मैनपुरी का बाबा शेगनाथ मंदिर: 45 दिन बाद बनी खीर, भोग लगाकर बांटा प्रसाद; मेले में पहुंचे हजारों श्रद्धालु
Mainpuri News: मैनपुरी के किशनी स्थित बाबा शेगनाथ मंदिर में ऋषि पंचमी पर 45 दिन बाद खीर बनाकर भोग लगाया ...और पढ़ें

Mainpuri News: कुम्हौल स्थित बाबा शेगनाथ मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुगण l जागरण
HighLights
किशनी के बाबा शेगनाथ मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
45 दिन बाद खीर बनाकर भोग लगाया और प्रसाद बांटा गया।
मेले में दुकानें लगीं, सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही।
संवाद सूत्र, किशनी (मैनपुरी)। Mainpuri News: क्षेत्र के कुम्हौल पर बाबा शेगनाथ मंदिर पर मंगलवार को पहले दिन ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए। श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन कर मनौती मांगी। भक्तों ने सैकड़ों नेजा चढ़ाए। साथ ही क्षेत्र में 45 दिन बाद मंगलवार को खीर बनाने के बाद शेगनाथ मंदिर पर भोग लगाया गया। इसके बाद खीर का प्रसाद बांटा गया।कुम्हौल ग्राम सभा में मान्यता है कि सावन से ऋषि पंचमी तक खीर खाने से सर्प दंश का खतरा रहता है। इसलिए क्षेत्र के लोग सावन के आरंभ होने के बाद ही खीर नहीं बनाते हैं।
मंगलवार को ऋषि पंचमी होने के कारण खीर बनाई गई। इसके बाद शेगनाथ मंदिर पर खीर का भोग लगाकर प्रसाद बांटा गया। फिर क्षेत्र के लोगों ने भी खीर खाई।
कुम्हौल के बाबा शेगनाथ मंदिर पर पहले ही दिन लगा श्रद्धालुओं का तांता
मंगलवार को प्रथम दिवस पर भीड़ होने के कारण भक्तों को मंदिर तक पहुंचने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद ही वह मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थापित बाबा शेगनाथ महाराज के दर्शन कर सके। पांच दिवसीय इस मेला के लिए कई दिन पूर्व ही तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। यही कारण रहा कि मेला में मंगलवार को खाने-पीने का स्टाल, विसातखाना, घरेलू सामान, पत्थर के सामान, मटके, मिट्टी के खिलौने आदि की सैकड़ों दुकानें लगी हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूला आदि लगाए गए हैं।
थानाध्यक्ष गगन कुमार गौड़ ने वहां तैनात पुलिसकर्मियों को मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखने के निर्देश दिए। मंदिर परिसर में अस्थायी चौकी बनाई गई है।
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष विनोद शाक्य, प्रबंधक संतोष कठेरिया, उपाध्यक्ष अरविंद पुजारी, उप प्रबंधक नवनीत वर्मा, रूबी यादव, विनीत कठेरिया, शिवपाल शाक्य, ब्रजपाल कठेरिया, सोनू कठेरिया, यश कुमार आदि सुरक्षा में मुस्तैद रहे।
वायगीरों द्वारा बजाई जाती है ढाक
मंदिर में भूतल पर वायगीरों द्वारा ढाक बजाई जाती है। ढाक बजते समय रोग से पीड़ित लोग झूमने लगते हैं। मान्यता है कि जो लोग विषमेल, कंठमाला, गांठी, भूत प्रेत बाधा से पीड़ित है। उनका इलाज यहां भेंट और बाबा के सामने माथा टेकने मात्र से हो जाता है। सर्प का विष दूर करने के लिए यहां दिन रात ढाक बजती है। बस रोगी और वायगीर बदलते रहते हैं।
