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मेरठ जनपद में बढ़ेंगे रजिस्ट्री आफिस, लखनऊ भेजा गया तीन का प्रस्ताव

By Anuj Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 04 Oct 2026 05:30 AM (IST)

मेरठ जनपद में रजिस्ट्री कार्यालयों में बढ़ती भीड़ और ऑनलाइन टाइम स्लॉट की वेटिंग को देखते हुए तीन नए कार्यालय ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)

(प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. मेरठ में रजिस्ट्री कार्यालयों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव।

  2. सरधना, मवाना, सदर में एक-एक नया कार्यालय खुलेगा।

  3. बढ़ती भीड़ और वेटिंग के कारण लिया गया यह निर्णय।

जागरण संवाददाता, मेरठ। रजिस्ट्री कार्यालयों में रोजाना उमड़ने वाली भीड़ और आनलाइन टाइम स्लाट लेने में भी वेटिंग को देखते हुए शासन ने प्रदेश के जनपदों में रजिस्ट्री (उप निबंधक) कार्यालयों की संख्या बढ़ाने की तैयारी की है। मेरठ जनपद में सरधना, मवाना और सदर क्षेत्र में एक एक कार्यालय बढ़ाने का प्रस्ताव है। जिसपर शासन ने स्थानीय अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। मंडल के हापुड़, गाजियाबाद और बुलंदशहर जनपदों में भी रजिस्ट्री कार्यालय बढ़ाने के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं।

संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए उप निबंधक कार्यालय जाने वाले लोगों को वहां भारी परेशानी उठानी पड़ती है।इन कार्यालयों में काम का भारी दबाव है। दरअसल, रजिस्ट्री के लिए पहले आनलाइन पंजीकरण करके टाइम स्लाट लेना होता है।आवेदकों की अधिक संख्या होने के कारण टाइम स्लाट लेने में ही दो से तीन दिन की वेटिंग मिलती है। टाइम स्लाट मिलने पर भी उप निबंधक कार्यालय में रजिस्ट्री कराना आसान नहीं होता। यहां दिनभर धूप में खड़े होकर अपने नंबर की प्रतीक्षा करनी होती है।इन कार्यालयों में बैठने, पेयजल, शौचालय और अन्य सुविधाओं की कमी किसी से छिपी नहीं है।

शासन ने मांगी स्थानीय अधिकारियों से रिपोर्ट
मेरठ जनपद में सरधना, मवाना और सदर तीनों तहसीलों में एक एक उप निबंधक कार्यालय बढ़ाने का प्रस्ताव है। हापुड़, गाजियाबाद, बुलंदशहर और गौतमबुद्धनगर में भी कार्यालय बढ़ाने का प्रस्ताव है। प्रमुख सचिव निबंधन ने सभी जनपदों में निबंधन अधिकारियों से इस प्रस्ताव पर रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट मंडल के कई जनपदों से भेजी भी जा चुकी है। उम्मीद है कि शासन जल्द नए कार्यालयों को अनुमति प्रदान करेगा। जिससे आम जनता को राहत मिलेगी।

आम जनता को राहत मिलेगी
शासन से प्रस्ताव भेजकर उप निबंधक कार्यालयों की संख्या बढ़ाने के लिए स्थानीय निबंधन अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। मेरठ समेत मंडल के कई जनपदों में उप निबंधक कार्यालय बढ़ाने की तैयारी है। इससे आम जनता को राहत मिलेगी।-मनोज कुमार, उप महानिरीक्षक निबंधन।

एक नजर में मेरठ जनपद
सालाना बैनामों की संख्या 85,000
वर्ष में राजस्व का लक्ष्य 1316 करोड़
वित्तीय वर्ष 2025-26 में एकत्र स्टांप शुल्क 1040 करोड़