इनोवेटिव Idea पर सरकार देगी 'इंस्पायर अवाॅर्ड', छात्रों की वैज्ञानिक सोच को मिलेगी उड़ान; जल्द कराएं रजिस्ट्रेशन
Inspire Award MANAK: केंद्र सरकार की इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत स्कूली विद्यार्थी 15 सितंबर तक नवाचारों के लिए ...और पढ़ें

AI जेनरेटिड फोटो।
HighLights
शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नामांकन का अंतिम अवसर 15 सितंबर तक।
चयनित छात्रों को प्रोटोटाइप हेतु ₹10,000 प्रोत्साहन राशि।
जागरण संवाददाता, मेरठ। स्कूली विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच और नवाचार को राष्ट्रीय मंच देने वाली केंद्र सरकार की इंस्पायर अवाॅर्ड मानक योजना के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नामांकन का अंतिम अवसर 15 सितंबर तक है। मेरठ में अधिक से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्यों और विज्ञान शिक्षकों को प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और राष्ट्रीय नवाचार फाउंडेशन (NRF) की इस योजना के तहत कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थी अपने मौलिक, वैज्ञानिक और समाजोपयोगी विचार प्रस्तुत कर सकते हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) जगदीश प्रसाद शुक्ला और इंस्पायर अवाॅर्ड की जिला नोडल एवं एसआरजी विज्ञान रुचिरा चंदेल ने जिले के राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त वित्तविहीन हाईस्कूल व इंटर कालेजों के प्रधानाचार्यों से पात्र विद्यार्थियों के नामांकन समय से कराने की अपील की है।
प्रधानाचार्यों के बाद विज्ञान शिक्षकों को दिया प्रशिक्षण
योजना को लेकर पहले प्रधानाचार्यों की आनलाइन संवेदीकरण बैठक हुई। इसके बाद एमआइईटी परिसर में विज्ञान शिक्षकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें शिक्षकों को विद्यार्थियों के मौलिक विचारों की पहचान, उन्हें वैज्ञानिक स्वरूप देने और पोर्टल पर सही ढंग से प्रस्तुत करने का प्रशिक्षण दिया गया।
एसीआइसी एमआइईटी फाउंडेशन के सीईओ प्रशांत कुमार ने प्रोटोटाइप तैयार करने, आधुनिक तकनीक के उपयोग और रोजमर्रा की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान पर आधारित माडल विकसित करने के तरीके बताए। एसआरजी गणित आरती ने वैज्ञानिक सोच के साथ तार्किक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर दिया। जिला समन्वयक ने विभागीय समन्वय, ई-एमआइएएस पोर्टल के संचालन और समयबद्ध आवेदन की प्रक्रिया समझाई।
एक विद्यार्थी को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
योजना में स्कूल स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को अपने मॉडल या प्रोटोटाइप के निर्माण के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दी जाती है। नामांकन के दौरान विद्यार्थी के मौलिक विचार का संक्षिप्त विवरण और उसके व्यावहारिक उद्देश्य की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। विचार का विवरण अधिकतम 300 शब्दों में प्रस्तुत किया जाता है।
रुचिरा चंदेल ने बताया कि इंस्पायर अवाॅर्ड महज प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की वैज्ञानिक जिज्ञासा और नवाचार को पहचान देने का मंच है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के विचारों को गंभीरता से लेकर उन्हें बेहतर ढंग से प्रस्तुत कराने का आह्वान किया।
पांच चरणों में आगे बढ़ता है चयन
इंस्पायर अवार्ड की चयन प्रक्रिया कई चरणों में होती है। स्कूल स्तर पर प्रधानाचार्य विद्यार्थियों के विचार पोर्टल पर अपलोड करते हैं। इसके बाद जिला स्तर पर चयनित विद्यार्थी प्रदर्शनी में माडल प्रस्तुत करते हैं। चयन की प्रक्रिया राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचती है, जहां श्रेष्ठ नवाचारों को आगे बढ़ाया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित मंचों पर अपने नवाचार प्रस्तुत करने, वैज्ञानिक संस्थानों से मार्गदर्शन प्राप्त करने और नवाचार से जुड़े राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलता है।
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पिछले वर्ष 118 विद्यार्थियों को मिली मदद
मेरठ ने पिछले वर्ष इस योजना में उल्लेखनीय भागीदारी की थी। 2025 में जिले के 688 विद्यालयों से 3,242 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 118 विद्यार्थियों का चयन जिला स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता के लिए हुआ। चयनित सभी 118 विद्यार्थियों के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से पहुंचाई जा चुकी है।
15 सितंबर तक करना होगा नामांकन
डीआइओएस जगदीश प्रसाद शुक्ला ने कहा कि अंतिम तिथि अब नजदीक है। आनलाइन बैठक और एमआइईटी की कार्यशाला में प्रधानाचार्यों व विज्ञान शिक्षकों को नामांकन प्रक्रिया की जानकारी दी जा चुकी है। ऐसे में कोई भी योग्य विद्यार्थी जानकारी या मार्गदर्शन के अभाव में इस अवसर से वंचित नहीं होना चाहिए।
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विद्यालयों के प्रधानाचार्य अथवा नामित इंस्पायर प्रभारी शिक्षक पोर्टल पर स्कूल कोड के माध्यम से लागिन कर विद्यार्थियों का विवरण और प्रोजेक्ट का संक्षिप्त सारांश अपलोड कर सकते हैं। इंस्पायर मानक ऐप के माध्यम से भी नामांकन की सुविधा उपलब्ध है। नामांकन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 है।
