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लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने संभाला मध्य कमान सेनाध्यक्ष का कार्यभार, देश की सबसे बड़ी कमान के मुखिया

Published: Thu, 01 Oct 2026 05:48 PM (IST)

Lieutenant General Sanjay Mitra: लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा को दस जून 1989 को इंडियन मिलिट्री एकेडमी से ग्रेनेडियर्स में कमीशन मिला था।

लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने गुरुवार को एक औपचारिक परेड में गार्ड आफ आनर का निरीक्षण किया

लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने गुरुवार को एक औपचारिक परेड में गार्ड आफ आनर का निरीक्षण किया

HighLights

  1. लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने लिया ले. जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता का स्थान

  2. युद्ध स्मारक स्मृतिका में ले. जनरल मित्रा ने किया बलिदानियों को नमन

  3. औपचारिक परेड में किया गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण

जागरण संवाददाता, लखनऊ : लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने गुरुवार को देश की सबसे बड़ी मध्य कमान के नये आर्मी कमांडर का कार्यभार संभाल लिया। युद्ध स्मारक स्मृतिका, छावनी में ले. जनरल मित्रा ने उन बलिदानियों को नमन किया, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा करने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया।

ले. जनरल संजय मित्रा मथुरा में एक स्ट्राइक कोर के कमांड सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रह चुके हैं। इससे पहले वह रक्षा मंत्रालय में महानिदेशक आपरेशनल लाजिस्टिक व स्ट्रेटेजिक मूवमेंट के पद पर तैनात थे। रक्षा मंत्रालय ने एक सितंबर को शिमला में आर्मी ट्रेनिंग कमांड के कमांडर के पद पर ले. जनरल एसपी सिंह और ले. जनरल संजय मित्रा को मध्य कमान के आर्मी कमांडर के पद पर नियुक्त करने के आदेश जारी किए थे। ले. जनरल एसपी सिंह लखनऊ के रहने वाले हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा को दस जून 1989 को इंडियन मिलिट्री एकेडमी से ग्रेनेडियर्स में कमीशन मिला था। तीन दशकों से अधिक लम्बे करियर में, उन्होंने कई कमांड और स्टाफ पदों पर काम किया है। उन्होंने अपने करियर में एक इन्फैंट्री बटालियन, इन्फैंट्री ब्रिगेड और इन्फैंट्री डिवीजन की कमान संभाली है। उन्होंने कमांडो स्कूल बेलगाम में इंस्ट्रक्टर और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन में चीफ इंस्ट्रक्टर (आर्मी) के तौर पर भी काम किया।

उन्होंने नेशनल सिक्योरिटी गार्ड में स्क्वाड्रन कमांडर और आर्मी वॉर कॉलेज की फैकल्टी ऑफ स्टडीज में कर्नल जनरल स्टाफ के तौर पर भी सेवाएं दीं। लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत होने के बाद, 9 जून 2023 को उन्होंने वन कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के तौर पर कार्यभार संभाला और 17 जून 2025 को यह कमान छोड़ी। इसके बाद वे आर्मी हेडक्वार्टर में डायरेक्टर जनरल ऑफ ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स एंड स्ट्रैटेजिक मूवमेंट के तौर पर कार्यरत रहे। उनको आपरेशन विजय मेडल, आपरेशन पराक्रम मेडल, सैन्य सेवा मेडल, हाइ अल्टीट्यूट मेडल सहित कई पदक प्राप्त हुए हैं।

थिएटर कमांड के गठन की जिम्मेदारी

ले. जनरल मित्रा पर प्रस्तावित थिएटर कमांड के गठन की जिम्मेदारी होगी। वह उस मध्य कमान की बागडोर संभालेंगे, जिसकी उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में चीन से सटी सीमा है। इस कमान में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश की सैन्य स्टेशनों और रेजिमेंट आती हैं। देश की छह आपरेशन और एक ट्रेनिंग कमांड में मध्य कमान सबसे महत्वपूर्ण है।

औपचारिक परेड में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण

लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने गुरुवार को एक औपचारिक परेड में गार्ड आफ आनर का निरीक्षण किया। उन्होंने ऑपरेशनल तैयारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने, रणनीतिक प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाने और पूरे थिएटर में मल्टी-डोमेन क्षमताओं को मजबूत करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। आर्मी कमांडर ने सूर्य कमान की सभी रैंकों, वीर नारियों, पूर्व सैनिकों, रक्षा नागरिक कर्मचारियों और उनके परिवारों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

ले. जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता का स्थान लिया

ले. जनरल मित्रा ने ले. जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता का स्थान लिया है। ले. जनरल अनिंद्यसेन गुप्ता करीब चालीस वर्षों की सेवा के बाद बुधवार को सेवानिवृत्त हो गए थे। बुधवार को उन्होंने युद्ध स्मारक स्मृतिका पर बलिदानियों को नमन कर अपनी सेवा से विदाई ली। ले. जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता की युद्ध तत्परता, क्षमता विकास और उभरती प्रौद्योगिकियों को शामिल करने पर उनके जोर ने कमान की आपरेशनल तैयारियों को और मजबूत किया है।