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शरद पूर्णिमा: बांकेबिहारी ने धारण की सफेद पोशाक, जन्मस्थान पर श्रीकेशवदेवजी चंद्रलोक में दे रहे दर्शन

Published: Sun, 25 Oct 2026 07:44 AM (IST)

शरद पूर्णिमा पर मथुरा में ब्रज के मंदिरों में विशेष आयोजन हो रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर केशवदेवजी चंद्रलोक में ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर केशवदेवजी चंद्रलोक में विराजमान होकर दर्शन देंगे।

  2. बांकेबिहारी मंदिर में श्वेत पोशाक में मुरली बजाते अनोखे दर्शन।

  3. शरद पूर्णिमा पर मधुवन में भी भगवान श्रीकृष्ण ने महारास किया।

जागरण संवाददाता, मथुरा। शरद पूर्णिमा आज यानि रविवार को है। ब्रज में चंद्रलोक उतरेगा। मंदिरों में भगवान चंद्रलोक में विराजमान होकर दर्शन देंगे। शरद पूर्णिमा पर भगवान श्रीकृष्ण ने चंद्रसरोवर पर महारास किया था। लेकिन ब्रज में ऐसे स्थल हैं, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने रास किया। मधुवन (महोली) में भी कान्हा ने रास रचाया है। यहां कान्हा गाय चराने आते थे। बंशी से कुंड खोदा था।
मधुवन का धार्मिक महत्व है। यहां ध्रुव ने तपस्या की तो शत्रुघ्न लवणासुर का वध कर यहां के राजा बने और शासन किया। द्वापरयुग में यह स्थान भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय रहा। यहां गाय चराने आते थे और यहां रास भी किया।

ब्रज चौरासी कोस का प्रथम पड़ाव स्थल होने के कारण यहां श्रद्धालुओं की लाइन लगती है। शत्रुघ्न मंदिर के पुजारी मेवाराम शर्मा ने बताया कि मधुवन में भगवान श्रीकृष्ण ने मधुवन में रास किया है।

जन्मस्थान पर श्रीकेशवदेवजी चंद्रलोक में विराजमान होकर देंगे दर्शन

श्री कृष्ण जन्मस्थान पर श्रीकेशव देव मंदिर प्रांगण को चंद्रलोक का स्वरूप दिया जाएगा। चंद्रलोक में विराजमान होकर भगवान श्रीकशवदेव दर्शन देंगे। मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश में राजाधिराज धवन चांदनी में विराजमान होकर दर्शन देंगे। प्राचीन मंदिर ठाकुर श्री केशव देवजी महाराज में ठाकुरजी को सफेद पोशाक धारण कराई जाएगी।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर शरद पूर्णिमा महोत्सव रविवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। ठाकुर श्रीकेशवदेवजी महाराज व श्रीगिरिराजजी महाराज की विशेष सेवा-आराधना, शृंगार, छप्पन भोग दर्शन, हरिनाम संकीर्तन, भजन संध्या कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

नौ बजे से शुरू होंगे कार्यक्रम

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि शरद पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के निर्देशन में शरद महोत्सव समिति, जन्मस्थान द्वारा भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक मान्यताओं के अनुरूप किया जा रहा है। सुबह नौ बजे श्रीगिरिराजजी महाराज के महाभिषेक से कार्यक्रम प्रारंभ होंगे। महाभिषेक होगा, इसके पश्चात ठाकुरजी की सेवा-आराधना के अंतर्गत बालभोग वितरण व गो-पूजन किया जाएगा। सुबह 11 बजे से प्रसादी भंडारे का आयोजन होगा।

केशवदेवजी महाराज को छप्पनभोग होंगे अर्पित

शरद पूर्णिमा का दिन भगवान श्रीकृष्ण की महारास लीला और चंद्रमा की पूर्ण कलाओं से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के कारण विशेष महत्व रखता है। शरद पूर्णिमा महोत्सव के अंतर्गत ठाकुर श्रीकेशवदेवजी महाराज को छप्पनभोग अर्पित किया जाएगा। ठाकुर श्रीकेशवदेवजी महाराज के चंद्रलोक में विराजमान दिव्य स्वरूप के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण होंगे। साथ ही धवल पुष्पों से सुसज्जित पुष्प-बंगले में विराजमान श्रीगिरिराजजी महाराज के छप्पनभोग के दर्शन भी होंगे।

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पुष्प बंगले में विराजमान होंगे भगवान श्रीकेशवदेवजी

शाम चार बजे से चंद्रलोक पुष्प-बंगले में विराजमान भगवान श्रीकेशवदेवजी महाराज और धवल पुष्प-बंगले में विराजमान भगवान श्रीगिरिराज जी महाराज के दर्शन प्रारंभ होंगे। भजन गायिका सोनी सिस्टर व अंजली साक्षी भजन गायन करेंगी। द्वारकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी एड. राकेश तिवारी ने बताया कि शाम को शयन के दर्शन में ठाकुरजी श्वेत वस्त्र धारण करेंगे और रबड़ी का भोग लगेगा। ठाकुरजी की चलायमान प्रतिमा बाहर आकर दर्शन देगी।

प्राचीन मंदिर ठाकुर श्री केशव देवजी महाराज के मीडिया प्रभारी नारायण प्रसाद शर्मा ने बताया कि शाम को चार बजे भगवान काे छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे। फूल बंगला सजाया जाएगा। भगवान जगमोहन में रजत हिंडोले पर विराजमान होकर चंद्रोदय ( चंद्रलोक) दर्शन भक्तों को देंगे। शाम सात बजे से श्री कृष्णा सामूहिक संकीर्तन मंडल द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।