कैसे हुई संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी की मौत? 11 मिनट के CCTV में कैद! प्राइवेट पार्ट काटा
संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक ने वृंदावन में आत्महत्या कर ली। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि ...और पढ़ें

संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी की फोटो इंसेट में।
HighLights
प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण ने की आत्महत्या।
आत्महत्या से पहले गुप्तांग काटा, सीसीटीवी में कैद घटना।
पुलिस कर रही है मामले की गहन जांच, कई सवाल अनुत्तरित।
जागरण संवाददाता, मथुरा। राधा नाम का प्रचार करने वाले संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक की आत्महत्या की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया है कि टाइल्स काटने वाले ग्लाइंडर से दीपक ने खुद का गुप्तांग काटा और फिर खून सने कपड़े पहन आराम से कमरे के बाहर घूमा और चौथी मंजिल की छत पर चढ़ गया। वहां से कूदकर जान दे दी।
कमरे से निकलने से लेकर कूदने तक यह 11 मिनट सीसीटीवी में कैद हैं। आत्महत्या ही करनी थी, तो गुप्तांग क्यों काटा गया ? इन सवालों की गुत्थी भी अभी पुलिस सुलझा नहीं पाई है।
सीसीटीवी में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम, गुप्तांग काटने से खड़े हुए कई सवाल
मध्य प्रदेश जबलपुर के नर्मदा बस्ती फरहदुली निवासी दीपक लोढ़ा दो वर्ष पहले वृंदावन आए और यहां संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली। इसके बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर रसिक दुलारी शरण रख लिया था। इसके बाद वह वृंदावन में ही रहकर साधु जीवन व्यतीत कर रहे थे। वह संत प्रेमानंद के श्रीराधा केलिकुंज आश्रम से चंद कदम की दूरी पर राधावाटिका वाली गली में गुरुकृपा कुंज नामक बने चार मंजिला अपार्टमेंट में प्रेमानंद के शिष्य युगल नेही शरण के साथ रह रहे थे।
मोबाइल पर भजन सुनते समय दिया वारदात को अंजाम
शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे उन्होंने अपार्टमेंट की चौथी मंजिल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पूर्व उन्होंने कमरे में ग्राइंडर से अपना गुप्तांग काटा। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इसमें सुबह 10.25 बजे रसिक दुलारी शरण कमरे से बाहर निकलते दिखाई दिए। गुप्तांग काटने से कपड़े खून से सने थे। कुछ देर कमरे के बाहर घूमे और फिर चौथी मंजिल की छत पर गए और वहां पर बैठ गए।
इसके बाद 10 सेकंड के लिए जमीन पर लेट गए। फिर एकदम से उठे और 10.36 बजे छलांग लगा दी। यह छत पर लगे सीसीटीवी में दिखाई दिया। इसी दौरान नीचे गली में एक महिला निकल रही थी। वह बाल-बाल बच गई।
एक वर्ष से स्वजन से भी नहीं करता था बात
घटना के बाद वहां रहने वाले अन्य साधक ने बाहर से कमरा बंद कर दिया। दोपहर दो बजे के बाद सूचना पर जब पुलिस पहुंची तो कमरा खोला गया। उस वक्त मोबाइल में भजन चल रहा था। पुलिस ने कमरे में साथ रहने वाले युगल नेही शरण से भी पूछताछ की, उन्होंने बताया कि वह सुबह ही जल्दी चले गए थे।
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लोगों से बहुत कम बात करते थे रसिक दुलारी
रसिक दुलारी उनसे या अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों से बहुत कम बात करते थे। स्वजन ने वृंदावन के केशीघाट पर शाम पांच बजे शव का अंतिम संस्कार करा दिया। भाई मनीष ने मुखाग्नि दी। भाई मनीष ने प्रार्थना पत्र देकर कहा कि हम दो बार आश्रम आए, लेकिन रसिक दुलारी शरण से मिलने नहीं दिया गया। मृत्यु कारणों की जांच की जाए। एक वर्ष से उसका स्वजन से भी संपर्क नहीं था।
एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अभी मृत्यु के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। गुप्तांग काटने का मामला गंभीर है, हर पहलू की जांच की जा रही है। मृतक के मोबाइल की सीडीआर भी निकलवाई जा रही है।
