संत प्रेमानंद के समर्थन में उतरे कथावाचक अनिरुद्धाचार्य, बोले- टीआरपी के लिए लगा रहे गलत आरोप
संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मृत्यु के बाद कथावाचक अनिरुद्धाचार्य उनके समर्थन में आए हैं। उन्होंने ...और पढ़ें

कथावाचक अनिरुद्धाचार्यय।
HighLights
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने संत प्रेमानंद का खुलकर समर्थन किया
मीडिया पर टीआरपी के लिए अनर्गल आरोप लगाने का दावा
आश्रम ने संत प्रेमानंद के खिलाफ षड्यंत्र की आशंका जताई
संवाद सहयोगी, वृंदावन (मथुरा)। संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मृत्यु के बाद राधा केलिकुंज आश्रम को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियां फैल रही हैं। अनेक लोग अपने बच्चों से मिलने की उम्मीद लेकर आश्रम पहुंच रहे हैं तो इंटरनेट मीडिया में आश्रम को लेकर तरह तरह की चर्चाएं प्रसारित हो रही हैं। ऐसे में अब तक कोई बड़ा संत भले ही संत प्रेमानंद के पक्ष में खड़ा हुआ हो कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने मीडिया पर टीआरपी के लिए संत प्रेमानंद के प्रति अनर्गल बयानबाजी का आरोप लगाया है। जबकि आश्रम की ओर से जारी सूचना में कुछ लोगों द्वारा आश्रम व संत प्रेमानंद के खिलाफ षडयंत्र रचने का भी आरोप लगाया है।
संत प्रेमानंद के पक्ष में खड़े हुए कथावाचक
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने इंटरनेट मीडिया में वीडियो प्रसारित कर संत प्रेमानंद के पक्ष में खड़े होने का दावा किया है। अनिरुद्धाचार्य ने कहा संत प्रेमानंद भगवत भक्त हैं, भगवान में लीन रहते हैं, मीडिया के लोग उनके बारे में खुद ही कुछ भी बोल रहे हैं। आज के समय में मीडिया और कुछ लोग अपनी टीआरपी के लिए कुभी भी बोलते हैं, जानते कुछ नहीं और न ही कुझ समझते हैं, खुद जज बन जाते हैं, आरोप भी यही लगाते हैं।
कथावाचक ने कहा, कि संत प्रेमानंद ने प्रवचनों के जरिए करोड़ों भक्तों को भक्ति से जोड़ा, जब लोग उल्टा सीधा बोल रहे हैं तो वे अब नहीं बोल रहे हैं। अनिरुद्धाचार्य ने मीडिया काे मेंढ़क का दर्जा देते हुए कहा जब मेंढ़क टर्र-टर्र करते हैं तो कोयल चुप हो जाती है।

मृतक शिष्य की फाइल फोटो।
भक्तों के मायूस होकर लौटने और संत के खिलाफ षड्यंत्र रचने का आरोप
उधर, संत प्रेमानंद के इंटरनेट मीडिया हेंडल ब्रज संत महिमा में जारी बयान में केलिकुंज से भक्तों के मायूस होकर लौटने और संत प्रेमानंद के खिलाफ षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है। जारी संदेश में कहा है संत प्रेमानंद का शुक्रवार को राधा वाटिका आने की उम्मीद थी और उनके दर्शन की इच्छा लेकर बहुत से श्रद्धालु राधा वाटिका पहुंचे और काफी देर तक इंतजार करते रहे। वे नहीं आए तो भक्तों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
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संदेश में कहा है इस समय जिस तरह केलिकुंज और संत प्रेमानंद के खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है बेहद चिंताजनक है। उन्होंने निस्वार्थ सेवा करते हुए अनेक लोगों का जीवन बदला और भक्तिमार्ग दिखाया। लेकिन, मुट्ठीभर लोग उनके जिंदगीभर की साधना, संघर्ष परिश्रम पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसी स्थिति बनी रही तो वह दिन दूर नहीं संत प्रेमानंद दर्शन देना ही बंद कर देंगे।
