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चंदौली में खाद्य सामग्री में मिलावट करने पर 17 दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा, 3.85 लाख रुपये का लगा जुर्माना

Published: Thu, 08 Oct 2026 02:46 PM (IST)

चंदौली में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में 26 खाद्य सामग्री के नमूने फेल पाए गए हैं, जिनमें खोवा, पनीर और मसालों में मिलावट की पुष्टि हुई।

खाद्य सामग्री में मिलावट करने पर 17 दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा।

खाद्य सामग्री में मिलावट करने पर 17 दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा।

HighLights

  1. खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में 26 नमूने फेल हुए।

  2. खोवा, पनीर और मसालों में मिलावट की पुष्टि हुई।

  3. 17 मिलावटखोरों पर मुकदमा, 3.85 लाख का जुर्माना।

जागरण संवाददाता, चंदौली। त्योहारों के बीच जिले में बिक रही खाद्य सामग्री जैसे खोवा, पनीर, दूध, मसाला, अनाज और पानी की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में 26 नमूने फेल हो गया है। जांच में पाया गया है कि खोवा, पनीर आदि में जहां यूरिया सहित अन्य केमिकल युक्त पदार्थ की मिलावट की गई थी तो वहीं मसाला आदि में कृत्रिम रंग और ईंट का भूरा मिलाने की पुष्टि हुई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 17 मिलावटखारों के खिलाफ अदालत में परिवाद दाखिल किया है।

पिछले छह माह में विभाग की ओर से 97 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। इनमें 59 नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। जांच में 33 नमूने मानक के अनुरूप मिले, जबकि 26 नमूने फेल पाए गए। इनमें 23 नमूने अधोमानक और तीन नमूने खाद्य सुरक्षा के लिहाज से खाने योग्य नहीं पाए गए।

खाद्य पदार्थों में इस तरह करते है मिलावट

खाद्य पदार्थों में मिलावट का दायरा मिठाइयों तक सीमित नहीं है। मसालों में कृत्रिम रंग, ईंट का चूरा और सस्ते पदार्थ, मिठाइयों में मिलावटी खोया, गैर-मानक रंग और स्टार्च की मिलावट हो सकती है। पनीर और खोया में स्टार्च, वनस्पति वसा तथा गैर-डेयरी सामग्री की जांच की जाती है।

दालों में कृत्रिम रंग, दूसरे दाने और कंकड़-पत्थर, जबकि अनाज में मिट्टी, भूसी और अन्य बाहरी पदार्थों की मिलावट पकड़ी जा सकती है। पैकेट बंद खाद्य पदार्थों में निर्धारित मानकों से अधिक रंग, संरक्षक और अन्य अवांछित तत्वों की जांच होती है।

48 मामलों में 3.85 लाख रुपये जुर्माना

सहायक आयुक्त खाद्य धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से मसाला, मिठाई, पनीर, खोया, दाल-अनाज, पैक और बोतल बंद पानी के नमूनों की जांच की गई। मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी है।

अब तक 48 मामलों में एडीएम न्यायालय की ओर से 3.85 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला से शेष नमूनों की रिपोर्ट मिलने के बाद उनके आधार पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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