काम आई सांसद हेमा मालिनी की पहल: मथुरा के परखम में बनेगा ओवरब्रिज, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
मथुरा के परखम स्थित जमालपुर गांव में सड़क ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी मिल गई है, जिससे मथुरा-अछनेरा रेलवे लाइन ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
परखम स्थित जमालपुर गांव में सड़क ओवरब्रिज निर्माण को मिली अनुमति।
ओवरब्रिज बनने से मथुरा-अछनेरा रेलवे लाइन पर यातायात होगा सुगम।
सांसद हेमा मालिनी की पहल पर रेल मंत्री ने दी जानकारी।
जागरण संवाददाता, मथुरा। मथुरा-अछनेरा रेलवे लाइन के परखम स्थित जमालपुर गांव में सड़क ओवरब्रिज के निर्माण की अनुमति मिल गई है। ओवरब्रिज के निर्माण से सड़क यातायात बेहतर होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैभव ने पत्र लिखकर सांसद हेमा मालिनी को भी यह जानकारी दी है।
मथुरा-अछेनरा लाइन पर ट्रेनों का संचालन बढ़ रह है। यात्री गाड़ी के साथ मालगाड़ी का भी आवागमन होता है। बार-बार रेलवे फाटक बंद होने से सड़क यातायात बाधित होता है। लोगों को परेशानी होती है। इस मार्ग पर अभी और ट्रेन बढ़नी हैं। इसके लिए सांसद हेमा मालिनी ने सड़क ओवरब्रिज के निर्माण की पहल की थी।
सांसद हेमा मालिनी ने सड़क ओवर ब्रिज के निर्माण की थी पहल
ओवरब्रिज पर करीब 30 करोड़ की लागत आती है, इस पर 60 प्रतिशत धनराशि प्रदेश सरकार और 40 प्रतिशत धनराशि रेलवे व्यय करता है। ओवरब्रिज के निर्माण के लिए रेलवे ने हरी झंडी दे दी है।
सांसद प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा ने बताया कि परखम स्थित जमालपुर गांव में सड़क ओवरब्रिज का निर्माण होगा। पीआरओ संजय कुमार गौतम ने बताया कि कार्य स्वीकृत हो चुका है। जल्द टेंडर प्रक्रिया कराई जाएगी। इसके बाद कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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जलभराव से परेशान, डीएम से की समाधान की मांग
गांव किलोनी के प्रमुख मार्ग पर वर्षों से बने जलभराव की समस्या से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है जलभराव के चलते विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों व राहगीरों को आवागमन में दिक्कत होती है। लंबे समय से पानी भरा रहने के कारण दुर्घटना व संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
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ग्रामीणों ने बताया समस्या के संबंध में ग्राम प्रधान, वीडीओ एसडीएम संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन मौके पर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों का आरोप है शिकायतों का अभिलेखों में निस्तारण दर्शा दिया गया, स्थल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मार्ग का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कराने, मार्ग के निर्माण कराने, जल निकासी के लिए नाली अथवा ड्रेनेज की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।
