सोनौली सीमा पर कम हुआ मालवाहकों का दबाव, चीन का सामान भी पहुंच रहा नेपाल
सोनौली सीमा पर नेपाल में बाढ़ के कारण लगे मालवाहकों के लंबे जाम में कमी आई है, अब वाहनों की ...और पढ़ें

13 से घट कर छह किमी हुई वाहनों की कतार। जागरण
HighLights
सोनौली सीमा पर मालवाहकों की 13 किमी लंबी कतार घटी।
भैरहवा भंसार कार्यालय अतिरिक्त समय तक खुलने से निकासी तेज।
चीन का सामान अब सोनौली मार्ग से नेपाल पहुँच रहा है।
संवाद सूत्र (सोनौली) महरागंज। भारत-नेपाल सीमा पर मालवाहकों का दबाव धीरे-धीरे कम हो रहा है। नेपाल में आई बाढ़ के कारण सामान से लदे वाहनों को आगे जाने से रोक दिया गया था, जिससे सोनौली सीमा पर वाहनों की 13 किमी लंबी कतार लग गई थी। अब नई व्यवस्था के तहत जहां तक मार्ग चालू है, वहां तक सामान लदे वाहनों को जाने दिया जा रहा है।
उसके बाद छोटे वाहनों से सामान को गंतव्य स्थान के लिए ले जाया जा रहा है। बुधवार को भैरहवा भंसार कार्यालय को रात एक बजे तक खोलकर 516 वाहनों की निकासी कराई गई थी। गुरुवार को 357 और शुक्रवार को 315 मालवाहक नेपाल रवाना हुए। लगातार निकासी से सोनौली सीमा पर वाहनों की कतार अब घटकर लगभग छह किलोमीटर रह गई है।
नेपाल के रसुवा सीमा क्षेत्र में आई त्रासदी के बाद चीन से सीधे नेपाल जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके चलते सीटीडी (कस्टम ट्रांजिट दस्तावेज) से जुड़े सामान का रास्ता बदल गया है। अब रसुवा सीमा से सीधे नेपाल जाने के बजाय चीन का सामान भारत के कोलकाता पोर्ट पहुंच रहा है। वहां से सीटीडी प्रक्रिया के तहत मालवाहक सोनौली सीमा के रास्ते नेपाल भेजे जा रहे हैं।
पिछले दो दिनों में 20 सीटीडी वाहन सोनौली के रास्ते नेपाल गए हैं। सीमा पर सीटीडी की सील और दस्तावेजों की जांच के बाद वाहनों को आगे जाने दिया जा रहा है। नेपाल के काठमांडू, पोखरा समेत कई प्रमुख मार्गों पर यातायात अभी सामान्य नहीं है।
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त्रिशूली और भोटेकोशी नदी क्षेत्र में सड़क व पुल क्षतिग्रस्त होने से माल की आवाजाही प्रभावित है। इसके बावजूद वैकल्पिक मार्ग के रूप में सोनौली से माल की आवाजाही बढ़ी है। छोटे वाहनों को हेतौंडा होते हुए काठमांडू भेजा जा रहा है। कस्टम अधीक्षक संजय मिश्रा ने बताया कि अतिरिक्त समय तक भंसार कार्यालय संचालित होने से वाहनों की निकासी तेज हुई है। शीघ्र ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
