छाता चीनी मिल आंदोलनकारियों पर आधी रात पुलिस की कार्रवाई, जबरन हटाया; 150 पर अमर्यादित टिप्पणी की FIR
पुलिस ने आधी रात को छाता चीनी मिल के आंदोलनकारियों को जबरन धरनास्थल से हटा दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो ...और पढ़ें

पुलिस ने खाली कराया धरनास्थल। सीसीटीवी से ली गई तस्वीर।
HighLights
पुलिस ने आधी रात छाता चीनी मिल आंदोलनकारियों को हटाया।
वाल्मीकि समाज पर टिप्पणी को लेकर 150 पर केस।
पूर्व सूबेदार ललित कर्मयोगी ने पैदल मार्च का आह्वान किया।
जागरण संवाददाता, मथुरा। छाता चीनी मिल के आंदोलनकारियों को आधी रात पुलिस ने जबरन धरना्स्थल से हटा दिया। धरनास्थल से एक महिला द्वारा वाल्मीकि समाज पर अमर्यादित टिप्पणी करने के आरोप में चार नामजद समेत डेढ़ सौ लोगों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। जबरन धरनास्थल से लोगों को हटाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। कई गांवों में आंदोलनकारी गोपनीय बैठक कर रहे हैं।
धरने की अगुवाई कर रहे सेना के पूर्व सूबेदार ललित कर्मयोगी ने एक वीडियो जारी कर ग्रामीणों से फिर एकत्र होकर जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च करने और गिरफ्तारी देने का आह्वान किया है। इधर, पूरे घटनाक्रम पर पुलिस भी सतर्क हो गई है।
13 अगस्त से चल रहा था धरना
छाता चीनी मिल को लेकर 13 अगस्त से धरना चल रहे थे। आगरा-दिल्ली हाईवे पर स्थित चीनी मिल के गेट पर धरना शुरू हुआ। सरकार ने बीते दिनों चीनी मिल में लगने वाले एथेनाल प्लांट को मंजूरी दे दी। इसके बाद भी धरना जारी था। आंदोलनकारियों ने घोषणा की कि जब तक चीनी मिल में काम नहीं शुरू हो जाता धरना जारी रहेगा।
रात ढाई बजे पहुंची पुलिस, आंदोलनकारियों को जबरन हटाया
रविवार रात ढाई बजे कई थानों की पुलिस फोर्स धरनास्थल पहुंची और आंदोलनकारियों को जबरन हटा दिया। आंदोलन की अगुवाई कर रहे सेना के पूर्व सूबेदार ललित कर्मयोगी मौके से निकल गए। उन्होंने सोमवार सुबह एक वीडियो जारी कर ग्रामीणों से अपील की है कि सभी लोग धरनास्थल पहुंचें। यहां से जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च किया जाएगा।
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पुलिस ने 150 पर रिपोर्ट लिखाईई
इधर, रात में पुलिस ने वाल्मीकि समाज के रघुवीर की ओर से धरने की अगुवाई करने वाले ललिता कर्मयोगी, जबर सिंह पूर्व प्रधान, दिगंबर चौधरी,टिप्पणी करने वाली नुन्ना देवी व डेढ़ सौ अज्ञात पर रिपोर्ट लिखाई गई है। पुलिस ने सुबह धरनास्थल पर बैकहोलोडर चलाकर समतल कर दिया।
