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अखिलेश के करीबी विधायक बृजेश कठेरिया को झटका: जानलेवा हमले के आरोप में ब्लॉक प्रमुख सहित सात दोष मुक्त 

Published: Mon, 28 Sep 2026 01:53 PM (IST)

मैनपुरी में 2021 के ब्लॉक प्रमुख नामांकन विवाद में सपा विधायक बृजेश कठेरिया पर जानलेवा हमले के आरोपित ब्लॉक प्रमुख ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. 2021 ब्लॉक प्रमुख नामांकन के दौरान हुआ था विवाद।

  2. सपा विधायक बृजेश कठेरिया ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी।

  3. न्यायालय ने स्वतंत्र गवाहों के अभाव में सभी को बरी किया।

जागरण संवाददाता, मैनपुरी। जागीर ब्लॉक परिसर में वर्ष 2021 में ब्लाक प्रमुख के लिए नामांकन के दौरान हुए विवाद में किशनी से सपा विधायक पर जानलेवा हमले के आरोपित ब्लॉक प्रमुख सहित सात लोगों को न्यायालय ने दोष मुक्त कर दिया है।

मामले की सुनवाई करते हुए स्पेशल जज एससी-एसटी के न्यायाधीश ने फैसला सुनाया है। न्यायालय ने ये भी पाया कि सुनवाई के दौरान विधायक के अलावा कोई भी स्वतंत्र गवाह आरोपों को सिद्ध नहीं कर सका था।

मामले की सुनवाई करते हुए स्पेशल जज एससी-एसटी के न्यायाधीश ने सुनाया फैसला

वर्ष 2021 के जुलाई माह में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नामांकन प्रक्रिया चल रही थी। इस बीच किशनी के सपा विधायक बृजेश कठेरिया आठ जुलाई 2021 को एलाऊ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें बताया कि वह जागीर ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी आशुतोष उर्फ बिल्लू का नामांकन कराने के लिए दोपहर एक बजे के करीब जागीर ब्लॉक जा रहे थे। जब कार जिला पंचायत गेस्ट हाउस पहुंची तो वहां आए मोहित राठौर निवासी वीरपुर कलां ने अपनी कार आगे लगा दी और उनके चालक की कनपटी पर तमंचा तानकर नामांकन न करने देने की धमकी दी।

घेरकर जान से मारने की धमकी का आरोप

विधायक का आरोप था कि इसी बीच वहां आए भाजपा के ब्लॉक प्रमुख जागीर मनेश चौहान उर्फ गुड्डू, बृजेश सिंह निवासी खरपरी, संजीव कुमार निवासी नगला अनी, अशोक सिंह उर्फ टीटू चौहान वीरपुर, कौशलेंद्र सिंह निवासी सुगांव और रामू चौहान निवासी औडेन्य पड़रिया ने ईंट-पत्थर से हमला बोल दिया। जातिसूचक गालियां देकर अपमानित करते हुए घेरकर जान से मारने की धमकी दी। किसी तरह बचकर विधायक ने सूचना दी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें बचाया।

विधायक ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट

विधायक ने जानलेवा हमला, अनुसूचित जाति उत्पीड़न, कार क्षतिग्रस्त करना, मोबाइल छीनने आदि की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने जब विवेचना की तो मोबाइल लूटने, कार क्षतिग्रस्त करने, डकैती और बलवा जैसे कोई साक्ष्य नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने अनुसूचित जाति उत्पीड़न और जनप्रतिनिधि पर जानलेवा हमले में आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया।

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गवाह ने नहीं दी गवाही

मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट के न्यायालय में हुई। जहां सुनवाई के दौरान न्यायालय साक्ष्यों का गहनता से विश्लेषण किया तो विधायक और मुख्य पीड़ित के अलावा किसी भी स्वतंत्र गवाह ने गवाही नहीं दी। मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी गंभीर चोट आदि की पुष्टि नहीं हुई। जिस पर न्यायाधीश जयप्रकाश ने ब्लाक प्रमुख मनेश चौहान, मोहित राठौर, बृजेश सिंह, संजीव कुमार, अशोक सिंह, रामू चौहान और कौशलेंद्र सिंह को अनुसूचित जाति उत्पीड़न और जानलेवा हमले से दोष मुक्त कर दिया है।