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गोवा-महाराष्ट्र की चकाचौंध नहीं, मथुरा-वृंदावन में डेस्टिनेशन वेडिंग का बढ़ता क्रेज: वैदिक मंत्र और ब्रज संस्कृति में शादियां

Published: Mon, 28 Sep 2026 08:44 AM (IST)

मथुरा-वृंदावन में डेस्टिनेशन वेडिंग का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है, जहां युवा जोड़े गोवा-महाराष्ट्र की चकाचौंध छोड़कर वैदिक मंत्रों ...और पढ़ें

वृंदावन में डेस्टिनेशन वेडिंग स्थल पर तैयार धार्मिक थीम का सजावट। फोटो सौ. इवेंट प्लानर द्वारा

वृंदावन में डेस्टिनेशन वेडिंग स्थल पर तैयार धार्मिक थीम का सजावट। फोटो सौ. इवेंट प्लानर द्वारा

HighLights

  1. मथुरा-वृंदावन डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए पहली पसंद बन रहा है।

  2. प्रति वर्ष 500 से अधिक शादियां, जिनमें विदेशी भी शामिल हैं।

  3. वैदिक मंत्रों और ब्रज थीम पर होते हैं विवाह समारोह।

जागरण संवाददाता, मथुरा। वृंदावन के एक प्रमुख होटल पर पिछले दिनों जब दो दर्जन लग्जरी गाड़ियां और टूरिस्ट बस एक साथ आकर रुकी तो ब्रज में पधारों गीत, पुष्प वर्षा और बांसुरी वादकों ने अभिवादन किया। अंदर पहुंचे तो तुलसी की माला और चंदन से अभिनंदन हुआ। कमरों तक पहुंचाने की व्यवस्था में लगे वेटर भी राधे-राधे करते हुए साथ ले जा रहे थे। कुछ विश्राम के बाद ब्रज के भोग लगे तो आयोजनों का सिलसिला आगे बढ़ा।

हल्दी, मेहंदी की धूम मची तो वान्या और तुषार वैदिक मंत्रों के बीच जीवन भर के लिए एक दूजे के हो गए। विदाई में सभी को माखन-मिश्री की पोटली और बांसुरी भेंट की गई।

ब्रज की रज से लगाव और प्रेम का संदेश देने वाले कान्हा के प्रति खिंचाव है कि युवा जोड़े, दिल्ली, गोवा, महाराष्ट्र की चकाचौंध को छोड़ खिंचे चले आ रहे हैं। ब्रज थीम पर सजावट और म्यूर नृत्य के साथ महारास थीम पर संगीत संध्या सजाई जाती है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वैवाहिक गतिविधियां होती हैं।

भोजन में राधा रानी को भाने वाली अरबी का झोल, मिठाई में मशहूर पेड़ा

भोजन में राधा रानी को भाने वाली अरबी का झोल तो मिठाई में देशभर में मशहूर पेड़ा दिया जाता है। माखन-मिश्री के भोग से बारातियों का स्वागत तो मुरली के धुन सभी को लुभा रही होती है। एक दूसरे का हाथ थामने के बाद जोड़े बांके बिहारी जी का आशीर्वाद लेकर नए जीवन की शुरुआत करते हैं।

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वृंदावन में डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए तैयार किया प्रवेश द्वार। फोटो सौ. इवेंट प्लानर द्वारा

वैदिक मंत्रों के बीच एक वर्ष में 500 से अधिक हो रही शादियां

डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए मथुरा-वृंदावन लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। वर्षभर में 500 से अधिक बाहर से आने वाले जोड़े यहां शादियां कर रहे हैं। इसमें पांच से 10 शादियां विदेशी मेहमानों की भी हो रही हैं। कोई तकनीक का मास्टर है तो कोई बहुराष्ट्रीय कंपनियों में सेवाएं दे रहे हैं। कुछ का अपना कारोबार है। इस सब के बीच दो दिन का समय निकाल अपने नए जीवन की सुनहरी शुरुआत के लिए ब्रज में आते हैं।

