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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अंतरराष्ट्रीय गोतस्कर मेरठ का अकबर बंजारा और उसका भाई असम में हुई मुठभेड़ में ढेर

By Parveen VashishtaEdited By:
Published: Tue, 19 Apr 2022 09:09 PM (IST)Updated: Tue, 19 Apr 2022 09:35 PM (IST)

मेरठ पुलिस के अनुसार कस्‍बा फलावदा का रहने वाला अकबर बंजारा और उसका भाई सलमान गौ तस्करी में लगे थे। ...और पढ़ें

असम में हुई मुठभेड में ढेर नीली टीशर्ट में अकबर बंजारा और लाल टीशर्ट में सलमान (फोटो सौजन्‍य मेरठ पुलिस)
असम में हुई मुठभेड में ढेर नीली टीशर्ट में अकबर बंजारा और लाल टीशर्ट में सलमान (फोटो सौजन्‍य मेरठ पुलिस)

मेरठ, जागरण संवाददाता। पूर्वोत्तर भारत का शातिर अंतरराष्ट्रीय गोतस्कर फलावदा निवासी अकबर बंजारा और उसका भाई सलमान बंजारा उग्रवादी हमले में मारा गया। जबकि चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस दोनों भाइयों को रिमांड पर लेकर असम बार्डर का रास्ता देखने ले गई थी। तभी बंजारा गैंग से जुड़े उग्रवादी संगठन के सदस्यों ने पुलिस पर हमला कर दोनों भाइयों को छुड़ाने का प्रयास किया था।

हमले के बाद पुलिस को मौके से एके-47, दो मैगजीन, 35 कारतूस और 28 खोखे मिले हैं। दोनों गो तस्कर भाई मेरठ जिले के फलावदा कस्बे के रहने वाले थे। पुलिस ने मामले की जानकारी मेरठ जेल में बंद भाई सलीम को भी दे दी है। असम पुलिस ने सलीम को भी मुकदमे में वांछित कर दिया है। ऐसे में सलीम को भी असम पुलिस अपने साथ ले जा सकती है।

दोनों भाइयों को मेरठ पुलिस ने पकड़ा था

असम के कोकराझार जनपद के पुलिस अधीक्षक प्रतीक दूबे ने बताया कि मेरठ जिले की पुलिस ने अकबर बंजारा और उसके भाई सलमान बंजारा निवासी मोहल्ला बंजारान थाना फलावदा को पकड़ा था। दोनों पर दो-दो लाख का इनाम था। 13 अप्रैल को दोनों भाइयों को मेरठ से असम पुलिस अपने साथ ले गई थी। मेरठ से लाकर दोनों भाइयों को जेल भेज दिया था। कोकराझार कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद सोमवार को पुलिस दोनों भाइयों को गोसाईगांव थाने के असम बार्डर पर ले जा रही थी। जिस रास्ते से दोनों भाई बांग्लादेश में गोतस्करी करते थे।

घात लगाए बैठे उग्रवादी संगठन ने किया हमला

एसपी प्रतीक दूबे ने बताया कि तभी जंगल में जोमद्वार स्थित संकोश नदी के पास घात लगाए बैठे अकबर बंजारा से जुड़े उग्रवादी संगठन के सदस्यों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इसी दौरान अकबर बंजारा और उसका भाई सलमान मारा गया। एसपी प्रतीक दूबे ने फोन पर बताया कि मुठभेड़ के दौरान घात लगाए बैठे उग्रवादी संगठन ने हमला कर दिया था। पुलिस की तरफ से भी जवाबी फायरिंग हुई। दोनों भाई किसकी गोली से मारे गए, इसकी फारेंसिक जांच कराई जाएगी। पुलिस और हमलावरों के बीच लगभग 10-12 मिनट तक गोलीबारी होती रही। 

इन्‍होंने कहा

अकबर बंजारा अंतरराष्ट्रीय गोतस्कर था, जो पहले रवि रेड्डी के साथ मिलकर बांग्लादेश में तस्करी करता था। अकबर ने अपने भाइयों को भी इसी धंधे में लगा दिया था। अकबर असम में घटना को अंजाम देकर फलावदा में छिप जाता था। फलावदा पुलिस ने दोनों भाइयों को पकड़कर असम पुलिस को सौंपा था। मंगलवार को उग्रवादी हमले में दोनों भाई मारे गए।

-प्रभाकर चौधरी, एसएसपी।

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