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ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में चांदी के रथ पर विवाद गहराया, नोटिस मिलने से रोष; कानूनी राय ले रहे सेवायत

Published: Wed, 16 Sep 2026 10:40 AM (IST)

वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में चांदी के रथ को लेकर विवाद गहरा गया है। मंदिर प्रबंधन समिति रथ को ...और पढ़ें

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में रखा चांदी का रथ। फाइल

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में रखा चांदी का रथ। फाइल

HighLights

  1. चांदी के रथ को लेकर बांकेबिहारी मंदिर में विवाद

  2. सेवायत इसे निजी ट्रस्ट का दान बता रहे हैं

  3. मंदिर समिति ने जांच के लिए नोटिस जारी किया

संवाद सहयोगी, वृंदावन (मथुरा)। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में परंपरा रही है कि श्रद्धालु जब दर्शन करने मंदिर में आते हैं और मंदिर की गोलक और कार्यालय में तो चढ़ावा और आभूषण अर्पित करते हैं तो वह मंदिर ट्रस्ट के खाते में जमा होता है।

गर्भगृह में ठाकुरजी की सेवा में अर्पित की जाने वाली भेंट और सोने-चांदी के आभूषण, पोशाक पर सेवायतों का ही अधिकार रहा है। यह व्यवस्था मंदिर ट्रस्ट के गठन के साथ से ही चली आ रही है। यही कारण है कि लगभग आठ वर्ष पहले जगन्नाथ रथयात्रा पर ठाकुरजी के फूलबंगला की झांकी में सजाने के लिए किसी श्रद्धालु ने सेवायत को चांदी का रथ भेंट किया।

सेवायत का कहना है ये रथ यजमान ने उनके निजी ट्रस्ट को दिया। मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति श्रद्धालु द्वारा दी गई चांदी के रथ की भेंट की जांच कर रही है कि वास्तव में ये रथ मंदिर के नाम दिया गया अथवा सेवायत के निजी ट्रस्ट के नाम।

समिति द्वारा गठित जांच समिति ने सेवायत को नोटिस जारी कर जांच में सहयोग मांगा है। लेकिन, सेवायत इससे संतुष्ट नहीं हैं, वे इसे अपने अधिकारों का हनन मान रहे हैं और समिति की जांच समिति द्वारा दिए नोटिस का जवाब देने को कानूनी राय ले रहे हैं

झांकी में चांदी के रथ के साथ दर्शन देते रहे हैं ठाकुरजी

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में जगन्नाथ रथयात्रा पर फूलबंगला में चांदी के रथ की झांकी में ठाकुर बांकेबिहारीजी दर्शन देते रहे। चांदी का ये रथ मंदिर सेवायत ब्रजेंद्र गोस्वामी के यजमानों ने उनके ट्रस्ट को दान दिया था। ऐसे में सेवायत ब्रजेंद्र गोस्वामी इस रथ को अपने ट्रस्ट की संपत्ति मानते हैं और इस वर्ष जगन्नाथ रथायात्रा पर चांदी के रथ की झांकी उन्होंने नहीं सजाई। इसे लेकर मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने जांच समिति गठित की और रविवार को समिति के आदेश पर सीओ वृंदावन एवं अपर जिला मजिस्ट्रेट ने सेवायत को नोटिस जारी करके रथ को सुरक्षित रखने और जांच में सहयोग का नोटिस दे दिया।

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सेवायतों में आक्रोश

इसे लेकर सेवायतों में आक्रोश इस बात को लेकर है कि जो वस्तु यजमान ने सेवायत को अर्पित की है और उनके ही ट्रस्ट के नाम से अपना दान दिया है, ऐसे में मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति किस अधिकार से रथ को मंदिर की संपत्ति मानते हुए इसकी जांच कर सकती है।

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नोटिस मिलने के बाद ले रहे कानूनी राय

नोटिस मिलने के बाद अब सेवायत इसका जवाब देने के लिए कानूनी राय ले रहे हैं और जल्द ही समिति व जांच समिति को अपना जवाब देंगे। सेवायत का कहना है यजमानों द्वारा उन्हें भेंट दी गई वस्तु पर मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति अपना अधिकार नहीं बना सकती।