विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मथुरा: युवाओं ने न खटखटाया नौकरी का द्वार, खड़ा किया अपना रोजगार; सीएम युवा उद्यमी योजना से आर्थिक सहारा

Published: Tue, 15 Sep 2026 12:19 PM (IST)Updated: Tue, 15 Sep 2026 01:00 PM (IST)

मथुरा में 2500 से अधिक युवाओं ने नौकरी के बजाय मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत अपना रोजगार स्थापित ...और पढ़ें

मथुरा: गोपालपुर स्थित फैक्ट्री में तैयार होते कुल्लड़। फोटो जागरण

मथुरा: गोपालपुर स्थित फैक्ट्री में तैयार होते कुल्लड़। फोटो जागरण

HighLights

  1. मथुरा में 2500 से अधिक युवाओं ने स्वरोजगार अपनाया

  2. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से मिला आर्थिक सहारा

  3. युवाओं ने ₹5 लाख ब्याज रहित ऋण से व्यवसाय शुरू किए

जागरण संवाददाता, मथुरा। रोजगार की राह किसी दफ्तर के दरवाजे से ही नहीं निकलती। कभी वह कुम्हार के चाक पर घूमती मिट्टी में आकार लेती है। कभी औजारों की खनक में ढलती है। कभी कंप्यूटर की रोशनी में निखरती है। मथुरा के ढाई हजार से अधिक युवाओं ने इसी राह को पहचाना। नौकरी के इंतजार में बैठने के बजाय अपने हुनर को काम में बदला। उस काम को रोजगार में। सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान से मिले आर्थिक सहारे ने उनके सपनों को आकार दिया।

आज किसी के कारोबार में दो हाथ जुड़े हैं तो किसी के साथ 20 से अधिक लोग काम कर रहे हैं। जिन हाथों को कभी नौकरी चाहिए थी, वही हाथ अब दूसरे हाथों के लिए काम रच रहे हैं।

तीन वर्ष में ढाई हजार युवाओं ने खड़ा किया स्वयं का रोजगार

वर्ष 2024 से 26 के बीच जिले में ढाई हजार युवाओं ने सीएम युवा उद्यमी विकास योजना में अपना रोजगार खड़ा किया है। यमुनापार में कुल्हड़ इकाई चला रहे सतीश कुमार स्नातक करने के बाद नौकरी के लिए इधर-उधर भटके। फिर खुद का कारोबार शुरू करने की सोची। शहर में आने वाले पर्यटकों के लिए चाय, लस्सी के लिए कुल्हड़ की आवश्यकता समझ आई। इकाई शुरू कर दी। आज 20 से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं।

mathura youth business

सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान से मिला सहयोग, हुआ तैयार

रवींद्र कुमार ने बताया कि 12वीं के बाद पढ़ाई छूटी और 40 प्रतिशत शरीर में विकलांगता के कारण ज्यादा भगदौड़ नहीं हो पा रही थी। बक्सा बनाने का कार्य देखा था इसलिए लोन लेकर बलदेव में सादाबाद रोड पर काम शुरू कर दिया। दो कारीगरों की मदद से काम चल रहा है। सहालग में खूब बेहतर काम हो जाता है। गोपाल पुरा में कमल साफ्ट टायस बनाने का कार्य करते हैं। बताया पहले से काम जानते थे, लेकिन योजना का लाभ मिला तो काम ने रफ्तार पकड़ ली। अब दूसरों को भी रोजगार देते हैं।

मसानी के रहने वाले साेनू ने डेयरी व्यवसाय शुरू किया तो अपने साथ दो युवाओं को और रोजगार दे रहे हैं। सुनील ने लोन लेकर कंप्यूटर लगाए और जनसेवा केंद्र तैयार किया। वे अपने साथ पूरे परिवार का पोषण कर रहे हैं। ये कुछ उदाहरण हैं, ऐसे ही ढाई हजार से अधिक युवाओं का कार्य स्वरोजगार के सपने को साकार कर रहा है।

यह भी पढ़ें- कोसीकलां की 14 करोड़ की चोरी का 'चालाक चोर' दबोचा: 11 टीमों ने रातभर दी दबिश, पूर्व कर्मचारी ने चुराया था सोना

यह भी पढ़ें- राजस्थान का आगरा में जयपुर रियासत की संपत्तियों पर दावा, 1952 के विलय समझौते का हवाला

पांच लाख का ब्याज रहित मिला लोन

युवाओं को सीएम युवा उद्यमी विक्ष्कास अभियान के तहत पांच लांख रुपये का ब्याज रहित लोन जिला उद्योग केंद्र के माध्यम की संस्तुति पर बैंक द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। इस पर 10 प्रतिशत का अनुदान भी है।

सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य के तहत आवेदनों को स्वीकृत करा स्वरोजगार स्थापित कराए जा रहे हैं। युवाओं ने योजना का लाभ ले स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया है।

-

चंद्रभान सिंह, उपायुक्त उद्योग