वीरता पदक विजेताओं और उनके परिवारों को लाइफटाइम फ्री रेल यात्रा, ई-पास के जरिए होगी टिकट बुकिंग
रक्षा मंत्रालय ने वीरता पदक विजेताओं और उनके आश्रित परिवारों को आजीवन नि:शुल्क रेल यात्रा सुविधा को मंजूरी दी है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
रक्षा मंत्रालय ने वीरता पदक विजेताओं को आजीवन रेल यात्रा सुविधा दी।
आश्रित परिवार व अविवाहित बलिदानियों के माता-पिता भी लाभान्वित होंगे।
फर्स्ट क्लास, सेकेंड एसी, एसी चेयर कार में मिलेगी यह सुविधा।
जागरण संवाददाता, मेरठ। देश की रक्षा में अदम्य साहस दिखाने वाले सैनिकों के सम्मान में रक्षा मंत्रालय ने महत्वपूर्ण पहल की है। सेना मेडल, नौसेना मेडल और वायुसेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित वीरता पदक विजेताओं को भारतीय रेल में आजीवन यात्रा सुविधा देने की मंजूरी दी गई है। इसका लाभ उन पर आश्रित परिवार के सदस्यों और अविवाहित बलिदानी पदक विजेताओं के माता-पिता को भी मिलेगा।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पात्र लाभार्थी फर्स्ट क्लास, सेकेंड एसी और एसी चेयर कार में निश्शुल्क यात्रा कर सकेंगे। सेना के एडीजीपीआइ की ओर से जारी सूचना के अनुसार, योजना लागू करने के लिए डिजिटल और पेपरलेस प्रक्रिया तैयार की गई है।
पात्र लाभार्थी इंडियन रेलवे कंसेशन कार्ड पोर्टल (आइआरसीसीपी) पर आनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। सत्यापन के बाद उन्हें आनलाइन ई-पास जारी किया जाएगा। इसके आधार पर एक नवंबर 2026 से आइआरसीटीसी के वेब पोर्टल के माध्यम से टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू होगी।
पश्चिम के 15 जिलों में करीब 250 लाभार्थी परिवार
पश्चिम यूपी सब एरिया के अंतर्गत 15 जिलों में करीब 250 परिवार ऐसे हैं जिन्हें इस नई व्यवस्था का लाभ मिलेगा। इनमें वीरता पुरस्कार प्राप्त वर्तमान व पूर्व सैनिकों के साथ वीर नारी भी हैं। इन जिलों में कुल पंजीकृत पूर्व सैनिकों की संख्या करीब 1.24 लाख और वीर नारी व सैन्य परिवारों की विधवा महिलाओं की संख्या करीब 2,648 है। मेरठ छावनी देश की दूसरी सबसे बड़ी सैन्य क्षमता वाली छावनी है।
मैं इस पहल को पूर्व सैनिकों और वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों की गरिमा, पहचान और सामाजिक सम्मान बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम मानता हूं। इस तरह की पहल से सेवारत सैनिकों का मनोबल और बढ़ेगा। इसका सकारात्मक प्रभाव आने वाली पीढ़ी पर भी पड़ेगा। यह केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि सैनिकों और राष्ट्र के बीच भरोसे को और मजबूत करने वाला कदम है।
-कर्नल (सेनि.) आरएस मलिक
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सरकार द्वारा वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और उनके परिवारों को यात्रा की सुविधा देना निश्चित रूप से सराहनीय पहल है। हालांकि, मेरा मानना है कि इसमें एक महत्वपूर्ण पहलू पर और ध्यान दिया जाना चाहिए। अभी सभी संबंधित पुरस्कार विजेताओं को एक ही श्रेणी में रखकर द्वितीय एसी की सुविधा दी गई है, जबकि परमवीर चक्र और महावीर चक्र विजेताओं को प्रथम एसी की सुविधा प्राप्त है। मेरा सवाल यह है कि वीर चक्र विजेताओं को भी प्रथम एसी की सुविधा क्यों नहीं दी जानी चाहिए? यह भी देश के सर्वोच्च सैन्य वीरता पुरस्कारों की श्रेणी में आता है। परमवीर चक्र और महावीर चक्र विजेताओं की संख्या पूरे देश में बहुत अधिक नहीं है।
-ब्रिगेडियर (सेनि.) जेके तोमर
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रक्षा मंत्रालय की ओर से वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए निश्शुल्क रेल यात्रा की सुविधा देने का कदम बेहद हृदयस्पर्शी और स्वागत योग्य है। यह केवल यात्रा की सुविधा नहीं है, बल्कि उन बहादुर सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता और सम्मान की अभिव्यक्ति है। इस सुविधा से वीरता पुरस्कार विजेता और उनके परिवार देशभर में आसानी से यात्रा कर सकेंगे।
-स्क्वाड्रन लीडर क्षितिज कुमार, पूर्व फाइटर पायलट, भारतीय वायुसेना
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