यूपी के 13 जिलों में बारिश थमी, अब नदियां उफान पर, मां-बेटी समेत छह की मौत
उत्तर प्रदेश के 13 जिलों में बारिश थमने के बाद नदियां उफान पर हैं, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे ...और पढ़ें

हमीरपुर के मौदहा बांध का जलस्तर बढ़ने से छोड़ा गया पानी। जागरण
HighLights
बारिश थमने के बाद यूपी के 13 जिलों में नदियां उफान पर
कानपुर देहात, बांदा, फर्रुखाबाद में छह लोगों की दुखद मौत
तिल, ज्वार, बाजरा समेत कई फसलें तबाह, नुकसान बढ़ने की आशंका
जागरण टीम, कानपुर। 24 सितंबर से चल रही बारिश का दौर रविवार को थम गया। फर्रुखाबाद में 24 घंटे में 296 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। कानपुर में भी 45 साल का रिकार्ड टूट गया। कई जगह मकान, सड़कें और पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है। गंगा का जलस्तर सात सेंटीमीटर बढ़ा है।
हमीरपुर में मौदहा बांध से छोड़े गए करीब 80 हजार क्यूसेक पानी से विरमा नदी उफान पर आ गई। शिवनी गांव का बगिया डेरा टापू बन गया, जहां करीब 90 लोगों को बचाया गया। स्वामी ब्रह्मानंद बांध भी उफान पर है। बांदा में केन व यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। उन्नाव, कन्नौज व फतेहपुर में गंगा का पानी तटवर्ती क्षेत्रों तक पहुंच गया है। चित्रकूट में मंदाकिनी शांत है। तिल, ज्वार, बाजरा, उड़द व मूंग की फसलें तबाह हुई हैं। अगेती धान की फसल गिर गई है और अभी नुकसान बढ़ने की आशंका है।

बारिश में गिरी कच्ची कोठरी व घटना पर बिलखते परिवार के सदस्य। जागरण
Kanpur Dehat में घर गिरने से मां-बेटी की मौत
हादसों में कानपुर देहात के शिवली में कच्ची कोठरी गिरने से मां व उनकी अधिवक्ता बेटी की मौत हो गई।
Banda व Farrukhabad में डूबने से 4 की मौत
बांदा में नाले में बहने से किशोरी की जान गई। फर्रुखाबाद में तालाब में डूबने से एक बालक, नाले में बहने से चार वर्षीय बच्चे और पानी भरे गड्ढे में डूबने से श्रमिक की मौत हुई।
फिर भारी वर्षा के आसार, आंधी-वज्रपात का अलर्ट
प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने सोमवार को हमीरपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फतेहपुर, कन्नौज, फर्रुखाबाद, उन्नाव में वज्रपात और तेज हवा के साथ मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं कुछ जगहों पर तेज बारिश हो सकी है।

Auraiya में बारिश-तेज हवा ने मचाई तबाही, कई मकान ढहे, 37 घंटे बिजली गुल
औरैया में शुक्रवार व शनिवार समेत रविवार हुई बारिश और तेज हवाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश के चलते बिधूना, अछल्दा, सहार, फफूंद और ऐरवाकटरा क्षेत्र में कई कच्चे मकान धराशायी हो गए।अछल्दा के घासरा गांव में कच्चा मकान गिरने से एक गाय, बछड़ा और भैंस का बच्चा मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर तीनों को सुरक्षित निकाल लिया। अजीतमल बाबरपुर क्षेत्र में 37 घंटे बाद शनिवार देर रात बिजली आ सकी। लगातार बारिश के चलते अजीतमल सब स्टेशन की असेनी से आई हाईटेंशन और देवकली से आई लाइन में फाल्ट आ गया था। इससे अजीतमल कस्बे के 15 वार्डों समेत 100 से अधिक गांवों की बिजली चली गई।
फसलों को लेकर किसान चिंतित
लगातार हुई बारिश से धान, बाजरा, मक्का सहित सभी फसलों को काफी नुकसान है। फसल खेतों में पट पड़ी है। किसानों ने बताया कि यदि आगे मौसम लगातार खुला रहे। तो बाजरा काला नहीं पड़ेगा। नुकसान कम होगा। यदि आगे भी बारिश हुई तो बड़ी समस्या हो जाएगी। तेज हवा और बारिश से उसरारी गांव में खेत में गिरी बाजरा की खड़ी फसल को बर्बाद होता देख माथे पर हाथ रखे किसान ज्ञान सिंह बैठे नजर आए।
