेजे गए।

जागरण संवाददाता, मेरठ। मोबाइल व्यापारी से असली नोटों के बदले में तीन गुना नकली नोट देने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। गिरोह ने व्यापारी से 50 हजार में नोटों की 37 गड्डियों का सौदा किया, जिनमें डेढ़ लाख की रकम बताई गई थी। भावनपुर के ज्ञानपुर के बाहरी छोर पर नोटों की गिनती से पहले दो पुलिसकर्मी बाइक पर पहुंचे और एक आरोपित को अपने साथ ले गए। इसी बीच, व्यापारी ने यूपी-112 पर कॉल कर लूट का हल्ला मचाया।

व्यापारी के साथियों ने पुलिसकर्मियों की बाइक का पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। लोगों की भीड़ ने पीआरवी को दोनों सिपाही और एक आरोपित को छुड़ाने में मदद की। थाने में पूछताछ के बाद, हिस्ट्रीशीटर और उसके दो साथियों को लूट की धाराओं में रिमांड बनाकर जेल भेज दिया गया।

यह है पूरा मामला

मवाना के जयसिंहपुर निवासी इरशाद गांव में मोबाइल की दुकान चलाता है। रविवार को भावनपुर के ज्ञानपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर साजिद पिस्टल उसकी दुकान पर आया। साजिद ने इरशाद को बताया कि वह 50 हजार के बदले में डेढ़ लाख के नकली नोट देगा। उसने इरशाद को पांच-पांच सौ के असली पांच नोट दिए, जिन्हें इरशाद ने नकली समझकर चलाया। ये नोट असली थे, इसलिए किसी ने पहचान नहीं पाया।

तय समय के अनुसार, सोमवार को 11 बजे इरशाद अपने साथियों के साथ ज्ञानपुर के बाहरी छोर स्थित ट्यूबवेल पर 50 हजार लेकर पहुंचा। साजिद और उसके साथी, किनानगर निवासी अभिषेक और फैजान, ने नकली नोटों की 33 गड्डी निकाली। गड्डियों में ऊपर-नीचे असली नोट थे, जबकि बीच में कागज काटकर लगाया गया था।

गड्डी के नोट गिनने से पहले भावनपुर थाने में तैनात सिपाही प्रसन्नचित्त आनंद निवासी टीकरी कलां थाना कन्दराराऊ हाथरस और सिपाही आशीष कुमार निवासी नगला मेवा, सैपऊ हाथरस वहां पहुंचे। पुलिस को देखकर फैजान और आशीष भाग गए। दोनों सिपाही साजिद पिस्टल को नकली और असली रकम के साथ बाइक पर बैठाकर थाने ले गए।

सिपाही ने ही लीक की थी सूचना

इरशाद और उसके साथियों ने उनका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर दोनों सिपाही और साजिद को पकड़ लिया। इस बीच इरशाद के काल पर पीआरवी भी पहुंच गई। दोनों सिपाही और साजिद को थाने लाया गया, जहां सिपाहियों ने बताया कि नकली नोट चलाने वाले आरोपितों को दबोचा गया है। साजिद के पास अभिषेक और फैजान का मोबाइल था।

सिपाही प्रसन्नचित्त ने थाने से ही फैजान के मोबाइल पर कॉल की और उसे बताया कि पुलिस पीछा कर रही है, इसलिए गांव से भाग जाए। यह मोबाइल फोन साजिद पिस्टल से पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। इस घटना से सिपाहियों की पोल खुल गई।

पुलिस ने साजिद के साथियों फैजान और अभिषेक को पकड़कर पूछताछ की, जिसमें पता चला कि दोनों सिपाही लगातार उनके साथ थे और इससे पहले भी तीन घटनाएं कर चुके थे। पुलिस ने दोनों सिपाहियों को गिरफ्तार कर लिया।

एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि पांचों आरोपितों को लूट के मामले में रिमांड बनाकर जेल भेज दिया गया है। उनके पास से 25 हजार की नकदी, एक तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद की गई।