Divya Mittal: मेरठ से शुरू हुआ था बतौर अफसर पूर्व IAS दिव्या मित्तल का प्रशासनिक सफर, यहां दो पदों पर रही उनकी तैनाती
IAS Divya Mittal: आईएएस से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की घोषणा करने वाली दिव्या मित्तल की पहली पोस्टिंग मेरठ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में हुई थी।

पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल। फाइल फाेटो
HighLights
दिव्या मित्तल की पहली आईएएस पोस्टिंग मेरठ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में हुई।
आईएएस से इस्तीफा देने वालीं दिव्या मित्तल एसडीएम मवाना के पद पर भी रहीं।
जागरण संवाददाता, मेरठ। आईएएस से इस्तीफा देकर उत्तर प्रदेश में राजनीति करने की घोषणा करने वालीं दिव्या मित्तल का मेरठ से भी नाता रहा है। मसूरी में ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग बतौर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मेरठ में ही हुई थी। मेरठ में वे लगभग डेढ़ साल तक तैनात रहीं थी।
27 नवंबर 2015 को उन्होंने मेरठ में ज्वाइन किया था। यहां ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में और एसडीएम मवाना पद पर काम किया। लगभग 12 दिन उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी का पदभार भी संभाला। मेरठ से दो मई 2017 को उनका तबादला गोंडा जनपद में सीडीओ के पद पर हुआ था।
दिव्या मित्तल 13 साल प्रशासनिक सेवा रहीं
2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने इसी साल 30 अगस्त को प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। उनका इस्तीफा 15 सितंबर को शासन ने स्वीकार कर लिया गया।
आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से की पढ़ाई
आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई करने वाली दिव्या मित्तल संत कबीरनगर, मीरजापुर और देवरिया समेत कई जिलों की जिलाधिकारी के पद पर रह चुकी हैं। मीरजापुर जिले के गांव लहुरियादह गांव में पाइप से पानी पहुंचाने की उनकी पहल की खूब चर्चा हुई।
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वीडियो की हो रही चर्चा
दिव्या मित्तल ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने व्यवस्था पर कई सवाल उठाए हैं। इसमें यह भी कहा कि स्वीकृति के तीन साल बाद भी लहुरिया दह में स्कूल नहीं बन सका है।
कहा कि निरीक्षण के दौरान एक महिला ने पानी की बजाए उनसे बच्चों के लिए स्कूल मांगा था। नियम के अनुसार स्वीकृत करने के तीन साल बाद भी यह स्कूल नहीं बना है। उन्होंने राजस्व विभाग की कार्यशैली पर भी दुख जताया।