बांदा में केन नदी का जलस्तर 95.31 मीटर तो यमुना पहुंची 90.69 मीटर पर
बांदा में नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। केन नदी का जलस्तर 0.31 मीटर बढ़कर 95.31 मीटर हो गया है जो कि शनिवार को 95 मीटर पर था। वहीं यमुना नदी का जलस्तर 0.24 मीटर बढ़कर 90.69 मीटर पर आ गया है, जो शनिवार को 90.45 मीटर पर रहा। इसमें केन नदी खतरे के निशान से 8.69 मीटर व यमुना नदी 9.31 मीटर नीचे बह रहीं हैं। केन नदी व यमुना का पानी बढ़ रहा है। जिले की केन, यमुना, चंद्रावल नदियों के जलस्तर बढ़ने से पैलानी के पड़ोहरा-अमारा रपटा समेत चारों रपटों का आवागमन बंद है। उधर वर्षा के चलते बदौसा के तुर्रा गांव के मजरा ढूंढा पुरवा में भगवान दास का कच्चा अटारीदार मकान गिर गया। मलबे में अनाज, भूसा व गृहस्थी का सामान दबकर नष्ट हो गया। तिंदवारी में हाईवे में गड्ढों से होकर वाहन गुजरते रहे।

कानपुर देहात में गहोलिया व सरायं गांव में ढहे आठ कच्चे मकान
तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से रविवार को गहोलिया व सरायं गांव में आठ कच्चे मकानों को छत ढह गई। अकबरपुर तहसील के गहोलिया गांव में शनिवार देर रात रामऔतार कश्यप, शमी, हनीफ, नेता दिवाकर, तुलसी, तेजराम व सरायं गांव में संजय बाजपेयी व झल्लू बाजपेयी के मकान के कच्चे हिस्से की छत भरभराकर ढह गई।
बारिश से खनपना मार्ग बहा, 300 गांवों की बिजली गुल
सरवनखेड़ा के खनपना गांव में अत्यधिक बारिश के कारण पुलिया धंसने से करीब 30 फीट डामर सड़क कट गई। इससे कानपुर नगर को देहात से जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। वहीं तेज हवा और बारिश से रूरा, शिवली, डेरापुर, बनीपारा और झींझक उपकेंद्रों से जुड़े करीब 300 गांवों की बिजली व्यवस्था भी रविवार देर शाम तक पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकी। मौसम विभाग के अनुसार जिले में तीन दिनों में 261 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
ईशन नदी उफनाई, पांच गांवों में घुसा पानी, नवीन थाना परिसर जलमग्न
बिल्हौर क्षेत्र में ईशन नदी का जलस्तर बढ़ने से मकनपुर, खाड़ामऊ, इलियासपुर समेत पांच गांवों में पानी भर गया। इलियासपुर में नदी किनारे बसी बस्ती में पानी पहुंचने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वहीं बिल्हौर के नवीन थाना भवन परिसर में करीब चार फीट पानी भरने से पुलिसकर्मियों का आवागमन प्रभावित रहा। वहीं, शिवराजपुर में रजबहे की पटरी कटने से भटपुरा और नई बस्ती में पानी भर गया। उत्तरीपुरा में भी जलनिकासी बाधित होने से दो गांवों में पानी भर गया।
कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला जारी
बारिश के बाद कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला शुरू हुआ है। चौबेपुर के दरियापुर गांव में तीन कच्चे घरों के गिरने से एक परिवार के तीन भाइयों को मुसीबत का सामना करना पड़ा है। यहां अशोक शुक्ला, अन्नू शुक्ला और लल्लू शुक्ला के कच्चे मकान रविवार की सुबह गिर गए। तीनों भाइयों की दीवारें आपस में जुड़ी हुई थीं। इधर दादरपुर कटरा के संजय दुबे का कच्चा मकान गिर गया। उनका परिवार घर के बाहर होने के चलते बच गया। इधर देवपालपुर गांव के राजन शुक्ला के मकान में अंदर का कमरा और बरामदा शनिवार की रात गिर गया। तहसील प्रशासन ने राजस्व निरीक्षकों को जांच कर पीड़ित परिवार को आपदा राशि दिलाने के निर्देश दिए हैं।
बारिश में कच्ची कोठरी ढही, मलबे में दबकर मां-बेटी की मौत
