जागरण संवाददाता, मैनपुरी : प्रधानी के चुनाव और पट्टे की जमीन की रंजिश में मकबूलपुर के प्रधान पुत्र की हत्या अगवा करने के बाद पीट-पीटकर की गई थी। वारदात में सात लोग शामिल थे। हत्या का राज छिपाने के लिए शव को गड्ढे में दबा दिया। पुलिस ने घटना का राजफाश कर दो अभियुक्तों को दबोच लिया।

कुरावली के गांव मकबूलपुर के प्रधान लालची खां बंजारा 23 अप्रैल को परिवार सहित एटा में आयोजित विवाह समारोह में गए थे। घर की देखभाल के लिए उनका 17 वर्षीय पुत्र रिजवान रुक गया था। अगले दिन सुबह लालची खां परिवार सहित वापस लौटे, तो रिजवान घर पर नहीं मिला। काफी तलाश के बाद भी पता नहीं चला। 25 अप्रैल को रिजवान के गायब होने की रिपोर्ट थाना कुरावली में दर्ज कराई गई। 30 अप्रैल को एक श्वान मानव पैर लेकर गांव पहुंचा तो लोगों को रिजवान के साथ अनहोनी की आशंका हुई। इलाके की खोजबीन की तो एक खेत में रिजवान का शव गड्ढे में दबा मिला। उसका एक पैर बाहर निकला हुआ था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो पीटने और गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई।

पुलिस ने तहकीकात की तो पता चला कि गांव में प्रधानी के चुनाव में सीट आरक्षित होने के कारण सचिन ने अपने पक्ष के कप्तान ¨सह को चुनाव लड़ाया था। जबकि दूसरे पक्ष के अवधेश ¨सह ने लालची खां को प्रत्याशी बनाया था। दोनों ही पक्षों ने प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी। चुनाव में लालची खां की जीत हुई, जिससे सचिन पक्ष बौखला गया। लालची खां को परेशान करना शुरू कर दिया। आए दिन गाली-गलौज व मारपीट से तंग आकर लालची खां ने सचिन व उसके साथियों के विरुद्ध अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया। सचिन द्वारा हत्या कराए जाने की आशंका जताई थी। इन शिकायती पत्रों पर पुलिस ने ध्यान नहीं दिया था। घटना के बाद इन्हीं शिकायती पत्रों के आधार पर पुलिस को रंजिश के बारे में जानकारी हुई। पुलिस ने सचिन व उसके साथियों के मोबाइल फोन नंबर सर्विलांस पर लिए, तो घटना वाले दिन उनकी उपस्थिति घटनास्थल के आसपास मिली। थानाध्यक्ष आरके ¨सह ने बताया कि उन्होंने सचिन व उसके साथी ब्रजमोहन को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो सारी जानकारी सामने आ गई। अभियुक्तों ने हत्या करने की बात कुबूल करते हुए बताया कि रिजवान नाबालिग होने के बावजूद काफी तेज था। प्रधान पद के सारे काम की देखभाल करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई कराने में भी तेज था। आरोपितों ने कराया था 600 बीघा जमीन का पट्टा

सचिन ने पुलिस को बताया कि उसने अपने परिजनों व रिश्तेदारों व मिलने वालों के नाम गांव में 600 बीघा सरकारी जमीन का पट्टा करा लिया था। लालची खां चुनाव जीता तो वह पट्टा खारिज कराने की फिराक में रहने लगा। उसने पट्टे आवंटन में हुई अनियमितता की जानकारी देते हुए डीएम से शिकायत कर पट्टा खारिज कराने की मांग की थी। रिजवान भी इस कार्रवाई में लालची खां के साथ गया था। एक ओर तो प्रधानी का चुनाव जीतने के बाद लालची खां उन्हें पसंद नहीं था। वहीं उसने पट्टा निरस्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी, तो जमीन जाने का डर सताने लगा। लालची खां से बदला लेने व कार्रवाई न हो सके, इसलिए रिजवान का अपहरण कर हत्या कर दी। हत्यारोपियों ने स्वीकार किया कि घटना वाले दिन रात नौ बजे रिजवान घर के बाहर घूम रहा था। सचिन व उसके साथी कप्तान ¨सह, विजय प्रताप व मुनेंद्र उधर से घूमते हुए निकले। रिजवान को अकेले देख उसे पकड़ ले गए। उनके साथी राजीव कुमार निवासी हीरापुर, ब्रजमोहन निवासी दूल्हापुर, आशीष निवासी बल्लमपुर थाना औंछा रास्ते में मिल गए। सभी ने रिजवान को बुरी तरह पीटा। गला दबा दिया, इससे उसकी मौत हो गई। शव ठिकाने लगाने के लिए गांव के पास खेत में बने एक गड्ढे में शव डालकर मिट्टी से दबा दिया। जल्दबाजी में रिजवान के पैर मिट्टी के बाहर रह गए, इससे उसका शव बरामद हो गया। पिटाई पर नहीं की थी पुलिस ने कार्रवाई

होली से एक दिन पहले रिजवान घूम रहा था। तभी सचिन व उसके साथियों ने उसे दबोच लिया। बुरी तरह मारा पीटा। रिजवान के काफी चोटें आईं। उसने थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया। रिजवान की तहरीर पर रिपोर्ट भी दर्ज नहीं हुई। क्या कहते हैं अधिकारी

दो हत्याभियुक्तों को बंदी बना लिया गया है। फरार पांच अन्य अभियुक्तों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। जल्द बंदी बनाकर जेल भेज दिया जाएगा।

आरके ¨सह, थानाध्यक्ष कुरावली।

Posted By: Jagran

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