मेरठ में कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर वाली UP की पहली पुलिस लाइन, AIIMS के डॉक्टर भी देंगे सलाह; जिलेभर के रोगियों की होगी जांच
Meerut News: मेरठ की पुलिस लाइन नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर के नवीन भवन का भूमि पूजन हुआ। नया भवन तीन-चार महीने में बनकर तैयार हो जाएगा।

मेरठ के पुलिस लाइन नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर के भूमि पूजन कार्यक्रम में विचार व्यक्त करते राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकान्त बाजपेई।
HighLights
कैंसर की पुष्टि होने पर मरीज का होगा रजिस्ट्रेशन।
नया भवन तीन-चार महीने में बनकर होगा तैयार।
जागरण संवाददाता, मेरठ। जनपद वासियाें को कैंसर की जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर के प्रस्तावित नवीन भवन का भूमि पूजन हुआ। पुलिस लाइन परिसर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में राज्यसभा सदस्य डाक्टर लक्ष्मीकान्त बाजपेयी, कमिश्नर भुवन चंद्र गोस्वामी, एडीजी भानु भास्कर और डीआईजी कला निधि नैथानी ने पूजन में भाग लिया। डीआइजी ने बताया मेरठ की पुलिस लाइन प्रदेश की यह पहली पुलिस लाइन है जहां पर कैंसर स्क्रीनिंग केंद्र खुलने जा रहा है। इसका लाभ जनपद के 40 लाख लोगों को मिलेगा।
डा. लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने कहा कैंसर स्क्रीनिंग एवं रेफरल की समन्वित स्वास्थ्य सेवा आरंभ होगी। सिर्फ पुलिस के ही नहीं पूरे मेरठ से कैंसर के मरीजों के सैंपल यहां पर एकत्र किए जाएंगे और उनकी स्क्रीनिंग होगी। यह पूरी तरह निश्शुल्क होगा। नया भवन तीन-चार महीने में बनकर तैयार होगा, लेकिन सैंपल के एकत्रीकरण और जांच का काम आरंभ हो जाएगा। सैंपल की जांच मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में की जाएगी। एम्स दिल्ली के चिकित्सकों द्वारा टेली मेडिसिन माध्यम से मरीज को परामर्श दिया जाएगा।
'कैंसर के मरीज से कहें इसका 100 प्रतिशत उपचार संभव है'
एडीजी भानु भास्कर प्रसिद्ध आंकोलाजिस्ट डा. सिद्धार्थ मुखर्जी की किताब का हवाला देते हुए कहा कि कैंसर को बीमारी न समझे यह आटो इम्यून डिसार्डर है जो 100 प्रतिशत इलाज संभव है। कैंसर अपने आप में एक भय बन गया है। पीड़ित व्यक्ति का आधा दम इसकी पुष्टि होने पर ही निकल जाता है। ऐसे में जब चिकित्सक और आशा उससे कहेंगे कि तुम बहुत जल्दी ठीक हो जाओगे तो उसका मनोबल बढ़ता है। कहा लाइफस्टाइल, खानपान में बदलाव और अच्छे उपचार से कैंसर पर काबू पाया जा सकता है।
कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर खुलना स्वास्थ्य के क्षेत्र एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे सेंटर जैसे-जैसे खुलेंगे कैंसर की जांच समय पर हो पाएगी और इलाज संभव होगा। कहा आशाओं की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण हैं।
मेडिकल कालेज में बनेगा एम्स का आउट रीच सेंटर
राज्यसभा सदस्य ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मेरठ में हर कैंसर के मरीज को पहली स्टेज में पता लगाया जा सके इसके लिए इस सेंटर की स्थापना की गई है। कहा इस सेंटर को मेडिकल कालेज को सौंप दिया जाएगा। मेरठ मेडिकल कालेज को एम्स का आउट रीच सेंटर बनाने की योजना है। जिसमें कैंसर के साथ अलग-अलग रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक विशेष दिनों में मेडिकल कालेज में अपनी सेवाएं देंगे। ताकि मेरठ के मरीज को उपचार के लिए दिल्ली न जाना पड़े। संचालन डा. अंकुर त्यागी ने किया। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. मनोज कुमार सैन, मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डा. आरसी गुप्ता, सीएमओ रामप्रसाद मौजूद रहे।
यह होगी इलाज की प्रक्रिया
राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने अस्पताल के भवन के लिए 36.65 लाख और चिकित्सा उपकरण हेतु 23.04 लाख अपनी निधि से दिए हैं। पुलिस लाइन स्थित स्क्रीनिंग सेंटर में डिजिटल एक्सरे मशीन भी लगेगी। जिससे टीबी के साथ लंग कैंसर का भी पता लग सकेगा।
सेंटर के माध्यम एम्स के चिकित्सकों से उपचार की सुविधा होगी। कैंसर की पुष्टि होने पर मरीज का रजिस्ट्रेशन होगा। उसकी आभा आइडी बनायी जाएगी। आनलाइन रेफरल होगा। जिसके बाद एम्स दिल्ली के चिकित्सक टेली कंसल्टेंसी देंगे। उसके बाद ओपीडी नंबर भी मरीज को मिलेगा। जिसके बाद एम्स के आंकोलाजी विभाग में उसका उपचार आरंभ हो सकेगा।
