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लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार ने संभाली वन कोर की कमान, LoC और उग्रवाद-विरोधी अभियानों का रखते हैं अनुभव

Published: Fri, 02 Oct 2026 06:59 PM (IST)

लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार ने मथुरा में लेफ्टिनेंट जनरल वी हरिहरन से वन कोर के जनरल आफिसर कमांडिंग का पदभार संभाला।

कोर-1 की कमान संभालने के बाद शहीद स्मारक पर सलामी देते लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार। फोटो सौ. सूचना कार्यालय

कोर-1 की कमान संभालने के बाद शहीद स्मारक पर सलामी देते लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार। फोटो सौ. सूचना कार्यालय

HighLights

  1. लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार ने वन कोर की कमान संभाली।

  2. वे एडजुटेंट जनरल ब्रांच में एडिशनल डायरेक्टर जनरल थे।

  3. जम्मू-कश्मीर में उग्रवाद-विरोधी अभियानों का व्यापक अनुभव रखते हैं।

जागरण संवाददाता, मथुरा। लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार, सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल ने गुरुवार को मथुरा में लेफ्टिनेंट जनरल वी हरिहरन, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल से वन कोर के जनरल आफिसर कमांडिंग का पदभार संभाला।

वन कोर के जनरल आफिसर कमांडिंग का पद संभालने से पहले, लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार एडजुटेंट जनरल ब्रांच में एडिशनल डायरेक्टर जनरल, डिसिप्लिन एंड विजिलेंस के पद पर तैनात थे। लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार, सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, सैनिक स्कूल, तिलैया और नेशनल डिफेंस एकेडमी, पुणे के पूर्व छात्र हैं। 13 जून 1992 को द राजपूताना राइफल्स की चौथी बटालियन में कमीशन हुए थे।

जनरल आफिसर के पास मद्रास यूनिवर्सिटी से मास्टर आफ साइंस की डिग्री और उस्मानिया यूनिवर्सिटी से मास्टर आफ मैनेजमेंट स्टडीज की डिग्री है। उनके पास अलग-अलग तरह के इलाकों और आपरेशनल माहौल में काम करने का दुर्लभ और बहुमूल्य अनुभव है। इसमें जम्मू-कश्मीर में लाइन आफ कंट्रोल और उग्रवाद-विरोधी एवं आतंकवाद-विरोधी आपरेशन शामिल हैं।

34 साल से ज़्यादा के अपने शानदार करियर में, अपनी मूल यूनिट द राजपूताना राइफल्स की चौथी बटालियन की कमान संभालने के अलावा, वे जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के कमांडर और स्ट्राइक कोर के तहत एक इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल आफिसर कमांडिंग भी रहे हैं।

12वीं के बाद के बताए विकल्प

राया: रमेश चंद्र इंटर कालेज सोनई के कक्षा 11व 12 के छात्र-छात्राओं को मंगलायतन यूनिवर्सिटी का शैक्षिक भ्रमण कराया गया । भ्रमण के दौरान छात्रों को कक्षा 12 के पश्चात के कोर्स की जानकारी दी गई, जिससे कि स्कूली शिक्षा के पश्चात छात्र स्वयं की रुचि व योग्यता के आधार पर पाठ्यक्रमों का चुनाव कर अध्ययन कर सकें। इस दौरान प्रधानाचार्य हेमंत सिंह, मनीष कुमार रावत,राजेश सिंह , मीता शर्मा मौजूद थीं। 

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