यूपी में कस्तूरबा विद्यालय के शिक्षकों का बढ़ेगा मानदेय, हाई कोर्ट ने सरकार को दिया आदेश
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के संविदा शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
हाई कोर्ट ने कस्तूरबा शिक्षकों को नियमित करने का दिया आदेश।
शिक्षकों का मानदेय बढ़कर अब 17,000 रुपये प्रतिमाह होगा।
महराजगंज के शिक्षकों को भी मिलेगा 4,210 रुपये का अतिरिक्त लाभ।
जागरण संवाददाता, महराजगंज। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में वर्षों से संविदा पर कार्यरत शिक्षकों को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ के फैसले से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। न्यायालय ने प्रदेश सरकार को चार माह के भीतर शिक्षकों के पद स्वीकृत अथवा सृजित करने और उनकी सेवा शर्तें नियमित शिक्षकों के समान करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन शिक्षकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने का आदेश दिया है।
इस फैसले से महराजगंज जिले के कस्तूरबा विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। जिले में कुल 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। इनमें 65 पूर्णकालिक शिक्षक तैनात हैं।
वहीं, अंशकालिक शिक्षकों के 39 पद स्वीकृत हैं, जिनमें वर्तमान में 32 पर तैनाती है और सात पद रिक्त हैं। इसके अलावा विद्यालयों में 13 चौकीदार, 13 चपरासी और 39 रसोइयों की भी तैनाती है।
जिले में कार्यरत अंशकालिक शिक्षकों को अभी तक 12,790 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार मानदेय बढ़कर 17 हजार रुपये होने पर उन्हें प्रतिमाह 4,210 रुपये की अतिरिक्त राहत मिलेगी। शिक्षकों की लंबे समय से मानदेय वृद्धि, सेवा सुरक्षा और नियमितीकरण की मांग रही है। संविदा पर काम करने के कारण उन्हें सेवा की स्थिरता और भविष्य को लेकर भी चिंता बनी रहती है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह ने बताया कि अंशकालिक शिक्षकों का मानदेय बढ़ाए जाने संबंधी हाई कोर्ट के आदेश की जानकारी है। हालांकि, अभी विभागीय स्तर से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। शासन से निर्देश मिलने पर उसका अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।