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शरद पूर्णिमा पर ठाकुर बांकेबिहारी देंगे मुरली बजाते हुए अनोखे दर्शन, श्वेत पोशाक में महारास की होगी मुद्रा

Published: Wed, 21 Oct 2026 11:39 AM (IST)

शरद पूर्णिमा पर वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों को भगवान के विशेष दर्शन होते हैं। इस दिन ठाकुरजी ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. ठाकुर बांकेबिहारी के वर्ष में एक बार विशेष दर्शन

  2. शरद पूर्णिमा पर मुरली बजाते महारास मुद्रा में दर्शन

  3. भक्त मनोकामना पूर्ति हेतु सोने-चांदी की मुरली अर्पित करते

संवाद सहयोगी, वृंदावन (मथुरा)। शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी में जब यमुना किनारे वंशीवट पर भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों संग महारास रचाया होगा, तब उनकी मधुर बांसुरी की धुन से समूचा ब्रज आलोकित हो उठा होगा। उसी दिव्य लीला की स्मृति में शरद पूर्णिमा पर ठाकुर बांकेबिहारीजी श्वेत धवल पोशाक और सोलह शृंगार में महारास की मुद्रा में भक्तों को दर्शन देंगे।

वर्ष में केवल इसी दिन ठाकुरजी के अधरों पर मुरली सजेगी और भक्तों को वंशी बजाते उनके मनोहारी स्वरूप के दर्शन होंगे। मान्यता है कि ठाकुरजी को सोने-चांदी की मुरली अर्पित कर भक्त अपनी मनोकामना पूर्ति की अरदास करते हैं।

शरद पूर्णिमा पर ठाकुरजी वंशी बजाते दर्शन इसलिए देते हैं, क्योंकि इसी रात भगवान श्रीकृष्ण ने वंशी की मधुर तान छेड़कर वंशीवट पर गोपियों संग महारास रचाया था।

शरदपूर्णिमा पर ठाकुरजी वर्ष में एक ही दिन मुरली बजाते भक्तों को देंगे दर्शन

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर सेवायत श्रीनाथ गोस्वामी ने बताया शरद पूर्णिमा पर 25 अक्टूबर को ठाकुर बांकेबिहारीजी महारास की मुद्रा में श्वेत पोशाक व स्वर्ण-रजत व हीरा-मोती जड़ित दिव्य शृंगार कर मुरली बजाते हुए भक्तों को दर्शन देंगे, मंदिर में उत्सव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। शाम के समय ठाकुरजी को मंदिर के जगमोहन में चांदी के सिंहासन पर जब विराजित करवाया जाएगा तो उनके ऊपर सोलह कलाओं से पूर्ण चंद्रमा की रोशनी पड़ेगी, चंद्रमा की इस दिव्य दूधिया रोशनी में ठाकुर बांकेबिहारीजी भक्तों को दर्शन देकर कल्याण करेंगे तो भक्त भी अपनी मनोकामना पूरी करने को सोने-चांदी की मुरली ठाकुरजी को अर्पित करेंगे।

ठाकुरजी को मुरली अर्पित करने से होती है भक्तों की मनोकामना पूरी

मान्यता है कि इस विशेष तिथि पर भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार ठाकुर बांकेबिहारी के चरणों में या मंदिर में चांदी की छोटी या बड़ी सोने अथवा चांदी की सुंदर मुरली अर्पित करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

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