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BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला का ऐलान, यूपी में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा विस्तार; वाराणसी के बाद अब पश्चिमी यूपी की बारी

Published: Sun, 04 Oct 2026 05:36 AM (IST)

बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने घोषणा की कि वाराणसी में यूपीसीए का अपना स्टेडियम बनने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने यूपी में क्रिकेट विस्तार की घोषणा की।

  2. वाराणसी के बाद पश्चिमी यूपी में बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम।

  3. यूपीसीए का पहला अपना स्टेडियम वाराणसी में होगा शुरू।

जागरण संवाददाता, मेरठ। उत्तर प्रदेश में क्रिकेट के बढ़ते दायरे के बीच अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष एवं सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि वाराणसी में यूपीसीए का अपना स्टेडियम तैयार हो रहा है। इसके बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी स्टेडियम के निर्माण की दिशा में काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कानपुर का ग्रीन पार्क हेरिटेज स्टेडियम है, जबकि लखनऊ का इकाना स्टेडियम लीज मॉडल पर संचालित है।

वाराणसी में बनने वाला स्टेडियम प्रदेश में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का अपना पहला स्टेडियम होगा। इस स्टेडियम का शुभारंभ वुमन प्रीमियर लीग से होगा।
राजीव शुक्ला शनिवार को मेरठ कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डा. युद्धवीर सिंह के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। उन्होंने भारतीय क्रिकेट की हालिया उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। कहा कि एशियाई खेलों में भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया। यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि देश में क्रिकेट की प्रतिभाओं की कमी नहीं है। मुख्य टीम के किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय दौरे पर होने के बावजूद दूसरी टीम का मजबूत प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट की बेंच स्ट्रेंथ को दर्शाता है।

क्रिकेट के साथ शिक्षा और रोजगार पर भी जोर
राजीव शुक्ला ने कहा कि देश के सामने शिक्षा और रोजगार बड़ी चुनौतियां हैं। लगातार परीक्षाओं और परीक्षा संबंधी विवादों के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों का समय प्रभावित होता है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर जोर देने की जरूरत बताई। नई शिक्षा नीति में भी बदलाव को अहम बताया। उनका कहना था कि केवल स्कूल-कालेजों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, योग्य शिक्षक और बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था भी जरूरी है।

उन्होंने रोजगार के सवाल पर निजी क्षेत्र की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कहा कि सरकारी नौकरियां सीमित हैं, ऐसे में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर निजी क्षेत्र से ही पैदा हो सकते हैं। व्यापार और उद्योग के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना जरूरी है, ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके।

जेन-जी की पीड़ा को टकराव से नहीं दबा सकते
पूर्व राज्यसभा सदस्य केसी त्यागी ने कहा कि आज प्राचार्यों और शिक्षण संस्थानों के सामने नई पीढ़ी की अपेक्षाओं और समस्याओं को समझने की चुनौती है। उन्होंने कहा कि जेन-जी की पीड़ा को टकराव से दबाया नहीं जा सकता। युवाओं में व्यवस्था को लेकर जो असंतोष है, उसके पीछे लंबे समय से चली आ रही समस्याएं हैं। शिक्षा व्यवस्था में आए बदलाव और नई पीढ़ी के साथ बढ़ती दूरी को कम करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि यह असंतोष बना रहा तो न तो प्राचार्य सुरक्षित रहेंगे और न ही शासन-प्रशासन सुचारु रूप से चल पाएगा।

युद्धवीर सिंह की अगली बड़ी पारी का इंतजार
पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने क्रिकेट की भाषा में कहा कि डा. युद्धवीर सिंह ओवर खत्म होने पर पवेलियन लौटे हैं, अब उनके सामने समाज, खेल और शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी पारी खेलने की संभावनाएं हैं। सम्मान समारोह में मेरठ कालेज प्रबंध समिति के पदाधिकारी व शिक्षकों, देवनागरी शिक्षा समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों सहित समाज के अन्य प्रबुधजनों ने सम्मानित किया। प्रोफेसर युद्धवीर सिंह ने लंबे शैक्षणिक कार्यकाल व खेल की दुनिया में सभी सहयोगियों का आभार प्रकट किया।

समारोह में डीएन कालेज के अर्थशास्त्र विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष व प्रोफेसर युद्धवीर के गाइड डा. जेसी पंत, सीसीएसयू के पूर्व कुलपति प्रोफेसर एनके तनेजा, कार्यक्रम संयोजक राम कुमार गुप्ता, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, चौधरी यशवीर सिंह, अश्वनी त्यागी, उमेश कुमार और डीएन कालेज प्रबंधन से संजीव त्यागी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती विद्या मंदिर के विद्यार्थियों ने भजन प्रस्तुति और वाणी इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से की।

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