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सूरजकुंड मेला हादसा: दारोगा से भर्ती, फिर मेहनत से प्रमाेशन और पुलिस पदक... इंस्पेक्टर के बलिदान पर मथुरा के डेंगरा में शोक

Published: Sun, 08 Feb 2026 08:38 AM (IST)

मथुरा के डेंगरा गांव के मूल निवासी इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में लोगों को बचाते हुए शहीद ...और पढ़ें

सूरजकुंड हादसा, इंस्पेक्टर की फाइल फोटो।

सूरजकुंड हादसा, इंस्पेक्टर की फाइल फोटो।

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जागरण संवाददाता, मथुरा। फरीदाबाद के अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड में आयोजित हस्तशिल्प मेले में लोगों को बचाने में बलिदान हुए इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद मूल रूप से मथुरा लोहवन के डेंगरा गांव के हैं। उनका परिवार सोनीपत पुलिस लाइन में रह रहा है। हाल ही में उनका तबादला पलवल हुआ था। वह पुलिस पदक विजेता भी रहे हैं।

पुलिस में दारोगा के पद पर वर्ष 1988 में भर्ती हुई थी

इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की पुलिस में दारोगा के पद पर वर्ष 1988 में भर्ती हुई थी। इसके बाद वह इंस्पेक्टर हो गए। चार भाइयों में सबसे बड़ी जगदीश प्रसाद की इससे पूर्व सोनीपत में तैनाती थी। हाल ही में उनका तबादला पलवल में हुआ है। उनकी ड्यूटी सूरजकुंड में आयोजित हस्तशिल्प मेले में लगी थी।

बलिदान होने की सूचना मिलते ही छाया गम, दो बेटी व एक बेटा छोड़ गए

भाई प्रदीप ने बताया, भाई के बलिदानी की खबर शनिवार रात आठ बजे मिली। उन्होंने बताया, भाई की पत्नी सुधा शर्मा अपनी दो बेटी निधि व दीप्ति व बेटा गौरव के साथ सोनीपत पुलिस लाइन में मिले आवास में रहती हैं। जगदीश को वर्ष 2019-20 में राज्यपाल ने पुलिस पदक से सम्मानित किया था।

एक भाई प्रदीप मिश्रा शिक्षामित्र हैं और गांव में ही पिता सूरजमल व माता शांति देवी के साथ रहते हैं। एक भाई सतीश चंद्र बल्लभगढ़ में केमिकल फैक्ट्री तथा दूसरे भाई चंद्रभान सिंह फरीदाबाद में मोटर्स कंपनी में नौकरी करते हैं। हादसे में जगदीश के बलिदानी की खबर से गांव का माहौल गमगीन हो गया।

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