मैनपुरी में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार, 64 फर्जी वेबसाइट के जरिए बिछाता था जाल
मैनपुरी साइबर पुलिस ने नौकरी और लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना राघवेंद्र को गिरफ्तार किया है।

HighLights
नौकरी और लोन ठगी गैंग का सरगना गिरफ्तार।
राघवेंद्र ने 64 फर्जी वेबसाइटों से की ठगी।
50 लाख से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा।
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। साइबर थाना पुलिस ने नौकरी दिलाने और लोन देने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले गैंग के सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपित अपनी पावर इंफोटेक फर्म के नाम से 64 फर्जी वेबसाइट बनाकर साथियों के साथ मिलकर करीब 50 लाख की ठगी कर चुका है। पुलिस घटना के छह आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
रविवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि साइबर थाना पुलिस ने बिहार के समस्तीपुर जिले के थाना ताजपुर क्षेत्र के गांव बेरोखरा निवासी और वर्तमान में वार्ड नंबर चार लक्ष्मी-गणेश नगर दिल्ली में रह रहे राघवेंद्र को भोगांव रोड से गिरफ्तार किया है।
फेसबुक और गूगल एड के जरिए करता था विज्ञापन
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह गैंग बनाकर लोगों से नौकरी और लोन दिलाने के नाम पर ठगी करता था। वह 64 से अधिक फर्जी फाइनेंस, टूर- ट्रैवल्स और मूवीज से मिलती-जुलती भ्रामक वेबसाइट बनाकर, फेसबुक कैंपेन और गूगल एड के जरिए भ्रामक विज्ञापन जारी कर लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
उसने 62 जीमेल अकाउंट भी बना रखे थे। इस ठगी के खेल में शामिल उसके गैंग के छह सदस्यों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। आरोपित ने बताया कि उसका साथी शेखर लोगों को बहला-फुसलाकर बैंक खाता खुलवाता और लिंक मोबाइल नंबर सुनील गुप्ता को देता था। सुनील गुप्ता म्यूल खातों का विवरण काल सेंटर संचालक दानवीर, अर्जुन को और एटीएम-मोबाइल नंबर रुकुम तक पहुंचाता था।
दानवीर और अर्जुन सिंह काल सेंटर चलाकर नौकरी डाट काम, मांस्टर डाट काम की फर्जी वेबसाइट्स पर विजिट करने वालों का डाटा लेते थे और रजिस्ट्रेशन-ट्रेनिंग के नाम पर ठगी की रकम सुनील के खातों में जमा कराते थे।
रुकुम म्यूल खातों से ठगी की रकम एटीएम या जनसेवा केंद्रों से निकालकर सुनील गुप्ता तक पहुंचाता था। एसपी ने बताया कि आरोपित अब तक लोगों से 50 लाख से अधिक की ठगी कर चुके हैं।
ये आरोपित पहले ही हो चुके गिरफ्तार
एएसपी नगर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठगी गैंग का सरगना राघवेंद्र ने 10 साल पहले अपनी फर्म पावर इंफोटेक स्थापित की थी। इसके बाद उसने सुनील गुप्ता, रुकुम निवासी बेवर, शेखर निवासी दीवानी रोड, अर्जुन निवासी अशोक नगर चंदौसी संभल, दानवीर और तान्या निवासी फ्लैट नंबर 1478 सेक्टर एमयू-दो ग्रेटर नोएडा के ठगी का गैंग बनाया।
आरोपितों के खिलाफ 18 शिकायत अलग-अलग स्थानों से प्राप्त हुई तो पुलिस पहले ही सुनील, रुकुम, शेखर, अर्जुन, दानवीर और तान्या को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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