झमाझम बारिश में शनिवार देर रात नवल निवादा भेवान गांव निवासी मां-बेटी के लिए काल बन गई। लगातार बारिश के कारण कच्ची कोठरी भरभराकर गिर गई। उसमें सो रहीं बुजुर्ग महिला और उनकी अधिवक्ता बेटी मलबे में दब गईं। बुजुर्ग महिला की मौत हो चुकी थी। गंभीर हालत में बेटी को सीएचसी शिवली ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। नवल निवादा गांव निवासी नीलू पाल व उनकी मां आवास के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहीं थीं। संपूर्ण समाधान दिवस में भी उन्होंने कई बार प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारों की ओर से उदासीनता दिखाई गई। इससे मां बेटी कच्ची कोठरी में रहने को विवश थी।
इटावा में बारिश में बाइक फिसलने से पति की मौत
बसरेहर क्षेत्र के अकबरपुर मोड़ पर पत्नी को लेकर ससुराल से लौटते समय बारिश के दौरान बाइक फिसलने से सड़क पर गिरकर घायल हुए बाइक सवार पति ने जिला अस्पताल लाते समय दम तोड़ दिया। जबकि उसकी पत्नी हादसे में बाल-बाल बच गई। उसे हल्की फुल्की खरोंच आयी। ऊसराहार बिजलीघर को बिजली आपूर्ति देने वाली 33 केवी लाइन के तीन खंभे और एक क्रास टूट गया था। इस कारण करीब 60 गांवों में अंधेरा छा गया। 44 घंटे बाद भी बिजली नहीं सही हो सकी।
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फर्रुखाबाद में कच्चे घरों पर कहर बनकर टूटी वर्षा, 47 गिरे
फर्रुखाबाद में शमसाबाद के गांव बेलासरायगजा में धीरेंद्र कुमार, सुमन लता, आलोक कुमार, वर्षा देवी, पुष्पा देवी, कुंती देवी व मनोज कुमार के मकान शनिवार रात गिर गए। गांव खुड़नावैद्य में राकेश कुमार, रियाज व रामजीत के कच्चे मकान गिर गए और सामान नष्ट हो गया। गांव दलेलगंज मिल्किया में राघवेंद्र व विपिन राठौर के मकान की छत गिर गई। मुहल्ला इमली दरवाजा में मुनीश, मुहल्ला चौखंडा में सतीश मिश्रा, भगवान दास, मुकेश, मुहल्ला दलमीर खां में इमामबाड़ा, मुहल्ला सिकंदरपुर महमूद में पंकज राजपूत, रमेश चंद्र, मिंटू व हरीश चंद्र के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। कायमगंज के मुहल्ला नोनियमगंज में संतोष कुमार के घर का अंदरुनी हिस्सा ढह गया। श्रीकृष्ण के घर की दीवार ढह गई। मो. नियाज उर्फ पप्पू के घर में अंदरूनी हिस्सा ढह गया। जिले में करीब 47 कच्चे घर गिर गए।
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फतेहपुर में वर्षा से फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा
वर्षा ने गंगा कटरी के बाढ़ प्रभावित गांव की दुश्वारियों को और बढ़ा दिया है। गंगा का पानी उतर चुका है, वर्षा के कारण गांव में फिर जल भराव हो गया है। बाढ़ से प्रभावित गांव के खेतों के खड़ी फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। अब प्रभावित परिवार को शासन से सर्वे के बाद राहत की उम्मीद लगाए हैं। गंगा और पांडु नदी में आई बाढ़ से कटरी के सात गांव औसेरीखेड़ा, मदारपुर, बिंदकी फार्म, बड़ाखेड़ा, सदनहा, काली कुंडी व नया खेड़ा में बाढ़ का पानी घुस गया था। बाढ़ के पानी से घिरे गांव के खेतों में करीब एक माह से पानी भरा है। इससे खेत की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।
हमीरपुर के मौदहा में 24 गांवों का संपर्क टूटा, रपटों से दो मीटर ऊपर बह रहा पानी
मौदहा तहसील क्षेत्र में तीन दिनों के दौरान करीब 40 घंटे हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। चंद्रावल नदी, शिहो नाला, श्यामनाला, बिछुही और कडोड़न नाले उफान पर हैं। कई रपटों के ऊपर करीब दो मीटर तक पानी बहने से 24 गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क टूट गया है। वहीं 50 से अधिक कच्चे मकान ढह गए।
