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अमित कश्यप हत्याकांड: पिता की हत्या में मां को मौत की सजा, कोर्ट ने DM को सौंपी तीनों बच्चों का ध्यान रखने की जिम्मेदारी

By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 16 Oct 2026 07:29 PM (IST)

Amit Kashyap murder case: अमित हत्याकांड में अदालत ने मृतक के तीन बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. दोषियों पर किए जुर्माने की रकम तीनों बच्चों की परवरिश में लगाई जाएगी।

  2. राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी प्रशासनिक अफसरों की।

जागरण संवाददाता, मेरठ। अपराध का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि अमित के तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। उनकी मां भी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गई। अदालत ने कहा कि बच्चों के भविष्य पर पड़े इस गंभीर प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने अमित के तीनों बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। डीएम को बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

कहा गया कि उन्हें अच्छे स्कूलों में प्रवेश दिलाने तथा राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी प्रशासनिक अफसरों की है। साथ ही आदेशित किया कि बच्चों को क्या सुविधा मुहैया कराई गई है। अदालत को इसकी जानकारी से अवगत कराया जाए।

अमित कश्यप की मां मुनेश देवी ने बताया कि एक साल से तीनों बच्चों की परवरिश खुद कर रहे है। तीनों ही बच्चे सरकारी स्कूल से शिक्षा ग्रहण कर रहे है, जबकि अमित का सपना था कि वह टाइल्स मिस्त्री है, इसी रोजगार से बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाकर आगे बढ़ाएगा।

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अदालत परिसर में बैठी मुनेश पुत्रवधू रविता को कोस रही थी। उसका कहना था कि मेरे बेटे की जिंदगी खत्म कर अपने तीनों बच्चों को भी बर्बादी के कगार पर खड़ा कर दिया।

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जिंदगीभर रविता का चेहरा तक नहीं देखना चाहती है। अदालत में निर्णय के समय अमरदीप और रविता के परिवार से कोई भी नहीं पहुंचा। हालांकि रविता और अमरदीप के अधिवक्ता बलराज भाटी ने भी आखिरी बहस नहीं की।

उन्होंने अपनी बहस को चैंबर से ही लिखकर अदालत में दाखिल करा दिया था। वादी पक्ष की अधिवक्ता फरजाना मकसूद ने दोनों मुजरिमों के लिए फांसी की मांग की थी।

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