ऊन रंगने वाली डाई से हरी की जा रहीं सब्जियां, प्रयोगशाला जांच में हुई पुष्टि, सोचिए क्या खा रहे आप?
मेरठ में सब्जियों को ताजा दिखाने के लिए मैलाकाइट ग्रीन जैसे घातक रसायनों का प्रयोग किया जा रहा है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
सब्जियों को ताजा दिखाने के लिए घातक रसायनों का प्रयोग।
मैलाकाइट ग्रीन लिवर के लिए बेहद हानिकारक रसायन है।
मेरठ में 8 सैंपल में मैलाकाइट ग्रीन की पुष्टि हुई।
जागरण संवाददाता, मेरठ। आप बाजार में ताजी, सुंदर और सुडौल दिखने वाली सब्जियां खरीद रहे हैं तो सावधान हो जाएं। इन सब्जियों को ताजा दिखाने के लिए घातक रंगों और रसायनों का प्रयोग किया जा रहा है। दिखने में ये सब्जियां भले ही ताजा, स्वस्थ और आकर्षक लगें लेकिन रसायनों के प्रयोग से इनकी पौष्टिकता घट जाती है।
पालक, धनिया, मटर, हरी मिर्च, भिंडी, सेम और कुछ अन्य सब्जियों को मैलाकाइट ग्रीन नामक घातक रसायन से रंगकर बेचा जा रहा है। प्रयोगशाला की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। इस रसायन का प्रयोग ऊन को चमकीली रंगत देने समेत अन्य औद्योगिक कामों में किया जाता है। यह रसायन खासतौर पर लिवर के लिए नुकसानदेह है।
आठ सैंपल अधोमानक मिले
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने गत जनवरी में पालक, हरा धनिया, मटर, सेम, भिंडी आदि सब्जियों के 22 सैंपल लिए थे। जांच रिपोर्ट के अनुसार, पालक, हरा धनिया, मटर समेत आठ सैंपल अधोमानक पाए गए।
इन्हें स्वस्थ और तरोताजा दिखाने के लिए घातक रसायन मैलाकाइट ग्रीन का प्रयोग किया गया था। जो सैंपल अधोमानक मिले हैं, वे रुड़की रोड स्थित शिवम, दिल्ली रोड स्थित मनोज कुमार, लालकुर्ती से रमेश, सोनू, विकास, आशुतोष, अरविंद, विवेक के के रेहडे से लिए गए थे। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद टीम ने जांच की तो उक्त विक्रेता इन ठिकानों पर नहीं मिले।
बासी सब्जियों का ताजा दिखाने के लिए करते हैं प्रयोग
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी का कहना है कि पालक, हरा धनिया और मटर ज्यादा दिन तक रखे रहने से मुरझा जाते हैं। उनमें ताजापन दिखाने के लिए पानी में हरा रंग घोलकर सब्जियों को इसमें डुबो दिया जाता है। उम्दा ब्रांड के खाद्य रंग शरीर के लिए सुरक्षित हैं लेकिन घातक रंगों का प्रयोग सेहत के लिए नुकसानदायक होता है।
लिवर को प्रभावित करता मैलाकाइट ग्रीन
सब्जियां शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखती हैं लेकिन सब्जियों में रंग या केमिकल लगाने से इनकी पौष्टिकता घट जाती है। मैलाकाइट ग्रीन रसायन घातक होता है। इसका प्रयोग ऊन को चमकीला करने समेत अन्य कामों में किया जाता है। इस रसायन से रंगी सब्जियों के लगातार सेवन से शरीर पर विषाक्त प्रभाव पड़ता है। खासतौर पर इसका प्रयोग लिवर के लिए नुकसानदेह है। बीपी, शुगर, किडनी के मरीज बढ़ रहे हैं। इनका एक कारण सब्जियों में घातक रंगों या रसायनों का प्रयोग भी है। मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन भी नुकसानदायक है।
-डाॅ. अरविंद त्रिवेदी, वरिष्ठ फिजिशियन लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज
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