मैनपुरी में दर्दनाक हादसा: सड़क पर उतरते ही पुलिसकर्मी के बेटे को डीसीएम ने रौंदा, परिवार में मचा कोहराम
मैनपुरी में एक दर्दनाक हादसे में डायल 112 पर तैनात पुलिसकर्मी के छह वर्षीय बेटे को डीसीएम ने रौंद दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

मैनपुरी में दर्दनाक हादसा: पुलिसकर्मी के बेटे को डीसीएम ने रौंदा, परिवार में मचा कोहराम
HighLights
पुलिसकर्मी के छह वर्षीय बेटे की डीसीएम से मौत।
मैनपुरी-औंछा मार्ग पर हुआ यह दर्दनाक सड़क हादसा।
चालक फरार, पुलिस टीमें तलाश में जुटी हुई हैं।
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। बाजार से खरीदारी कर पत्नी और बच्चों के साथ घर लौट रहे डायल 112 पर तैनात पुलिसकर्मी के छह वर्षीय पुत्र को डीसीएम ने रौंद दिया। हादसे में बालक की मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई। पुत्र को बचाने के लिए स्वजन कुछ कर पाते, तब तक चालक डीसीएम लेकर फरार हो गया। पुत्र की मृत्यु से स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। स्वजन ने पोस्टमार्टम इनकार कर दिया। पुलिस डीसीएम चालक की तलाश में जुटी है।
यह है पूरा मामला
औंछा थाने की पीआरवी-112 पर तैनात सिपाही कुलदीप चौधरी पत्नी मोनिका और दो बच्चों के साथ थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में रहते हैं। रविवार शाम करीब पांच बजे वह वैगनआर कार से पत्नी और बच्चों के साथ मैनपुरी बाजार से खरीदारी कर लौट रहे थे।
जब कार औंछा-मैनपुरी मार्ग पर गांव छतारी के निकट पहुंची तो छह वर्षीय पुत्र परमिस को लघुशंका लगी। इस पर कुलदीप ने कार को सड़क किनारे रोक दिया तो परमिस खिड़की खोलकर अचानक कार से उतर गया।
तभी औंछा की ओर से आ रही तेज रफ्तार डीसीएम ने उसे रौंद दिया, जिससे बालक की मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई। हादसे के बाद स्वजन में चीख-पुकार मच गई तो आसपास के लोग एकत्र हो गए। इस बीच चालक डीसीएम लेकर फरार हो गया।
सूचना मिलते ही एएसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी, सीओ कुरावली सच्चिदानंद और इंस्पेक्टर औंछा चंद्रपाल सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने हादसे की जानकारी लेकर डीसीएम चालक की तलाश में पुलिस की दो टीमें लगा दी हैं। एएसपी ग्रामीण ने बताया कि टक्कर मारने वाले डीसीएम चालक की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यूकेजी का छात्र था परमिस
मूलरूप से मथुरा जिले के थाना राया क्षेत्र के गांव अनौड़ा निवासी कुलदीप चौधरी के दो पुत्र हैं। जिनमें परमिस बड़ा था और वह कस्बा औंछा के ही आरपीएस एजुकेशनल एकेडमी में यूकेजी का छात्र था। हादसे के बाद स्वजन मां मोनिका चौधरी का रो-रोकर बुरा हाल है। स्वजन शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर गांव के लिए रवाना हो गए हैं।
