संत प्रेमानंद के अनुयायियों ने आखिरकार मानी बात, आदेश पर स्थगित किया श्रीराधा केलिकुंज आश्रम पर प्रदर्शन
संत प्रेमानंद के केलिकुंज आश्रम में लापता साधकों की तलाश में हुए प्रदर्शन उनके संदेश के बाद स्थगित कर दिए ...और पढ़ें

वृंदावन के श्रीराधा केलिकुंज में सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात पुलिस और निरीक्षण करते कोतवाली प्रभारी अश्विनी कुमार। - फोटो: जागरण।
HighLights
केलिकुंज आश्रम में लापता साधकों को लेकर प्रदर्शन हुए।
संत प्रेमानंद के संदेश पर अनुयायियों ने प्रदर्शन स्थगित किया।
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने संत प्रेमानंद का खुलकर समर्थन किया।
संवाद सहयोगी, वृंदावन (मथुरा)। संत प्रेमानंद का आश्रम श्रीराधा केलिकुंज इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। साधक रसिक दुलारी शरण की मृत्यु के बाद कई शहरों के लोग अपने बच्चों की खोज में केलिकुंज आश्रम पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। इनमें से दो बच्चों को उनके स्वजन से मिला दिया गया है। प्रदर्शन के विरोध और संत प्रेमानंद के समर्थन में रविवार की शाम अनुयायियों ने राधा केलिकुंज आश्रम पर एकजुट होकर प्रदर्शन का आह्वान किया।
इस स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आश्रम के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया। हालांकि, संत प्रेमानंद के संदेश के बाद अनुयायियों ने धरना स्थगित करने का निर्णय लिया।
श्रीराधा केलिकुंज पर तैनात रही पुलिस फोर्स
संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मृत्यु के बाद उन लोगों को चिंता सताने लगी, जो संत प्रेमानंद से प्रभावित होकर घर छोड़ चुके थे। पिछले तीन दिनों से ऐसे लोग राधा केलिकुंज पर प्रदर्शन कर रहे थे।
सादाबाद निवासी अनुज चौधरी और कासगंज निवासी मयंक चौहान को पुलिस ने प्रयागराज में बरामद कर लिया है और उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस प्रकार राधा केलिकुंज पर हो रहे प्रदर्शनों के विरोध में रविवार शाम छह बजे संत प्रेमानंद के अनुयायियों का प्रदर्शन निरस्त हो गया।
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य आए पक्ष में
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने इंटरनेट मीडिया में वीडियो प्रसारित कर संत प्रेमानंद के पक्ष में खड़े होने का दावा किया है। अनिरुद्धाचार्य ने कहा संत प्रेमानंद भगवत भक्त हैं, भगवान में लीन रहते हैं, मीडिया के लोग उनके बारे में खुद ही कुछ भी बोल रहे हैं। आज के समय में मीडिया और कुछ लोग अपनी टीआरपी के लिए कुभी भी बोलते हैं, जानते कुछ नहीं और न ही कुझ समझते हैं, खुद जज बन जाते हैं, आरोप भी यही लगाते हैं।
कथावाचक ने कहा, कि संत प्रेमानंद ने प्रवचनों के जरिए करोड़ों भक्तों को भक्ति से जोड़ा, जब लोग उल्टा सीधा बोल रहे हैं तो वे अब नहीं बोल रहे हैं। अनिरुद्धाचार्य ने मीडिया काे मेंढ़क का दर्जा देते हुए कहा जब मेंढ़क टर्र-टर्र करते हैं तो कोयल चुप हो जाती है।
