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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Banke Bihari Mandir Corridor: 506 करोड़ से बनेगा मंदिर का गलियारा, एक बार दर्शन कर सकेंगे 10 हजार श्रद्धालु

By vineet Kumar MishraEdited By: Abhishek Saxena
Published: Sat, 07 Jan 2023 07:24 AM (IST)

Banke Bihari Mandir Corridor पांच एकड़ में प्रस्तावित किया गया है आराध्य के मंदिर को गलियारा। प्राकृतिक सौंदर्य से सुसज्जित ...और पढ़ें

Banke Bihari Mandir Corridor: एक बार में रुक सकेंगे 10 हजार श्रद्धालु।
Banke Bihari Mandir Corridor: एक बार में रुक सकेंगे 10 हजार श्रद्धालु।

मथुरा, जागरण, विनीत मिश्र। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के लिए प्रस्तावित गलियारे पर पांच अरब छह करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हाई कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। परिक्रमा मार्ग स्थित जुगल घाट से गलियारा का मुख्य प्रवेश द्वार होगा। गलियारा का स्वरूप ऐसा तैयार किया गया है कि उसके अंदर प्रवेश करते ही आराध्य की छवि बाहर से ही दिखाई देगी।

पांच एकड़ में गलियारा प्रस्तावित

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में बढ़ती भीड़ को देख सरकार ने यहां पांच एकड़ में गलियारा प्रस्तावित किया है। इसकी रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है। जुगलघाट स्थित परिक्रमा मार्ग से इसका मुख्य रास्ता दिया गया है। यमुना के किनारे बन रहे यमुना रिवर फ्रंट से गलियारा के लिए रास्ता जाएगा। गलियारा के लिए जमीन का चिन्हांकन शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर काम भी शुरू हो जाएगा।

मंदिर परिसर इतना भव्य और दिव्य होगा कि एक बार में कम से कम 10 हजार श्रद्धालु इसमें रुक सकते हैं। मंदिर परिसर में दो तल होंगे, एक निचला तल होगा और एक तल उससे साढ़े तीन मीटर ऊंचा बनाया जाएगा। ठाकुर बांकेबिहारी ऊपरी तल पर विराजमान होंगे। हर तल पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

मंदिर आने के लिए बनेंगे तीन रास्ते

बांकेबिहारी मंदिर आने के लिए गलियारे में तीन रास्ते बनाए जाएंगे। एक रास्ता जुगलघाट से सीधा मंदिर तक पहुंचेगा। एक रास्ता विद्यापीठ चौराहे से आएगा और तीसरा रास्ता जादौन पार्किंग से आएगा, इसे वीआइपी मार्ग कहा जाता है। ये रास्ते करीब 20 से 25 मीटर तक चौड़े होंगे।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर होगा गलियारा

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर परिसर इतना भव्य होगा कि यहां पर प्राकृतिक वातावरण के बीच श्रद्धालु बैठ सकेंगे। इसके लिए चार ऐसे स्थल विकसित किए जाएंगे, जो हरियाली के बीच पार्क के रूप में होंगे। यहां श्रद्धालुओं के बैठने की भी व्यापक व्यवस्था होगी।

प्रथम तल पर होगा मंदिर

यहां की बनावट के हिसाब से ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के परिसर को दो हिस्सों में बांटा जा रहा है। निचले तल पर श्रद्धालुओं बैठने के लिए दो हरे-भरे दो पार्क विकसित किए जा रहे हैं। ये परिसर करीब 11 हजार वर्गमीटर का होगा। यहां पांच हजार मीटर का खुला क्षेत्र होगा। यहां जूता घर, सामान कक्ष, सार्वजनिक सुविधाएं, शिशु देखभाल कक्ष, चिकित्सा सुविधा, विशिष्ट अतिथि कक्ष, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पूजा सामग्री की दुकानें, तीर्थयात्री प्रतीक्षालय के साथ ही कान्हा की लीलाओं से सुसज्जित छायाचित्रों का गलियारा होगा।

10 हजार वर्ग मीटर का होगा ऊपरी तल

बांकेबिहारी मंदिर परिसर का ऊपरी तल करीब 10 हजार मीटर का होगा। ये निचले तल से साढ़े तीन मीटर ऊंचा होगा। सीढ़ियों के जरिए श्रद्धालु ऊपरी तल पर पहुंचेंगे। अगल-बगल सीढ़ियों और बीच में भव्य फव्वारा होगा। ऊपरी तल पर चढ़ते ही सामने ठाकुर बांकेबिहारी दिखाई देंगे। यहां करीब नौ सौ मीटर में मंदिर की परिक्रमा के लिए मार्ग विकसित किया जाएगा। करीब साढ़े छह हजार वर्गमीटर का खुला क्षेत्र विकसित होगा।

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यहां पर करीब आठ सौ वर्गमीटर का कान्हा की लीलाओं के चित्रों से सुसज्जित गलियारा होगा, इसी गलियारे पर श्रद्धालुओं की दर्शन के लिए कतार लगेगी। इसी में मंदिर से जुड़ा प्रथम तल होगा। जिसमें तीर्थयात्रियों के लिए गलियारा, पुलिस नियंत्रण कक्ष और मंदिर का प्रबंधन कक्ष होगा।