बढ़ रहा है शादियों का आंकड़ा

वेडिंग प्लानर सतीश सिंह बताते हैं कि ब्रज में डेस्टिनेशन वेडिंग का क्रेज तेजी से बढ़ा है। कुछ वर्ष पहले तक 100 शादियां पूरे वर्ष में होती थीं, लेकिन अब ये आंकड़ा पांच से छह गुणा तक हो गया है। वर्षभर तक का प्लान तय हो जाता है। सबसे ज्यादा क्रेज ये रहता है कि शादी के बाद बांके बिहारी जी का देहली पूजन करने का अवसर मिले। थीम में लोगों की मांग अनुसार संशोधन किया जाता है, लेकिन सभी को ब्रज की प्राचीनता, आध्यात्म और ब्रज का वैभव चाहिए होता है।

अब विदेशी भी आ रहे

ईवेंट कोऑर्डिनेटर रमन बताते हैं कि देश ही नहीं विदेश से भी जोड़े वैवहिक बंधन में बंधने वृंदावन आ रहे हैं। वे यहां की संस्कृति, और आध्यात्मिक शांति को पसंद करते हैं। अधिक रीति रिवाज नहीं करते, लेकिन गोपी, ग्वाल की वेशभूषा में जयमाला जरूर करते हैं।

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वृंदावन में डेस्टिनेशन वेडिंग स्थल पर बनाया गया सेल्फी प्वाइंट। फोटो सौ. इवेंट प्लानर द्वारा

बांसुरी की धुन पर किया जाता है स्वागत

ईवेंट कोआर्डिनेटर हेमंत बताते हैं कि ब्रज में शादियां करने आने वाले जोड़ों में वृद्धि हुई है। अब तो सहालग का कोई दिन खाली नहीं जाता है, बल्कि एक दिन में कई भी हो जाती हैं। महीनों पहले से पार्टियां थीम समझ कर अपनी मांग भी बता देती हैं। उनका स्पष्ट कहना होता है कि ब्रज का आनंद चाहिए। दोनों पक्ष का स्वागत बांसुरी की धुन पर होता है।

दो दिन में मेहेंदी, हल्दी, संगीत और फिर शादी के बाद बांके बिहारी का आशीर्वाद लिया जाता है। हल्दी में हम महारास प्रस्तुत कराते हैं। मेहंदी में म्यूर नृत्य होता है। वहीं संगीत में दूल्हाअधिकांश, दुल्हन के परिवार के लोग अपने गानों पर तैयारी कर आते हैं। उसमें भी ब्रज से जुड़े गीत ही होते हैं। कुछ फिल्मी गानों को भी चुनते हैं।

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मिला रहा है कारोबार

होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के सचिव राजाभोज ने बताया कि बाहर से शादियां करने परिवार आते हैं तो मूल स्थान के साथ ही आसपास के होटल में कमरे बुक हो जाते हैं। इससे होटल इंडस्ट्री सहित वैवाहिक आयोजन से जुड़े दूसरे लोगों को भी कारोबार मिल रहा है।

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चार धाम, वृंदा आनंद और कई आश्रम कराते इंतजाम

छटींकरा स्थित चार धाम मंदिर में डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए पूरे इंतजाम है। यहां 800 लोगों तक की शादी हो जाती है। यहां अगले एक वर्ष और उससे आगे की भी तारीखें तय हो जाती हैं। वृंदा आनंद में भी डेस्टिनेशन वेडिंग जमकर हो रही हैं। इसके साथ ही वृंदावन के कुछ आश्रम भी हैं जहां मंडप सजते हैं और वैदिक मंत्रो के बीच जोड़े एक दूसरे का साथ निभाने के वचन लेते हैं।

लोगों को खींच कर लाने वाले श्रीकृष्ण हैं। उनके प्रेम में अभिभूत होकर लोग आते हैं और यहां अपने जीवन के सपने सजाते हैं। भीड़ वाले शहरों के साथ ही प्राकृतिक सुंदरता वाले राज्यों से भी लोग आते हैं। कुछ विदेशी लोग भी वैवाहिक बंधन में बंधते हैं।

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एकता अग्रवाल, वेडिंग प्लानर

श्रीजी, कान्हा जी की भूमि प्रेम का प्रतीक है। यहां दूसरे स्थानों से आकर शादी करने वालों की संख्या बढ़ी है। वर्षभर में 400 से 500 और इससे अधिक भी शादियां होती हैं। कुछ लोग सहालग की तिथियों से अलग भी शादियां करते हैं। क्रेज का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि आगामी एक वर्ष और उससे आगे तक की बुकिंग हो गई है।

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चिराग तोमर, वेडिंग प्लानर