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मऊ में लगी फर्जी सरकारी नौकरी, छह महीने काम क‍िया और वेतन नहीं मिलने पर चला ठगी पता

By Jaiprakash Nishad Edited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 30 Oct 2026 08:19 PM (IST)

मऊ के प्रमोद कुमार यादव को लखनऊ में फर्जी सरकारी नौकरी का झांसा देकर 14.82 लाख रुपये ठगे गए। छह ...और पढ़ें

मऊ में सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, छह महीने बाद खुला फर्जीवाड़े का राज।

मऊ में सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, छह महीने बाद खुला फर्जीवाड़े का राज।

HighLights

  1. मऊ निवासी प्रमोद को लखनऊ में फर्जी नौकरी का झांसा।

  2. छह महीने काम के बाद वेतन न मिलने पर ठगी का खुलासा।

  3. पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज, जांच जारी।

जागरण संवाददाता, मऊ। चिरैयाकोट थाना के बस्तीचक गांव निवासी प्रमोद कुमार यादव को लखनऊ के जवाहर भवन में ट्रेनिंग कराने के बाद आशियाना के सेक्टर आई स्थित जल निगम की पानी की टंकी पर पानी खोलने के काम में लगा दिया। छह से सात महीने तक वहां काम करने के बावजूद वेतन नहीं मिलने पर उसे शक हुआ। कार्यालय में जाकर पूछा तो पता चला कि उसकी नियुक्ति ही फर्जी है।

इसके बाद उसने एसपी सर्वेश कुमार मिश्र के आदेश पर चिरैयाकोट थाने में पांच के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया। इसकी जांच सीओ मुहम्मदाबाद गोहना जीतेंद्र सिंह कर रहे हैं।

धोखाधड़ी करने वालों अंबेडकर नगर के अकबरपुर थाना के कुड़िया चितैना गांव निवासी राजन वर्मा, रेखा देवी पत्नी राजन वर्मा, विजय राजक उर्फ अमित कुमार, रूद्र नारायण और लोकेश कुमार शामिल हैं। प्रमोद कुमार यादव की अंबेडकर नगर जिले के मालेपुर थाना के गुवावा जमालपुर गांव निवासी अविनाश यादव से दोस्ती थी।

दोस्त के माध्यम से राजन वर्मा से वर्ष-2024 में मुलाकात हुई। उसने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में नौकरी के लिए 15 लाख रुपये लगने की जानकारी दी। बातचीत होने पर ईमेल आइडी पर समूह-ग का नियुक्ति पत्र भेजा गया। स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी नियुक्ति पत्र भेजा गया।

इसके बाद प्रमाण पत्र और पिछड़ा वर्ग आयोग का आदेश पत्र लेकर लखनऊ बुलाया गया। यहां पर विजय राजक से मुलाकात हुई और उसने सभी प्रमाण पत्र ले लिए। कागजात लेने के बाद जवाहर भवन में ट्रेनिंग कराने के दौरान सिंचाई विभाग में समायोजन होने की जानकारी देकर फर्जी आइडी दी गई। ट्रेनिंग कराने के बाद आरोपितों ने लखनऊ के आसिया सेक्टर में जल विभाग में पानी खोलने के कार्य पर लगाया।

तैनाती के छह से सात माह बाद वेतन नहीं मिला। सिंचाई विभाग में जानकारी करने पर नियुक्ति फर्जी होने की जानकारी हुई। आरोपितों ने गुमराह कर अलग-अलग तिथियों में कुल 14.82 लाख फोन और गूगल पे के माध्यम से लेकर हड़प लिया। चिरैयाकोट थाना प्रभारी विजय प्रकाश मौर्य ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। इसकी जांच सीओ कर रहे हैं।

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