शरद पूर्णिमा पर बांकेबिहारी ने दिए महारास मुद्रा में दर्शन, एक झलक पाने को उमड़ी भक्तों की भारी भीड़
शरद पूर्णिमा पर ठाकुर बांकेबिहारी ने महारास की मुद्रा में मुरली बजाते हुए भक्तों को दर्शन दिए, जिससे भक्त आह्लादित ...और पढ़ें

शरद पूर्णिमा पर दर्शन देते ठाकुर बांकेबिहारी।
HighLights
बांकेबिहारी ने शरद पूर्णिमा पर महारास मुद्रा में दर्शन दिए।
साल में एक ही दिन मुरली बजाते हुए दर्शन होते हैं।
भक्तों की भारी भीड़ के कारण दर्शन का समय बढ़ा।
संवाद सहयोगी, वृंदावन (मथुरा)। शरद पूर्णिमा पर ठाकुर बांकेबिहारी ने महारास की मुद्रा में रास रासेश्वर का रूप रख जब मुरली बजाते हुए भक्तों को दर्शन दिए तो भक्त आह्लादित हो गए। साल में एक ही दिन ठाकुर बांकेबिहारी शरद पूर्णिमा पर मुरली बजाते हुए भक्तों को दर्शन देते हैं। तो आराध्य की एक झलक पाने को भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। बेशकीमती सिंहासन पर विराजे आराध्य बांकेबिहारी ने भक्तों को खूब मुग्ध किया।
श्वेत पोशाक में महारास की मुद्रा
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में शरद पूर्णिमा पर श्वेत पोशाक धारण कर माहारास की मुद्रा में मुरली बजाते ठाकुर बांकेबिहारी की एक झलक पाते ही भक्त आह्लादित हो उठे। वर्षभर में एक ही दिन मुरली बजाते आराध्य की झलक पाने को भोर से ही भक्तों की भारी भीड़ मंदिर के बाहर एकत्रित हो गई।

मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़।
भक्तों का रेला प्रांगण में पहुंचा
जैसे ही मंदिर के पट खुले भक्तों का रेला प्रांगण में पहुंच गया। आराध्य की झलक पाते ही बांकेबिहारी के जयकारे गूंजने लगे। मंदिर में श्रधालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा गार्डों रेलिंग में खड़े श्रद्धालुओं को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया ताकि बाहर हजारों श्रद्धालुओं को दर्शन मिल सकें। सुबह से शुरू हुई भक्तों की भीड़ में लगातार वृद्धि हो रही है।

मंदिर में पहुंचे भक्त।
दर्शन का समय बढ़ाया गया
मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति के सेवायत सदस्य हिमांशु गोस्वामी ने बताया कि श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए दर्शन का समय बढ़ाया गया है। रविवार सुबह 7:45 बजे मंदिर के पट खुलकर दोपहर एक बजे बंद होंगे। पहले सुबह के दर्शन दोपहर 12 बजे तक होते थे। इसी तरह शाम को 5:30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे और रात 10:30 बजे बंद होंगे, जो साढ़े नौ बजे तक होते थे।