हमीरपुर में बांध से पानी छोड़ने से उफनाई विरमा नदी, बाढ़ में फंसे लोगों का रेस्क्यू शुरू
लगातार बारिश से विरमा नदी पर बने स्वामी ब्रह्मानंद बांध का जलस्तर उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। शनिवार शाम तक हुई बारिश के बाद नौ गेटों से 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे शिवनी गांव के बगिया डेरा में बाढ़ का पानी भर गया और 90 लोग फंस गए। रविवार को सुबह सूचना पर एसडीएम मौदहा करनवीर सिंह, सीओ राजकुमार पांडेय और सीएफओ रेहान अली मौके पर पहुंचे और प्रादेशिक सशस्त्र बल (पीएसी) की फ्लड टीम की मदद से 26 लोगों को निकाला गया।\
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उरई में दो दिन की बारिश में 120 से अधिक घर गिरे
दो दिन हुई बारिश के कारण जिले भर में 130 से अधिक घर गिर गए जिसमें लोगों की गृहस्थी का सामान खराब हो गया। कोंच के गोरा करनपुर में पशुबाड़ा गिरने से तीन भैंसें घायल हो गईं। घर गिरने के बाद लोगों ने सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। सिरसा कलार-बाबई मार्ग पर हथना खुर्द के पास कोंच मलंगा नाला दो दिन तक हुई बारिश के कारण उफान पर आ गया है। इस कारण रपटा पुल डूबने से लगभग 50 से अधिक गांवों का आवागमन ठप हो गया है।
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कन्नौज में गंगा का जलस्तर बढ़ा, दहशत में ग्रामीण
रविवार को मेहंदी घाट पर गंगा का जलस्तर 124.87 मीटर दर्ज किया गया। चेतावनी बिंदु 124.97 मीटर से अब 10 सेमी गंगा का जलस्तर दूर है। गंगा का जलस्तर बढ़ते ही कासिमपुर, बख्सीपुर्वा, कटरी गंगपुर, अलियापुर, गुमटिया, सदिकापुर, जुकैया समेत करीब 20 गांव के ग्रामीणों को बाढ़ का खतरा सताने लगा है। वहीं, नरौरा बांध से 32 हजार क्यूसेक पानी गंगा नदी में छोड़ा गया है। जिले में मंगलवार सुबह तक इस पानी के प्रवाह से गंगा का जलस्तर बढ़ सकता है।

उन्नाव में 117 घर गिरे, 15 पशु व एक किसान की मौत
जिला प्रशासन के सर्वे में 117 घर गिरने, 15 पशु और एक किसान की मौत हुई है। वहीं कल्याणी, सई नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ गया है। जबकि गंगा के जलस्तर में नौ सेमी की वृद्धि हुई है। इससे गंगा कटरी क्षेत्र में बाढ़ की आशंका दोबारा बनी हुई है। शहर के दादामियां चौराहा पर एक घर का छज्जा गिर गया। वहीं, वर्षा से 203 पोल गिरे और 1040 गांवों की बिजली गुल हो गई।
कानपुर में पांडु फिर उफनाई, 10 दिन में दूसरी बार 150 परिवारों ने छोड़ा घर
तीन दिन से हो रही बारिश ने शहर के निचले इलाकों में परेशानी फिर बढ़ा दी। सबसे ज्यादा असर पांडु नदी के किनारे बसे इलाकों में है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही बर्रा, मेहरबान सिंह का पुरवा, पिपौरी, बिहारीपुरवा, गोपालपुरम, गुजैनी के मायापुरम, बर्रा-आठ की वरुण विहार कच्ची बस्ती और भौंती के पनका गांव समेत 10 मोहल्लों में पानी भर गया। इससे 200 से अधिक आवास जलमग्न हो गए और रास्ते पानी में डूब गए। इन क्षेत्रों में रहने वाले 50 हजार लोग फंस गए तो एनडीआरएफ, पीएसी और प्रशासन की संयुक्त टीमें राहत व बचाव कार्य में उतरीं। करीब 150 परिवारों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। इनमें से 80 लोग राहत शिविरों में रुके हैं। महाराजपुर के सिकठिया में भीषण बारिश के बाद रात में सड़क किनारे खाली पड़ी जमीन धंस गई और लगभग 25 फीट गहरा व दो फीट चौड़ा गहरा गड्ढ़ा हो गया। लोगों ने रविवार सुबह गड्ढा देखा तो घबरा गए।

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