मथुरा में बच्चों को नमाज पढ़ाने वाला प्रिंसिपल सस्पेंड, मजहबी प्रचार करने का आरोप; समर्थन में उतरे अभिभावक
मथुरा के नौहझील क्षेत्र में एक प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद को बच्चों को इस्लाम धर्म अपनाने और नमाज ...और पढ़ें

नौहझील में प्रधानाध्यापक को निलंबित किए जाने के विरोध में विद्यालय में मौजूद विद्यार्थियों के स्वजन और ग्रामीण । फोटो जागरण
HighLights
प्रधानाध्यापक पर इस्लाम धर्म अपनाने को प्रेरित करने का आरोप
बच्चों को नमाज पढ़ाने और राष्ट्रगान न गाने की शिकायत
प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर प्रधानाध्यापक निलंबित, जांच जारी
जागरण संवाददाता, मथुरा। नौहझील क्षेत्र के शिक्षा के मंदिर में प्रधानाध्यापक पर बच्चों को इस्लाम धर्म अपनाने और नमाज पढ़ाने के आरोप का मामला सामने आया है। इस मामले में बीएसए रतन कीर्ति ने प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है। इस प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
प्राथमिक विद्यालय नौहझील प्रथम का मामला, बच्चों को इस्लाम धर्म के प्रति करता था प्रेरित
बाजना के भाजपा मंडल अध्यक्ष दुर्गेश प्रधान ने दिए बीएसए को एक शिकायती पत्र दिया। आरोप लगाया कि प्राथमिक विद्यालय नौहझील प्रथम में प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद बच्चों को इस्लाम धर्म के प्रति प्रेरित करते हैं। ब्रेनवॉश कर बच्चों से नमाज पढ़वाते हैं और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करते हैं। हिंदू धर्म को जाहिल लोगों का धर्म बताकर जहर उगलते हैं। विद्यालय में रहकर इनके द्वारा इस्लाम धर्म के प्रचार की अनेक संदिग्ध गतिविधियां जारी हैं।
सुबह विद्यालय में राष्ट्रगान का गायन न कराने का आरोप, बच्चों के विरोध पर हड़काते थे
आरोप है कि वे बच्चों को कहते हैं कि वे अपने मां बाप से कहें कि इस्लाम दुनिया का सर्वश्रेष्ठ धर्म है, उन्हें मस्जिद लाया करो। आरोप है कि प्रधानाध्यापक सुबह विद्यालय में राष्ट्रगान का भी गायन नहीं कराते, अगर बच्चे करते हैं तो उनको हड़काते हैं। खुद भी कभी राष्ट्रगान नहीं करते। इनकी उपस्थिति में विद्यालय में दूर-दूर से मुस्लिम लोग आते हैं और बच्चों के स्वजन पर इस्लाम धर्म अपनाने काे प्रेरित करते हैं। प्रधानाध्यापक महिलाओं के प्रति गंदी सोच व नजर रखता है। शर्म और बदनामी के डर से महिलाएं शिकायत करने से डरती हैं।
बीएसए ने सौंपी थी जांच
बीएसए ने इस मामले की जांच खंड शिक्षाधिकारी से कराई। बीएसए रतन कीर्ति ने बताया प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद को प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित करते हुए मांट के प्राथमिक विद्यालय नगला हिमायूं से संबद्ध किया गया है। खंड शिक्षाधिकारी छाता व मांट को जांच दी गई है।
अभिभावकों ने बताया आरोप को निराधार
मथुरा। बच्चों को नमाज पढ़ने के लिए प्रेरित करने के मामले में निलंबित प्रधानाध्यापक के समर्थन में छात्रों के अभिभावक आ गए हैं। निलंबन को गलत बताते हुए आरोपों को निराधार बताया है।
सोमवार को विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के अभिभावक स्कूल परिसर पहुंचे और इस कार्रवाई की निंदा की। ग्रामीणों का कहना था कि प्रधानाचार्य प्रतिदिन समय से स्कूल आने के साथ प्रतिदिन राष्ट्रगान व प्रार्थना कराते थे। पूर्व ग्राम प्रधान वीना अग्रवाल ने कहा, जान मोहम्मद 10 वर्ष बीएसएफ में सेवा देने के बाद अध्यापन कार्य में आए हैं, उनकी निष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करना समझ से परे है। नौहझील के पूर्व प्रधान ने प्रधानाध्यापक का निलंबन रद कर तैनाती की मांग की।
