Bank Strike: रविवार को खुले रहे सभी बैंक, अब कल से 3 दिन हड़ताल, कानपुर में थम जाएगा अरबों का कारोबार
वित्त मंत्रालय के निर्देश पर कानपुर में बैंकों ने रविवार को वित्तीय व्यवस्था संभालने के लिए कामकाज किया, क्योंकि सोमवार ...और पढ़ें
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HighLights
वित्त मंत्रालय के निर्देश पर रविवार को बैंक खुले रहे
सोमवार से तीन दिवसीय बैंक हड़ताल, वित्तीय ढांचा प्रभावित
अरबों का कारोबार ठप, चेक क्लियरिंग रुकेगी, डिजिटल विकल्प
जागरण संवाददाता, कानपुर। बैंकों की प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल के चलते चरमराने वाली वित्तीय व्यवस्था को संभालने के लिए वित्त मंत्रालय के निर्देश पर रविवार को बैंक शाखाएं खुली रहीं। रविवार को सामान्य कामकाज हुआ। खाता खोलवाने से लेकर लाकर आपरेट करने वाले ग्राहक भी बैंकों में पहुंचे, हालांकि आम दिनों की तुलना में संख्या काफी कम रही।
अब अगले तीन दिन बैंकों की पूर्ण हड़ताल रहने से शहर का वित्तीय ढांचा बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। 26 सितंबर से दो अक्टूबर के सात कार्य दिवसों में बैंक केवल दो दिन ही पूरी तरह खुल सकेंगे, जिससे समूची कारोबारी गतिविधियां ठप पड़ने की आशंका है। इस हालात को संभालने के लिए बैंक प्रबंधन ने अपने चीफ मैनेजर स्तर के अधिकारियों को बैंक शाखा खोलने का निर्देश दिया है लेकिन जिले में 11 सरकारी बैंकों की करीब 400 शाखाएं हैं और इतने चीफ मैनेजर स्तर के अधिकारी तैनात नहीं हैं।
हड़ताल के दौरान बैंककर्मियों के पहले से लेकर तीसरे स्तर यानी असिस्टेंट मैनेजर, डिप्टी मैनेजर, मैनेजर और क्लर्क स्टाफ तक काम पर नहीं आएंगे। इससे सभी बैंकों का काम-काज प्रभावित होना तय माना जा रहा है। नकद जमा और निकासी की बैंकिंग सेवा पूरी तरह से ठप पड़ जाएगी। तीन दिनों तक बैंकों से चेक क्लियरिंग भी नहीं हो सकेगी।
30 सितंबर को बैंकों की अर्धवार्षिक (छमाही) क्लोजिंग निर्धारित होती है। यदि हड़ताल के कारण क्लोजिंग का काम समय पर पूरा नहीं हुआ, तो बैंक सरकार को वित्तीय डाटा उपलब्ध नहीं करा पाएंगे। इससे स्टाक एक्सचेंजों को तय समय पर रिपोर्ट नहीं जाएगी, जिसका सीधा असर स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआई) समेत प्रमुख बैंकों की मार्केट वैल्यू और उनके शेयरों के मूल्यांकन पर पड़ सकता है।
अरबों की चेक क्लियरिंग होगी ठप
हड़ताल के तीन दिनों के दौरान चेक क्लियरिंग की प्रक्रिया पूरी तरह बंद रहने के आसार हैं। लगातार तीन दिनों तक क्लियरिंग न होने के कारण स्थानीय और औद्योगिक व्यापार को अरबों रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। इसके अलावा, आम ग्राहक शाखाओं से डिमांड ड्राफ्ट भी नहीं बनवा सकेंगे। सबसे बड़ी बात है कि अगर ग्राहक को ऐसी समस्या का सामना करना पड़ता है जिसमें उसे बैंक शाखा जाना जरूरी है तो वह काम बिल्कुल नहीं हो सकेगा।
डिजिटल सेवाओं का सहारा
हड़ताल के दौरान शाखाओं में काम -काज ठप रहने से ग्राहकों को केवल डिजिटल प्लेटफार्म से ही सहायता मिल सकेगी। स्टेट बैंक के अधिकारियों ने बताया कि योनो एप पर 16 ग्राहक सेवाएं उपलब्ध हैं। मोबाइल बैंकिंग के जरिए फंड ट्रांसफर, एफडी, आरटीजीएस, एनईएफटी और कार्डलेस कैश विदड्राल जैसी सुविधाएं मिलेंगी। जिन ग्राहकों के पास नेट बैंकिंग नहीं है या जिन्हें सीधे बैंक काउंटर से लेन-देन करना है, उन्हें अगले तीन दिनों तक समस्या हो सकती है।
