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मऊ में दोहरीघाट-मधुबन मार्ग का होगा चौड़ीकरण, आठ गांवों के 500 किसानों की जमीन का होगा अधिग्रहण

Published: Sat, 31 Oct 2026 03:29 PM (IST)

मऊ में दोहरीघाट-मधुबन मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य किसानों द्वारा अभिलेख उपलब्ध न कराने और पूर्व में टेंडर विवाद के कारण धीमा पड़ गया है।

दोहरीघाट से मधुबन जाने वाला मार्ग

दोहरीघाट से मधुबन जाने वाला मार्ग

HighLights

  1. दोहरीघाट-मधुबन मार्ग चौड़ीकरण में किसानों के कारण देरी।

  2. 500 किसानों की जमीन अधिग्रहण, 100 की रजिस्ट्री हुई।

  3. टेंडर विवाद और अभिलेखों की कमी से कार्य धीमा।

जागरण संवाददाता, मऊ। दोहरीघाट-मधुबन मार्ग के चौड़ीकरण को आठ गांवों के 500 किसानों की जमीन अधिग्रहित की है। विभाग अब तक 100 किसानों से जमीन रजिस्ट्री करा चुका है। शेष 400 किसानों द्वारा अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने से रजिस्ट्री में देरी हो रही है।

इसके चौड़ीकरण और निर्माण की रफ्तार भी धीमी पड़ी है। एक वर्ष पूर्व कोर्ट में जाने और अब किसानों द्वारा समय से अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने पर कार्य में विलंब हो रहा है। इससे राहगीरों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है।

दोहरीघाट-मधुबन मार्ग की कुल दूरी लगभग 22 किमी है। यह मार्ग गोरखपुर और बलिया को जोड़ता है। इसको कुल 10 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसका निर्माण कार्य मार्च 2026 में शुरू किया गया था। यह कार्य मई 2027 में पूरा किया जाना है। मार्ग के चौड़ीकरण व निर्माण पर कुल 60 करोड़ रुपये खर्च किया जाना है।

निर्माण खंड द्वारा फरवरी 2025 में दोहरीघाट-मधुबन मार्ग के चौड़ीकरण का टेंडर कराया गया था। इस दौरान 10 कंपनियों ने टेंडर डाला था। टेंडर खोलने के दौरान ठेकेदारों ने अनियमितता का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत शासन में की। जिसके बाद पूरे मामले की जांच के दौरान दोषी मिले तत्कालीन अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार को निलंबित कर दिया गया था।

इसके बाद ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कराने के लिए कोर्ट चले गए। कोर्ट में लगभग एक वर्ष तक टेंडर विवाद का निस्तारण नहीं होने से कार्य में विलंब हुआ और धनराशि भी वापस भेजनी पड़ी थी। मामले का निस्तारण होने के बाद टेंडर प्रक्रिया कराई गई।

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कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद मार्च-2026 में निर्माण कार्य शुरू कराया गया, मगर जमीन अधिग्रहण, विद्युत पोल और पेड़ों की कटाई की रफ्तार धीमी पड़ी है। इसके कारण आठ माह में 40 प्रतिशत ही कार्य कराया जा सका।

चौड़ीकरण को लेकर 100 किसानों से जमीन रजिस्ट्री कराई जा रही है। शेष 400 किसानों से रजिस्ट्री कराई जानी है। किसानों के अभिलेख उपलब्ध नहीं होने से कार्य में विलंब हो रहा है। यह प्रक्रिया पूर्ण होते ही कार्य तेजी से कराया जाएगा।- ई. राकेश कुमार, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड

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