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5000 मीटर में भी मेरठ की बेटी पारुल चौधरी ने जीता ब्रॉन्ज, 2 एशियाड में दो-दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट

By Amit Tiwari Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 28 Sep 2026 06:18 PM (IST)

ओलंपियन पारुल चौधरी ने एशियाई खेलों में 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता, यह उनका लगातार दूसरा एशियाई खेल ...और पढ़ें

15:14.61 मिनट का समय निकालकर तीसरे स्थान पर रहीं मेरठ की बेटी, हांगझोऊ में स्वर्ण के बाद इस बार कांस्य, 3000 मीटर स्टीपलचेज में भी राष्ट्रीय रिकार्ड के साथ जीत चुकी हैं पदक

 15:14.61 मिनट का समय निकालकर तीसरे स्थान पर रहीं मेरठ की बेटी, हांगझोऊ में स्वर्ण के बाद इस बार कांस्य, 3000 मीटर स्टीपलचेज में भी राष्ट्रीय रिकार्ड के साथ जीत चुकी हैं पदक


HighLights

  1. पारुल चौधरी ने 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया।

  2. इससे पहले 3000 मीटर स्टीपलचेज में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर कांस्य जीता।

जागरण संवाददाता, मेरठ। मेरठ की बेटी और ओलिंपियन धाविका पारुल चौधरी ने एशियाई खेलों में एक और पदक अपने नाम कर लिया है। सोमवार को महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ के फाइनल में पारुल ने 15:14.61 मिनट का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। वह पूरी रेस में पदक की होड़ में बनी रहीं और शानदार फिनिश के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।

बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 15:10.18 मिनट के समय के साथ स्वर्ण, जबकि जापान की नोजोमी तनाका ने 15:11.65 मिनट में रजत पदक जीता। लगातार दो एशियन गेस में दो-दो पदक जीतने वाली देश की पहली एथलीट बनने का गौरव भी पारूल चौधरी के नाम चढ़ गया है। भारत की एक अन्य धाविका सीमा 15:35.06 मिनट के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं।

पारुल का यह एशियाई खेलों में 5000 मीटर का लगातार दूसरा पदक है। उन्होंने 2023 हांगझोऊ एशियाई खेलों में इसी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इस बार कांस्य के साथ उन्होंने एशियाई खेलों में 5000 मीटर में अपना पदक बरकरार रखा। खास बात यह है कि आइची-नागोया खेलों में पारुल इससे पहले 3000 मीटर स्टीपलचेज में भी कांस्य पदक जीत चुकी हैं और उस स्पर्धा में 9:08.67 मिनट का समय निकालकर अपना ही राष्ट्रीय रिकार्ड तोड़ चुकी हैं।

3000 मीटर स्टीपलचेज में राष्ट्रीय रिकार्ड के साथ कांस्य

एशियाई खेलों के 11वें दिन महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज के फाइनल में पारुल ने 9:08.67 मिनट का समय निकालकर कांस्य पदक जीता था। उन्होंने अपना ही राष्ट्रीय रिकार्ड 9:12.46 मिनट से सुधारते हुए 3.79 सेकंड का सुधार किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 9:04.36 मिनट के एशियाई खेल रिकार्ड के साथ स्वर्ण और कजाकिस्तान की नोरा जेरुटो तानुई ने 9:06.82 मिनट के साथ रजत जीता। भारत की अंकिता 9:19.24 मिनट के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ चौथे स्थान पर रहीं।

हांगझोऊ के बाद फिर पोडियम पर

पारुल ने 2023 के हांगझोऊ एशियाई खेलों में 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत और 5000 मीटर में स्वर्ण पदक जीता था। आइची-नागोया में 3000 मीटर स्टीपलचेज और 5000 मीटर दोनों में कांस्य जीतकर उन्होंने एक बार फिर अपनी निरंतरता साबित की है।

