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आधी रात अस्पताल पहुंचे डीएम गौरव सिंह सोगरवाल, ड्यूटी रजिस्टर देखते ही चढ़ा अफसर का पारा, मची खलबली

Published: Tue, 06 Oct 2026 01:17 PM (IST)

डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने देर रात महराजगंज जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहां उन्होंने मरीजों से सीधा फीडबैक लिया और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया।

जिला संयुक्त चिकित्सालय महराजगंज में रजिस्टरों की जांच करते जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल। सौ. सूचना विभाग

जिला संयुक्त चिकित्सालय महराजगंज में रजिस्टरों की जांच करते जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल। सौ. सूचना विभाग

HighLights

  1. डीएम ने देर रात जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।

  2. मरीजों से सीधा फीडबैक लिया और खामियों पर जताई नाराजगी।

  3. अनुपस्थित डॉक्टरों व गार्डों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जागरण संवाददाता, महराजगंज। स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने सोमवार की देर रात जिला संयुक्त चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। वह बिना किसी प्रोटोकाल और पूर्व सूचना के सामान्य व्यक्ति के रूप में अस्पताल पहुंचे। उन्होंने रोगियों को मिल रहे उपचार, चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता तथा रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया।

अस्पताल पहुंचते ही डीएम ने रोगियों और उनके तीमारदारों से सीधे बातचीत कर उपचार व्यवस्था, चिकित्सकों की उपलब्धता, दवाओं और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी पूछा कि इलाज अथवा किसी सुविधा के लिए किसी ने उनसे अतिरिक्त पैसे तो नहीं मांगे। मरीजों व तीमारदारों ने ऐसी किसी मांग से इनकार किया।

अनुपस्थित डॉक्टरों पर कार्रवाई के निर्देश

इसके बाद उन्होंने आपातकालीन कक्ष, प्रसव कक्ष, प्रसव पश्चात कक्ष, फार्मेसी समेत विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण किया। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर श्वेतांशु शाही और शालिनी वर्मा अनुपस्थित मिलीं।

डीएम ने नाराजगी जताते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.के. द्विवेदी को दोनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। महिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर तैनात गार्ड भी अनुपस्थित मिले, जिनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

डीएम ने प्रसव, पोषण और रेफरल पंजिका सहित विभिन्न अभिलेखों की जांच की। कुछ पंजिकाएं निर्धारित तरीके से भरी नहीं मिलीं। इस पर स्टाफ नर्सों को चेतावनी देते हुए सभी रजिस्टर सही एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए।

जारी रहेगी अस्पताल की औचक जांच 

उन्होंने प्रोजेक्ट पहचान की जानकारी लेते हुए कहा कि विकासात्मक बाधा और अस्थायी दिव्यांगता वाले बच्चों की समय से पहचान, जांच और उपचार में स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बच्चों से संबंधित रजिस्टर व्यवस्थित रखने और उनकी समस्या स्पष्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में स्टाफ नर्स अर्चना सिंह, अर्चना पाण्डेय और अनुराधा गुप्ता मौजूद रहीं।

डीएम ने अस्पताल की साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, स्टाफ की उपस्थिति और विभिन्न वार्डों की व्यवस्था भी देखी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मरीज सम्मान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का अधिकारी है। 

लापरवाही, उदासीनता या असंवेदनशीलता स्वीकार नहीं होगी। अस्पतालों की नियमित औचक जांच जारी रहेगी और कमियां मिलने पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.के. द्विवेदी मौजूद रहे।

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