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दिल्ली में प्रदर्शन का वृंदावन में दिखा अलग असर: बांकेबिहारी के दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़, धक्का-मुक्की में पहुंचे मंदिर

Published: Sun, 11 Oct 2026 12:31 PM (GMT+05:30)

दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन, पितृ अमावस्या और सप्ताहांत की छुट्टी के कारण वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में भारी भीड़ ...और पढ़ें

बांकेबिहारी मंदिर के लिए उमड़ी भारी भीड़।

बांकेबिहारी मंदिर के लिए उमड़ी भारी भीड़।

HighLights

  1. दिल्ली प्रदर्शन और पितृ अमावस्या से बढ़ी भीड़।

  2. बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन को उमड़े हजारों श्रद्धालु।

  3. संकरी गलियों में धक्का-मुक्की, भक्तों को परेशानी।

संवाद सहयोगी, वृंदावन (मथुरा)। दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन और पितृ अमावस्या पर अवकाश का असर शनिवार को ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दिखाई दिया। सुबह श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन समय बढ़ने के साथ ही भक्तों की भीड़ उमड़ी। शनिवार को प्रदर्शन को देख दिल्ली-एनसीआर के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शुक्रवार को ही वृंदावन पहुंच गए थे। शनिवार को पितृ अमावस्या और रविवार को अवकाश होने के कारण दो दिन की छुट्टी ने भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ा दी। मंदिर के अंदर से लेकर आसपास की संकरी गलियों तक भीड़ का दबाव बना रहा। आपाधापी के बीच श्रद्धालुओं ने आराध्य के दर्शन किए। 

वहीं रविवार को भी बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी। सुबह पट खुलने से पहले ही वृंदावन की गलियों में भक्तों की भीड़ जुट गई।

इससे पहले शनिवार को दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था और आवागमन पर पाबंदियों के बीच वृंदावन में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही पर असर दिखाई दिया। हालांकि, सुबह मंदिर में भक्तों की संख्या कम रही, लेकिन बाद में आसपास के राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण भीड़ बढ़ने लगी।

बड़ी संख्या में दिल्ली-एनसीआर के श्रद्धालु एक दिन पहले ही पहुंच गए थे वृंदावन

पितृ अमावस्या पर ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन की अभिलाषा लेकर आए भक्तों को भीड़ के दबाव के बीच मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मंदिर तक पहुंचने वाले रास्तों और संकरी गलियों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। पुलिस के बैरियर पर रोके जाने के बाद जैसे ही आगे बढ़ने की अनुमति मिलती, श्रद्धालुओं में पहले दर्शन करने की होड़ लग जाती। आगे पहुंचने की कोशिश में धक्का-मुक्की होने लगती।

दो दिन की छुट्टी के कारण दोपहर बाद उमड़ी भीड़

भीड़ के दबाव में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। बदले मौसम में भी श्रद्धालु पसीने से तरबतर होकर दर्शन के लिए जूझते रहे। हर किसी के मन में बस एक ही भाव था कि किसी तरह आराध्य की एक झलक मिल जाए।

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धक्का-मुक्की के बीच दर्शन

सुबह से शुरू हुआ भीड़ का दबाव दोपहर तक बना रहा। दोपहर में मंदिर के पट बंद होने तक हजारों श्रद्धालु दर्शन नहीं कर सके। दिल्ली के पटेल नगर से आए चार साथियों के साथ सुरेश कोहली ने बताया कि शुक्रवार शाम ही वह वृंदावन आ गए थे। अब यहां घूमकर सोमवार की सुबह दिल्ली जाएंगे।

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