नंगे पैर दौड़ने से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक

15 अप्रैल 1995 को मेरठ के इकलाुता गांव में किसान परिवार में जन्मीं पारुल चौधरी ने बेहद सामान्य परिस्थितियों से अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स तक का सफर तय किया। पिता किशनलाल चौधरी और मां राजेश देवी ने उनकी खेल यात्रा में साथ दिया। स्कूल स्तर पर पारुल ने शुरुआत में नंगे पैर दौड़ लगाई। पहले 800 मीटर में कदम रखा और धीरे-धीरे 1500, 3000, 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज को अपनी प्रमुख स्पर्धा बनाया।

2015 में उन्हें मुंबई में पश्चिम रेलवे में नौकरी मिली और उन्होंने पेशेवर स्तर पर एथलेटिक्स को आगे बढ़ाया। 2023 में बैंकाक एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 3000 मीटर स्टीपलचेज का स्वर्ण जीतना उनके करियर का बड़ा पड़ाव रहा। इसी वर्ष बुडापेस्ट विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 9:15.31 मिनट का राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया और पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया।

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पेरिस ओलंपिक से यूपी पुलिस तक

पारुल ने 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसी वर्ष उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट आफ पुलिस (डीएसपी) नियुक्त किया गया। 2025 में उन्होंने 3000 मीटर स्टीपलचेज का राष्ट्रीय रिकार्ड दो बार बेहतर किया और इसे 9:12.46 मिनट तक पहुंचाया। एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में उन्होंने 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीते।

2026 में भी पारुल की रफ्तार जारी रही। उन्होंने 5000 मीटर में 15:04.26 मिनट का नया राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें एथलेटिक्स फेडरेशन आफ इंडिया के 2025 के पुरस्कारों में बेस्ट फीमेल एथलीट आफ द ईयर से सम्मानित किया गया।

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एशियाई खेलों में पारुल की उपलब्धियां

  • 2026: 5000 मीटर—कांस्य, 15:14.61 मिनट
  • 2026: 3000 मीटर स्टीपलचेज—कांस्य, 9:08.67 मिनट, राष्ट्रीय रिकार्ड
  • 2023 हांगझोऊ: 5000 मीटर—स्वर्ण
  • 2023 हांगझोऊ: 3000 मीटर स्टीपलचेज—रजत
  • 2025 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप: 5000 मीटर—रजत
  • 2025 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप: 3000 मीटर स्टीपलचेज—रजत
  • 2023 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप: 3000 मीटर स्टीपलचेज—स्वर्ण, 5000 मीटर—रजत
  • 2019 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप: 5000 मीटर—कांस्य

टाप्स से मिला प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर

पारुल सितंबर 2023 से टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टाप्स) की एथलीट हैं। सरकार की सहायता से उन्होंने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप, एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप, डायमंड लीग और वर्ल्ड एथलेटिक्स कान्टिनेंटल टूर जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।

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2024 में अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स में विदेशी कोच स्काट सिमंस के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण तथा सेंट मोरिट्ज, स्विट्जरलैंड में प्री-ओलंपिक प्रशिक्षण शिविर में भी सहायता मिली। 2026 में ऊटी में कोच कल्याण चौधरी के साथ हाई-एल्टीट्यूड ट्रेनिंग और एशियाई खेलों की तैयारी के लिए राष्ट्रीय कोचिंग कैंप में प्रशिक्षण का सहयोग मिला।

एशियाई खेलों के इस चक्र में टाप्स के तहत 24.61 लाख रुपये और वार्षिक प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता कैलेंडर (एसीटीसी) के तहत 10.61 लाख रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई।

मेरठ की बेटी की उपलब्धि

5000 मीटर में कांस्य और 3000 मीटर स्टीपलचेज में राष्ट्रीय रिकार्ड के साथ कांस्य—आइची-नागोया एशियाई खेलों में पारुल चौधरी ने अपनी शानदार मौजूदगी दर्ज कराई है। हांगझोऊ में 5000 मीटर का स्वर्ण जीतने के बाद इस बार कांस्य पदक हासिल कर उन्होंने इस स्पर्धा में लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों के पोडियम पर जगह बनाई है।