यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Shri Krishna Janmabhoomi: मुस्लिम परिवारों का टैक्स भर रहा जन्मस्थान ट्रस्ट, 13.37 एकड़ जमीन पर 60 दुकानें
Mathura News श्रीकृष्ण जन्मस्थान-शाही मस्जिद ईदगाह मामला जन्मस्थान की 60 दुकानें गेस्ट हाउस के साथ 32 मुस्लिम परिवार भी। अदालत ...और पढ़ें

मथुरा, जागरण, (विनीत मिश्र)। श्रीकृष्ण जन्मस्थान की संपत्ति को लेकर वाद न्यायालय में चल रहा है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर से शाही मस्जिद ईदगाह हटाने के लिए वर्तमान में 13 वाद न्यायालय में चल रहे हैं। सबमें एक ही मांग की गई है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर से शाही मस्जिद ईदगाह को हटाया जाए। इस 13.37 एकड़ में श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह है। उसका मालिकाना हक तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के पास है। ट्रस्ट इसके लिए हर वर्ष नगर निगम में हाउस टैक्स व वाटर टैक्स जमा करता है। बीते वर्ष ही 1.52 लाख रुपये टैक्स दिया गया। इनमें जन्मस्थान परिसर की दुकानों के साथ ही गेस्ट हाउस और इस भूमि पर बसे 32 मुस्लिम परिवार भी शामिल हैं।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान की पूरी भूमि 13.37 एकड़ अभिलेखों में दर्ज
श्रीकृष्ण जन्मस्थान की पूरी भूमि 13.37 एकड़ अभिलेखों में दर्ज है। इसमें ही शाही मस्जिद ईदगाह भी स्थित है। इस पूरी जमीन का मालिकाना हक भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के पास है। 1944 में वाराणसी के पटनीमल के वारिसों ने इस भूमि की रजिस्ट्री पंडित मदन मोहन मालवीय, गणेशदत्त और भीखनलाल आत्रेय के नाम पर की थी। इसके बाद 1951 में श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट का गठन हुआ। ये भूमि ट्रस्ट को सौंप दी गई। तब से ट्रस्ट ही पूरी संपत्ति का मालिक है। 13.37 एकड़ की भूमि पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान है। शाही मस्जिद ईदगाह है।
ईदगाह के बाहर भी 32 मुस्लिम परिवार
ईदगाह के बाहर 32 मुस्लिम परिवार भी रह रहे हैं। इसके अलावा ट्रस्ट की 60 दुकानें और गेस्ट हाउस भी है। ये मुस्लिम परिवार आजादी के पहले से यहां रह रहे हैं। इनसे ट्रस्ट कोई किराया नहीं लेता है। ट्रस्ट ने पूरी जमीन के वार्षिक वाटर टैक्स और हाउस टैक्स के 1,52,951 रुपये नगर निगम में जमा किए हैं। सरकार ने धर्मस्थलों को टैक्स से मुक्त किया है। ऐसे में जन्मस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह को छोड़कर बाकी संपत्ति टैक्स के दायरे में है।
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13.37 एकड़ की पूरी भूमि का मालिकाना हक श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के पास है। जो मुस्लिम परिवार रह रहे हैं। उनका भी टैक्स ट्रस्ट ही देता है। उनसे किसी प्रकार का किराया नहीं लिया जाता है। कपिल शर्मा, सचिव श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट।
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एक नजर
- 1815 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान की भूमि नीलामी में वाराणसी के पटनीमल को दी गई थी।
- 1944 में ये भूमि पटनीमल के वारिसों ने पंडित मदन मोहन मालवीय आदि को बेची थी।
- 1946 में पंडित मदन मोहन मालवीय का निधन हो गया।
- 1951 में श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट का गठन किया गया।
जो मुस्लिम परिवार रह रहे हैं, उनका टैक्स ट्रस्ट नहीं देता है। यदि ट्रस्ट देता है, तो इसकी रसीद दिखाए। ट्रस्ट गलत कह रहा है। - तनवीर अहमद, सचिव, शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी
