मथुरा स्कूल में नमाज विवाद में नया मोड़: प्रधानाध्यापक के निलंबन पर उठे सवाल, ग्रामीण बोले- वोट न काटने की साजिश
मथुरा के नौहझील ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से नमाज पढ़वाने के आरोप में निलंबित प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद के ...और पढ़ें

शिक्षक के सपोर्ट में पहुंचे लोग।

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जागरण संवाददाता, मथुरा। नौहझील ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से राष्ट्रगान की जगह जबरन नमाज पढ़वाए जाने के मामले में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। आरोप में निलंबित किए गए प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद के समर्थन में दो दर्जन से अधिक ग्रामीण डीएम सीपी सिंह से मिले।
अभिभावकों ने कहा कि बच्चों से जबरन नमाज पढ़ाने का आरोप झूठा है। मतदाता सूची की एसआईआर प्रक्रिया में वोट न काटने का केवल विवाद है। पूरा विवाद हुआ है। निलंबित प्रधानाध्यापक ने भी बताया कि उन पर मुस्लिम मतदाताओं के वोट काटने का दबाव बनाया जा रहा था।
निलंबित प्रधानाध्यापक की बहाली को डीएम से मिले ग्रामीण
जान मोहम्मद ने बताया कि वह एसआईआर में नौहझील क्षेत्र के बूथ नंबर 121 से 131 तक के दस बूथों के सुपरवाइजर हैं। पहले उसके क्षेत्र की एएसडी (एब्सेंट, शिफ्टेड व मृतक मतदाता) सूची इंटरनेट मीडिया पर यह कहकर प्रसारित की गई कि इसमें हिंदू वर्ग के वोट जान-बूझकर डाले गए हैं। उसके बाद उसे एक राजनीतिक पार्टी के पदाधिकारियों ने वोट काटने के करीब 100 फार्म-7 जमा कराने को दिए, जिसमें मुस्लिम मतदाताओं के वोट काटे जा रहे थे।
घटना के बाद बड़ी संख्या में जान मोहम्मद के पक्ष में आए लोग
बताया कि दबाव में 36 फार्म जमा कर लिए बाकी इसलिए वापस कर दिए कि तहसील से एक दिन में 10 फार्म-7 ही लेने के आदेश थे। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण के बाद ही उनकी शिकायत हो गई, जबकि वह शिकायतकर्ता भाजपा के मंडल अध्यक्ष को जानते तक नहीं। इस घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण जान मोहम्मद के पक्ष में आ गए।
डीएम को सौंपा ज्ञापन
अभिभावकों और ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर प्रधानाध्यापक पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया और उनकी तत्काल बहाली की मांग की। हा कि 24 घंटे के अंदर बहाल कर विघटन फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो विकास खंड नौहझील पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संजय पाठक, विजय कुमार, संतोष भारद्वाज, पूरन पाठक, दयाराम, इमरान, शमशाद और मुस्लिम कुरैशी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
आठ में केवल प्रधानाध्यापक ही मुस्लिम
इस स्कूल में केवल प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद ही मुस्लिम हैं, जबकि पांच सहायक अध्यापक और दो शिक्षामित्र हिंदू हैं। यहां
235 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 89 मुस्लिम हैं।
आनन-फानन में किए निलंबन पर उठे सवाल
प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद के विरुद्ध की गई एकतरफा निलंबन की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। 31 जनवरी को बीएसए द्वारा जारी निलंबन आदेश के मुताबिक शिकायतकर्ता दुर्गेश प्रधान ने 30 जनवरी को शिकायत की। खंड शिक्षा अधिकारी नौहझील ने विशेष तेजी दिखाते हुए 30 जनवरी को ही जांच आख्या प्रस्तुत कर दी। इसी जांच आख्या के आधार पर बीएसए ने 31 जनवरी को प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया।
अध्यापक के पक्ष में उतरा शिक्षक संघ
मथुरा। प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद को निलंबित करने पर पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ भी विरोध पर उतर आया है। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अतुल सारस्वत ने कहा कि जान मोहम्मद पर आरोप बेबुनियाद हैं। अधिकारियों को सही तथ्यों से अवगत नहीं कराया गया है। शिक्षक संघ प्रधानाध्यापक के साथ है।
