वित्तविहीन विद्यालयों और संस्कृत विद्यालयों के कर्मचारियों को भी मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा, मथुरा में 1367 स्कूल
उत्तर प्रदेश सरकार ने माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों व उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ।
वित्तविहीन और संस्कृत विद्यालयों के कर्मी भी शामिल।
इलाज में आर्थिक परेशानियों से मिलेगी बड़ी राहत।
जागरण संवाददाता, मथुरा। प्रदेश सरकार ने माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले से अशासकीय सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालयों के साथ संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत कार्मिकों को भी लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के दौरान आर्थिक परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
मथुरा में 1367 निजी विद्यालयों का तैयार होगा डेटा
जिले में कक्षा एक से आठ तक के 1367 निजी विद्यालय संचालित हैं। सरकार के निर्णय के अनुपालन में बेसिक शिक्षा विभाग को इन विद्यालयों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों का ब्योरा तैयार करना होगा। शासन से दिशा-निर्देश प्राप्त होने के बाद बीएसए कार्यालय इस संबंध में डेटा संकलन की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके लिए संबंधित विद्यालयों से कर्मचारियों की जानकारी जुटाई जाएगी।
प्रदेश सरकार के निर्णय से शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को मिलेगा लाभ
प्रक्रिया के तहत कर्मचारी अपने विद्यालय के प्रधानाध्यापक को आवेदन देंगे। विद्यालय स्तर पर आवेदन प्राप्त होने के बाद इन्हें संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के पास भेजा जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी आवेदनों का परीक्षण कर उन्हें बीएसए कार्यालय भेजेंगे। इसके बाद विभागीय स्तर पर कर्मचारियों का विवरण तैयार कर शासन के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस सुविधा का लाभ मिलने से निजी और वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत पात्र शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी सरकारी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से जुड़ने का अवसर मिलेगा। बीएसए रतन कीर्ति का कहना है कि शासन के जो भी निर्देश होंगे, उस आधार पर कार्य किया जाएगा।