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श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प, आठ राज्यों के भक्तों ने भरी हुंकार

Published: Sun, 27 Sep 2026 09:59 AM (IST)

बंगाल सहित आठ राज्यों से आए श्रीकृष्ण भक्तों ने मथुरा में जन्मभूमि के मूल गर्भगृह स्थल पर भव्य मंदिर निर्माण ...और पढ़ें

आठ राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने ली शपथ।

आठ राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने ली शपथ।

HighLights

  1. आठ राज्यों के श्रीकृष्ण भक्तों ने मंदिर निर्माण का संकल्प लिया।

  2. जन्मभूमि के मूल गर्भगृह स्थल पर भव्य मंदिर बनाने की शपथ।

  3. महेंद्र प्रताप सिंह ने इसे देशव्यापी जनआंदोलन बनाने को कहा।

जागरण संवाददाता, मथुरा। बंगाल, ओडिशा, दिल्ली,उत्तराखंड सहित आठ राज्यों से आए श्रीकृष्ण भक्तों ने शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के मूल गर्भगृह स्थल पर पुनः भव्य-दिव्य मंदिर निर्माण का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर आंदोलन का समर्थन करते हुए अपने-अपने राज्यों में जनजागरण अभियान चलाने और इस विषय को हर हिंदू तक पहुंचाने की शपथ ली। विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा कर रहे हैं।

राया के गणेश बाग स्थित अग्रवाल सेवा सदन में ठहरे यात्रियों के बीच श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह प्रकरण के हिंदू पक्षकार एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष, अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि और ईदगाह प्रकरण की लोगों को जानकारी दी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि का संघर्ष केवल अदालत की चहारदीवारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा विषय है।

राया में हुए कार्यक्रम में श्रद्धालुओं से कहा अपने-अपने शहर, गांव तक पहुंचा बनाए जनआंदोलन

महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि हर हिंदू अपने क्षेत्र में इस विषय को लेकर जनजागरण करे और समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करे। आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत जागरूक समाज होता है। यदि हर श्रद्धालु अपने गांव, मोहल्ले और नगर में दस नए लोगों तक इस विषय को पहुंचाने का संकल्प ले, तो यह अभियान देशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

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संत असीम कृष्णदास ने कहा, जन्मभूमि मुक्ति का संघर्ष आगे बढ़ रहा है

बंगाल से यात्रा का नेतृत्व कर रहे संत असीम कृष्णदास ने कहा कि जन्मभूमि मुक्ति का संघर्ष आगे बढ़ रहा है। अब इसे जन-जन तक पहुंचाने का दायित्व श्रद्धालुओं का भी है। कार्यक्रम में असीमदास, परमानंद दास, गोपालदास, राधारमण दास, नरोत्तम दास के अलावा विमल कुमार गर्ग, विजय अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, संकेत अग्रवाल मौजूद थे।