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4 शब्दों में छिपा था घर का पता, AI ने समझी महिला की मजबूरी और मिला दिया 800 किमी दूर अपनों से

Published: Sun, 27 Sep 2026 09:21 PM (IST)

महोबा पुलिस ने यूपी-112 पर मिली सूचना के बाद एक भटकी महिला को एआई तकनीक से उसके झारखंड स्थित परिवार ...और पढ़ें

एसआई शिवांगी गुप्ता व पति रम्भा तोपनो के साथ खड़ी हीरा तोपनो। पुलिस

एसआई शिवांगी गुप्ता व पति रम्भा तोपनो के साथ खड़ी हीरा तोपनो। पुलिस 

HighLights

  1. यूपी-112 पर मिली भटकी महिला की सूचना

  2. एआई तकनीक ने महिला के टूटे शब्दों को समझा

  3. झारखंड में 800 किमी दूर परिवार से मिलाया

जागरण संवाददाता, महोबा। एआई ने एक महिला के चार टूटे फूटे शब्दों को समझा और उसे 800 किमी दूर अपने परिवार से मिलाया जा सका। नाम-पता बताने में असमर्थ महिला के मुंह से निकले चंद टूटे-फूटे शब्द को एआई ने अपनों तक पहुंचाने की एक कड़ी बुन दी। महोबा में भटककर आई महिला की पहचान हुई। इसके बाद उसे सकुशल परिवार वालों से मिलवाया।

यूपी-112 पर मिली भटकी महिला की सूचना पर पुलिस ने बेहतर काम किया। नाम-पता न बताने वाली महिला की पहचान के लिए एआई तकनीक का सहारा लिया गया और उसके मुंह से निकले तीन-चार टूटे-फूटे शब्दों से ही झारखंड में उसके घर का पता लगा लिया। इसके बाद उसे स्वजन को सौंपकर, सकुशल घर के लिए रवाना किया।

थाना खरेला क्षेत्र के ग्राम बल्लाय में 20 सितंबर को एक अज्ञात महिला के भटकने की सूचना यूपी-112 को मिली। पुलिस उसे मिशन शक्ति केंद्र खरेला लाई, लेकिन महिला अपना नाम-पता नहीं बता पा रही थी। न उसके पास पहचान पत्र था, न मोबाइल। उसे वन स्टाप सेंटर भेजा गया। यहां की प्रभारी एसआई शिवांगी गुप्ता ने तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया।

महिला द्वारा बोले जा रहे टूटे-फूटे शब्दों को समझकर एआई तकनीक की सहायता से संभावित नाम व स्थान खोजा गया। पहचान हीरा तोपनो पत्नी रम्भा तोपनो निवासी जिला खूंटी के ग्राम डिगरी झारखंड के रूप में हुई। पुलिस ने झारखंड में संपर्क कर स्वजन को महोबा बुलाया और महिला को सकुशल सौंप दिया।

एएसपी वंदना सिंह ने बताया कि महिला मानसिक रूप से ठीक है। वह कुछ दिन पहले घर से निकल गई थी। पैसे व पहचान पत्र न होने से इधर-उधर भटकते हुए साधन मिलने पर बैठ जाती थी और इस तरह महोबा पहुंच गई। तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए उसके स्वजन को खोजा गया और इसके बाद उसे सकुशल उनके सिपुर्द किया गया।

इस तरह स्वजन तक पहुंची पुलिस

वन स्टाप सेंटर की प्रभारी एसआई शिवांगी गुप्ता ने बताया कि महिला तीन से चार शब्द बोल रही थी। वह अपना नाम भी नहीं बता पा रही थी। मुंडा और रोंगटा शब्द को एआई तकनीकी से खोजा गया तो पता चला कि यह झारखंड के जिलों में बोले जाते है। वहां की लोकल पुलिस से महिला की बात कराई गई तो उसने बताया कि यह शब्द यहीं पर बोले जाते है। महिला ने रोंगटा, खूंटी, मुंडा शब्द बोले तो फिर खोजा गया और खूंटी वहां का जिला निकला। वहां के सभी गांव के नाम महिला को बोलकर बताए गए। तब उसने एक गांव डिगरी रिपीट किया। वहां की पुलिस से संपर्क किया और इसके बाद स्वजन मिल गए।

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