यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pilot Martyr in Mig-21 Crash: बोले शहीद के पिता, मेरा तो लाल चला गया, दूसरे के जाने से पहले बंद कर दें मिग-21 की उड़ान
पंजाब के मोगा में विमान क्रैश होने से मेरठ के पायलट अभिनव की मौत हो गई। मौत की सूचना से ...और पढ़ें

मेरठ, जेएनएन। पंजाब के मोगा में विमान क्रैश होने से मेरठ के पायलट अभिनव की मौत हो गई। मौत की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया। भारतीय वायुसेना में स्क्वार्डन लीडर के तौर पर तैनात अभिनव चौधरी के पिता सत्येंद्र चौधरी डबडबाई आंखों से बोल पड़े कि देश के युवाओं से देश की सबसे पुरानी फाइटर प्लेन उड़वाई जा रही है। हर बार किसी न किसी तकनीकी खराबी के कारण किसी न किसी का लाल इस काल के गाल में समा जाता है। मेरा तो लाल चला गया लेकिन दूसरे का लाल जाने से पहले सरकार इस पुराने विमान को बंद कर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मेरी तरफ से सरकार को यही संदेश है कि और किसी के बेटे को शहादत मिले इससे पहले इस पुराने विमान को बंद कर देना चाहिए। अभिनव चौधरी के ताऊ के बेटे और बड़े भाई डाक्टर अनुज का कहना है कि मिग21 विमान देश के युवा फाइटर पायलटों के लिए उड़ते ताबूत की तरह ही है। पुरानी तकनीक अभी भी चली आ रही है। हर साल हमारे पायलट इसका शिकार हो रहे हैं। इसके बाद भी इसे बंद नहीं किया जा रहा है।
मेरठ के गंगा नगर क्षेत्र में गंगा सागर कालोनी में ही रहने वाले सत्येंद्र चौधरी के पड़ोसी कप्तान ज्ञान सिंह का कहना है कि रूस ने जिस फाइटर प्लेन को बनाया उसे उन्होंने अपनी फौज से 1980 में ही निकाल दिया। अभिनंदन भी इसी प्लेन को उड़ाते हुए पाकिस्तान सीमा में घुस गए थे और क्रैश होने पर किसी तरह बचे। फ़ोर्स में बढ़िया चीज होगी तभी देश की रक्षा हो सकेगी। निकम्मी चीज रहेगी तो देश की सुरक्षा के साथ हमारे बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में रहेगी। एक पायलट बनाने में इनका तो पूरा परिवार खत्म हो गया लेकिन सरकार को भी एक पायलट तैयार करने में करोड़ों रुपए लगते हैं। हर साल करोड़ों का नुकसान होने के बाद भी आखिर इस इसे बदला क्यों नहीं जा रहा है।
