Delhi-NCR की तरह मेरठ की हवा हुई जहरीली, MIET स्टेशन पर 500 तक पहुंची PM 2.5 की मात्रा
मेरठ में वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया है, जहां पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा 500 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक दर्ज की गई है।

मेरठ में प्रदूषण से लोगों का हाल-बेहाल।
HighLights
मेरठ में पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 500 पहुंचा।
सड़कों पर धूल और पराली जलाने से प्रदूषण गंभीर हुआ।
आने वाले दिनों में प्रदूषण से राहत की संभावना नहीं।
जागरण संवाददाता, मेरठ। दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो रही है। मंगलवार को मेरठ का वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब के मानक से कम जरूर रहा लेकिन शहर के कई इलाके प्रदूषण के अति प्रभावित क्षेत्र बने रहे।
आरटीओ रोड, सेंट्रल मार्केट और सर्किट हाउस से सीएमओ कार्यालय जाने वाली सड़क पर बुरा हाल रहा।
उड़ रही धूल स्वास्थ्य के लिए गंभीर स्थिति उत्पन्न कर रही है। जगह-जगह सड़कों के किनारे केबल बिछाने के लिए गहरे गढ्ढे खोद दिए हैं। दिल्ली रुड़की बाईपास पर एमआइईटी कालेज स्थित एयर क्वॉलिटी मॉनीटरिंग स्टेशन में पीएम 2.5 और 10 की मात्रा 500 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक आंकी गई।
यह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रदूषक कणों की मात्रा मापने की उच्चतम सीमा है। यह स्थिति दोपहर दो से तीन बजे तक रही। पल्लवपुरम में शाम सात से रात नौ बजे तक पीएम 2.5 की मात्रा 300 से अधिक रही।
पिछले 24 घंटों में पाकिस्तान और पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं सामने आई हैं। उत्तर पश्चिम हवाएं धुएं को एनसीआर की ओर शिफ्ट कर रही हैं।
इसके चलते केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने वाहनों का कम से कम प्रयोग करने और सड़कों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए नियमित पानी छिड़काव के निर्देश दिए हैं। आने वाले दिनों में भी प्रदूषण से राहत की संभावना नहीं है।