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राजस्थान का आगरा में जयपुर रियासत की संपत्तियों पर दावा, 1952 के विलय समझौते का हवाला

Published: Tue, 15 Sep 2026 09:23 AM (IST)

Agra News: राजस्थान सरकार ने जयपुर रियासत की आगरा सहित प्रयागराज, वाराणसी और मथुरा में स्थित संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है।

Agra News: आगरा जिलाधिकारी कार्यालय।

Agra News: आगरा जिलाधिकारी कार्यालय।

HighLights

  1. राजस्थान सरकार ने जयपुर रियासत की आगरा स्थित संपत्तियों का रिकॉर्ड मांगा।

  2. आगरा में 100 बीघा जमीन, दो कोठियों पर राजस्थान का दावा।

  3. 1952 के विलय समझौते के तहत संपत्तियों के स्वामित्व की जांच शुरू।

जागरण संवाददाता, आगरा। Agra News: राजस्थान सरकार ने जयपुर रियासत की आगरा में स्थित जमीन और संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। राजस्थान सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर जयपुर रियासत की संपत्तियों की जानकारी मांगी गई है। इसमें आगरा के साथ प्रयागराज, वाराणसी और मथुरा में स्थित रियासत की संपत्तियों का ब्योरा भी शामिल है। राजस्थान सरकार ने इन संपत्तियों पर अपने अधिकार का दावा करते हुए पुराने दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है।

जयपुर रियासत की आगरा में 100 बीघा जमीन पर राजस्थान का दावा

आगरा में जयपुर हाउस क्षेत्र की करीब 100 बीघा जमीन, दो कोठियों, मनःकामेश्वर मंदिर और सड़क की पट्टी को जयपुर रियासत की संपत्ति बताया गया है। राजस्थान सरकार ने वर्ष 1952 में हुए विलय समझौते का हवाला देते हुए कहा है कि रियासत की संपत्तियों के संबंध में हुए समझौते के तहत इनके अधिकार और स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

1952 के विलय समझौते का दिया हवाला

जयपुर हाउस की जमीन पर नगर निगम द्वारा करीब 350 प्लॉट काटे जाने का भी रिकॉर्ड सामने आया है। ऐसे में राजस्थान सरकार के पत्र के बाद इन संपत्तियों के वर्तमान स्वामित्व, आवंटन और उपयोग को लेकर जांच महत्वपूर्ण हो गई है। नगर निगम और प्रशासन के पुराने रिकॉर्ड में भी रियासत से संबंधित दस्तावेज तलाशे जा रहे हैं।

बताया गया है कि जयपुर हाउस की कुछ संपत्तियों में वर्तमान में सरकारी कार्यालय भी संचालित हो रहे हैं। इनमें पुराने भवनों में सरकारी कार्यालयों के संचालन का उल्लेख रिकॉर्ड में है। राजस्थान सरकार ने इन संपत्तियों की स्थिति और उनसे संबंधित अभिलेखों की जानकारी मांगी है।

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अन्य शहरों में भी संपत्ति

राजस्थान सरकार ने प्रयागराज में करीब 35.25 एकड़ जमीन, वाराणसी में मोहल्ला मान मंदिर की संपत्तियों और मथुरा में करीब 2.16 एकड़ जमीन समेत अन्य संपत्तियों का रिकॉर्ड भी मांगा है। अब प्रशासनिक स्तर पर पुराने दस्तावेजों की जांच से यह साफ होगा कि इन संपत्तियों का वर्तमान स्वामित्व और अधिकार किसके पास है।

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